हाल ही में, गूगल ने 'इन्फॉर्मेशन एजेंट्स' का अनावरण किया है, जो वेब की निगरानी के लिए सर्च में निर्मित एक फीचर है।
- गूगल के अतिरिक्त माइक्रोसॉफ्ट और मेटा भी इस पर कार्य कर रहे हैं।
इन्फॉर्मेशन एजेंट्स (IA) के बारे में
- यह ऐसे निरंतर पृष्ठभूमि में काम करने वाली प्रणालियां हैं, जो उपयोगकर्ता की ओर से वेब, सोशल मीडिया, समाचार स्रोतों, वित्तीय डेटा और रियल-टाइम सूचनाओं को लगातार स्कैन करती रहती हैं और कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर अलर्ट देती हैं।
- प्रमुख चिंताएं: इस प्रकार की एजेंटिक सुविधा अधिक मात्रा में उपयोगकर्ता डेटा मिलने पर ही बेहतर कार्य करती है; यह उपयोगकर्ता डेटा का उपयोग विज्ञापन तकनीक उद्योग के लिए कर सकती है; इंटरनेट पर स्वचालित ट्रैफिक को बढ़ा सकती है आदि।
परमाणु हथियार अप्रसार संधि (NPT) के पक्षकारों का 11वां समीक्षा सम्मेलन बिना किसी सर्वसम्मत परिणामी दस्तावेज़ पर समझौते के समाप्त हो गया।
NPT के बारे में
- यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है। इसका उद्देश्य परमाणु हथियारों और हथियार प्रौद्योगिकी के प्रसार को रोकना, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना और परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।
- यह संधि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की जिम्मेदारी के तहत एक सुरक्षा उपाय प्रणाली स्थापित करती है।
- सुरक्षा उपायों का उपयोग IAEA द्वारा किए जाने वाले निरीक्षणों के माध्यम से संधि के अनुपालन को सत्यापित करने के लिए किया जाता है।
- यह संधि बाध्यकारी प्रकृति की है।
- इस संधि पर 1968 में हस्ताक्षर आरंभ हुआ और यह 1970 में लागू हुई थी।
- पक्षकार: 191 (परमाणु-हथियार संपन्न पांच देशों; संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस सहित)। भारत, NPT का पक्षकार नहीं है।
हाल ही में, ऑयल इंडिया लिमिटेड ने राजस्थान में एक नए प्राकृतिक गैस निक्षेप की खोज की है।
- यह खोज डांडेवाला क्षेत्र के 'सानू फॉर्मेशन' में गैस की पहली बार उपस्थिति की पुष्टि करती है।
प्राकृतिक गैस के बारे में
- संरचना: इसका मुख्य घटक मीथेन (CH₄) होता है, जिसमें आंशिक मात्रा में प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ (NGLs) और गैर-हाइड्रोकार्बन गैसें जैसे- CO₂ और जल वाष्प भी पाई जाती है।
- भारत में अनुमानित भंडार: लगभग 1,000 बिलियन क्यूबिक मीटर, जिसमें सबसे बड़ा भंडार पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में है, जिसके बाद पूर्वी अपतटीय क्षेत्र का स्थान आता है।
हाल ही में चीन के तट रक्षक जहाज को दक्षिण चीन सागर के शीर्ष पर ताइवान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रतास द्वीप के पास देखा गया था।
प्रतास द्वीप के बारे में
- इसे डोंगशा द्वीप के रूप में भी जाना जाता है। यह दक्षिण चीन सागर में स्थित एक कोरल एटोल (मूंगा द्वीपवलय) बनाने वाले तीन द्वीपों का एक छोटा समूह है। यह ताइवान द्वारा शासित है।
- इसकी एक प्रमुख विशेषता गोलाकार एटोल संरचना है, जिसमें डोंगशा द्वीप समुद्र जल सतह से ऊपर एकमात्र द्वीप है, जबकि अन्य दो (नॉर्थ वेरेकर बैंक और साउथ वेरेकर बैंक) जलमग्न हैं।
- यह चीन और ताइवान के बीच एक विवादित स्थल है।
- दक्षिण चीन सागर के अन्य द्वीप: स्प्रैटली द्वीप समूह, पार्सल द्वीप समूह और स्कारबोरो शोल।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी आदिवासी समुदायों को समान नागरिक संहिता (UCC) के दायरे से बाहर रखने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे उनके प्रथागत अधिकारों और सांस्कृतिक परंपराओं की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
समान नागरिक संहिता के बारे में
- इसका उद्देश्य धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों (पर्सनल लॉ) की जगह एक समान कानून लागू करना है, जो धर्म, जाति, पंथ, लिंग या यौन अभिविन्यास की परवाह किए बिना सभी पर समान रूप से लागू हो।
- संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 44 (राज्य की नीति के निदेशक तत्व (भाग IV)) यह प्रावधान करता है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।
- वर्तमान स्थिति: देशव्यापी स्तर पर इसका कोई कार्यान्वयन नहीं है, बल्कि यह केवल कुछ राज्यों में ही लागू है। जैसे- गुजरात, उत्तराखंड (स्वतंत्र भारत में पहला राज्य) और गोवा।
- गोवा पुर्तगाली नागरिक संहिता पर आधारित एक प्रकार की सामान्य नागरिक संहिता का पालन करता है।
Article Sources
1 sourceभारत का शीत-जल मात्स्यिकी (Cold Water Fisheries) क्षेत्र देश की नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकॉनमी) के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रहा है।
शीत-जल मात्स्यिकी के बारे में
- शीत-जल मात्स्यिकी से आशय अधिक ऊंचाई पर हिम से पोषित नदियों, जल धाराओं, झीलों और जलाशयों में मछली पालन है।
- मुख्य क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश आदि। साथ ही पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के पहाड़ी जिलों में भी शीत-जल मात्स्यिकी की जा रही है।
- वर्तमान स्थिति: भारत में अंतर्देशीय मछली उत्पादन में यह क्षेत्रक लगभग 3% का योगदान देता है।
- शीत-जल मछलियों की मुख्य प्रजातियां: महाशीर, स्नो ट्राउट और इंडियन हिल ट्राउट।
- सरकारी पहलें: इस क्षेत्रक को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मात्स्यिकी और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) जैसी पहलों के तहत सहायता प्रदान की जाती है।
हाल ही में नीति आयोग द्वारा उच्चाधिकार प्राप्त 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' पर स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित की गई थी।
समिति के बारे में
- गठन: केंद्रीय बजट 2026-27 में इसके गठन का प्रस्ताव किया गया था।
- उद्देश्य: शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को उभरते आर्थिक अवसरों के अनुरूप बनाकर वर्ष 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में भारत की 10% हिस्सेदारी प्राप्त करने में सहायता करना।
- संरचना: इसकी अध्यक्षता नीति आयोग के CEO द्वारा की जाती है, और इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों तथा अन्य विशेषज्ञों का प्रतिनिधित्व भी शामिल है।