SIPRI ने 'बहुपक्षीय शांति अभियानों में विकास और रुझान, 2025' शीर्षक से फैक्टशीट जारी की | Current Affairs | Vision IAS

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स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा जारी फैक्टशीट में शांति स्थापना अभियानों के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित किया गया है।

शांति स्थापना अभियानों के समक्ष प्रमुख चुनौतियां:

  • वित्तपोषण की कमी: संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे दानदाताओं द्वारा अंशदान का भुगतान न करने के कारण संयुक्त राष्ट्र  को 2 अरब डॉलर के वित्तपोषण की कमी का सामना करना पड़ा। इससे शांति-स्थापना कर्मियों की संख्या में भारी कटौती करनी पड़ी।
  • भू-राजनीतिक गतिरोध: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो की धमकियों के कारण अभियानों के अधिदेश (mandate) का नवीनीकरण जटिल हो गया है। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) जैसे मिशनों को समाप्त करने के लिए दबाव डाल रहा है।
  • क्षेत्रीय मिशनों के वित्तपोषण को किसी अन्य उद्देश्यों में लगाना: उदाहरण के लिए, यूरोपीय संघ (EU) अपनी 'यूरोपीय शांति सुविधा' (EPF) के वित्तपोषण को अफ्रीका से हटाकर यूक्रेन और पश्चिम एशिया की ओर मोड़ रहा है।
  • तदर्थ हस्तक्षेपों का उदय: उदाहरण के लिए, UAE जैसी मध्यम शक्तियां द्विपक्षीय सैन्य समझौतों का उपयोग कर रही हैं, जो दीर्घकालिक संघर्ष-समाधान के बजाय अल्पकालिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
  • ग्लोबल साउथ पर असमान बोझ: शांति स्थापना अभियानों में सैनिक और पुलिस बल भेजने वाले शीर्ष 10 देश ग्लोबल साउथ से हैं। इनमें भारत भी शामिल है। 
  • शांति-स्थापना कर्मियों की तैनाती में ऐतिहासिक गिरावट: वर्ष 2025 में 34 देशों में 58 सक्रिय शांति मिशन चल रहे थे, जो 2016 के बाद पहली बार 60 से नीचे पहुंच गए।
    • शांति स्थापना अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए पूर्वानुमान के आधार पर वित्तपोषण, विकसित देशों द्वारा अधिक जिम्मेदारी साझा करना, और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय संगठनों के साथ मजबूत सहयोग की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के बारे में:

  • शुरुआत: इसकी शुरुआत 1948 में मध्य पूर्व में 'संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम पर्यवेक्षण संगठन' (UNTSO) की स्थापना के साथ हुई थी।
  • शांति स्थापना के सिद्धांत: संघर्ष के पक्षकारों की सहमति, निष्पक्षता, तथा आत्मरक्षा व अधिदेश (मैंडेट) की रक्षा के अलावा बल का प्रयोग न करना।
  • तैनाती: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा संघर्ष विराम और शांति समझौतों के क्रियान्वयन के लिए शांति स्थापना मिशनों को तैनात किया जाता है।
  • प्रमुख शांति स्थापना मिशन:
    • UNMISET (पूर्वी तिमोर में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन): 2002 से 2005 तक संचालित।
    • MINUSTAH (हैती में संयुक्त राष्ट्र स्थिरीकरण मिशन): 2004 से 2017 तक संचालित।
    • MINURCAT (मध्य अफ्रीकी गणराज्य और चाड में संयुक्त राष्ट्र मिशन): 2007 से 2010 तक संचालित।
    • UNMIL (लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन): 2003 से 2018 तक संचालित।
    • UNMOGIP (भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह): 1949 में शुरू हुआ।
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UNMOGIP

United Nations Military Observer Group in India and Pakistan. Established in 1949 to supervise the ceasefire line in Jammu and Kashmir, it is one of the UN's oldest peacekeeping operations.

UNMIL

United Nations Mission in Liberia. A UN peacekeeping mission established in 2003 to help restore peace and security in Liberia following years of civil war, and to support the political transition and rebuilding of the country. It concluded in 2018.

MINURCAT

United Nations Mission in the Central African Republic and Chad. A UN peacekeeping mission established in 2007 to provide security and protection to civilians in eastern Chad and northeastern Central African Republic, and to facilitate the delivery of humanitarian assistance. It concluded in 2010.

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