कंट्री स्ट्रेटेजिक अपॉर्चुनिटीज प्रोग्राम (COSOP), अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के नेतृत्व वाला एक फ्रेमवर्क है। इसका उद्देश्य सकारात्मक पहलों के माध्यम से गरीबी को कम करना है। इसे भारत में 2026-2033 की अवधि के लिए लागू किया जाएगा।
भारत के लिए ‘COSOP 2026-2033’ के बारे में
- उद्देश्य: ग्रामीण आय को बढ़ाना, लोगों में संकटों से निपटने की क्षमता बढ़ाना तथा पूरे भारत में सतत आजीविका के अवसरों का विस्तार करके गरीबी को कम करना।
- भारत में चरम गरीबी (एक्सट्रीम पॉवर्टी) दर 2004 की 40 प्रतिशत से घटकर 2022 में 2.3 प्रतिशत रह गई। हालांकि, अभी भी देश की 11 प्रतिशत आबादी बहुआयामी गरीबी का सामना कर रही है।
- रणनीतिक लक्ष्य: विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के भीतर व्यापक ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करना और लचीलेपन (resilience) का निर्माण करना।
इस कंट्री स्ट्रेटेजिक कार्यक्रम के निम्नलिखित दो रणनीतिक उद्देश्य हैं:
- रणनीतिक उद्देश्य 1: भारत के गरीबी-मुक्त गांवों के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण समुदायों की सामाजिक, आर्थिक और जलवायु संबंधी अनुकूलता को सुदृढ़ करना।
- रणनीतिक उद्देश्य 2: सुदृढ़ ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से विभिन्न उपायों के प्रदर्शन, दृश्यता और विस्तार क्षमता (स्केलेबिलिटी) को बढ़ाना।
- लक्षित समूह:
- भौगोलिक क्षेत्र: अधिक गरीब और जलवायु संकट झेल रहे हिमालयी राज्य, विशेष रूप से 10 सबसे गरीब राज्य और 112 आकांक्षी जिले।
- गरीबी के आधार पर लक्षित: गरीबी रेखा से नीचे के परिवार, लघु/सीमांत किसान, भूमिहीन लोग, मछुआरे, महिला-प्रधान परिवार, युवा और दिव्यांगजन।
- सामाजिक समूह: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), चरवाहे, मछुआरे और वनों पर निर्भर समुदाय।
अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के बारे में
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