‘सार्थक-पीडीएस’ से आशय है; “राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता - सार्वजनिक वितरण में स्वचालन के साथ आय योजना” (Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS: SARTHAK-PDS)।
- यह योजना निम्नलिखित दो पुरानी योजनाओं को मिलाकर बनाई गई है:
- NFSA के तहत खाद्यान्नों के अंतरराज्यीय आवागमन और FPS डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता, और
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजना (SMART PDS)।
सार्थक-PDS के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

- योजना-अवधि: 31 मार्च, 2031 तक (16वें वित्त आयोग के कार्यकाल तक)।
- बजट: अगले पांच वर्षों के लिए ₹25,530 करोड़ का आवंटन।
- लाभार्थी: इसका लाभ 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम' (NFSA) के लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा।
- मुख्य विशेषताएं:
- वितरण नेटवर्क की वास्तविक समय में निगरानी के लिए एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस, AI आधारित विश्लेषण डैशबोर्ड, स्वचालित शिकायत निवारण प्रणाली आदि का उपयोग किया जाएगा।
- पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मानकीकृत डिजिटल प्रक्रियाएं और ISO प्रमाणित प्रोटोकॉल अपनाए जाएंगे।
- उद्देश्य:
- राज्य के भीतर अनाज के परिवहन, भंडारण/प्रबंधन और उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के मार्जिन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- अंतिम छोर तक बेहतर वितरण सुनिश्चित करने और रिसाव (लीकेज) कम करने के लिए एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और आपस में जुड़ी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) विकसित करना।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) क्या है?
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) के अंतर्गत पात्रता:
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY) में सूचीबद्ध प्रत्येक परिवार को प्रत्येक माह 35 किलो राशन मिलता है।
- प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): इनके प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन मिलता है।
- मंत्रालय: यह प्रणाली केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
- संयुक्त संचालन :
- केंद्र सरकार: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से अनाज खरीदना, उसे भंडारित करना और राज्यों तक थोक में पहुँचाना।
- राज्य सरकार: राज्य के भीतर राशन का वितरण करना, सही लाभार्थियों की पहचान करना, राशन कार्ड जारी करना और उचित मूल्य की दुकानों (राशन की दुकानों) का पर्यवेक्षण करना जैसे संचालकीय कार्य।