केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना, 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
PMRC योजना के बारे में
- यह देश की अनुसंधान और नवाचार प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है।
- उद्देश्य: विश्व भर से भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और पेशेवरों को आकर्षित करना और उन्हें जोड़ना।
- इसके तहत विश्व के अनुभवी विशेषज्ञों को प्रमुख भारतीय उच्चतर अनुसंधान संस्थानों में नियुक्ति की जाती है।
- पात्रता: युवा रिसर्च फेलो (PhD के बाद 0-5 वर्ष), सीनियर फेलो (PhD के बाद 5-10 वर्ष), और रिसर्च चेयर (प्रदर्शित अनुसंधान नेतृत्व के साथ PhD के बाद 10+ वर्ष)।
- मेजबान संस्थान: शीर्ष 100 (NIRF समग्र/ इंजीनियरिंग सूची) या शीर्ष 50 (अनुसंधान) में स्थान पाने वाले सरकार के उच्चतर शिक्षा संस्थान (HEIs) ।
लक्षद्वीप में कदमत द्वीप के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में विशाल 'पोटैटो कोरल पैच' की खोज की गई।
पोटैटो पैच कोरल कॉलोनी (पावोना क्लैवस) के बारे में
- यह लगभग 4,250 वर्ग मीटर (1.05 एकड़) क्षेत्र में विस्तृत है, जो संभवतः विश्व की सबसे बड़ी जीवित पावोना क्लैवस कॉलोनी है।
- वैज्ञानिक महत्व: यह प्रवाल की दीर्घायु, जलवायु अनुकूलन, और पुरातन समुद्री दशाओं के अध्ययन के लिए एक प्राकृतिक टाइम कैप्सूल के रूप में कार्य करती है।
हाल ही में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) में पहली बार येलो-थ्रोटेड मार्टन को दर्ज किया गया।
येलो-थ्रोटेड मार्टन (मार्टेस फ़्लैविगुला) के बारे में
- यह मांसाहारी स्तनपायियों के समूह, मस्टेलिड कुल का एक दिनचर और वृक्षवासी जीव है।
- विशेषताएं: सुनहरे-पीले रंग का गला, लंबी पूंछ, और सुरक्षा हेतु गंध छोड़ने वाली रक्षा ग्रंथियां।
- व्यवहार: निडर, अत्यधिक सामाजिक, और प्रायः युग्मों या छोटे समूहों में शिकार करता है।
- पारिस्थितिकी में भूमिका: यह एक मध्य स्तरीय-शिकारी के रूप में कार्य करता है, कृंतक जीवों की आबादी को नियंत्रित करता है, और बीजों के फैलाव में सहायता करता है।
- प्राप्ति क्षेत्र: यह दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी रूस, चीन और कोरियाई प्रायद्वीप में पाया जाता है; भारत में यह मुख्य रूप से हिमालय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पाया जाता है।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN लाल सूची: लीस्ट कंसर्न;
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची II
- खतरे: पर्यावासों का विखंडन, निर्वनीकरण, और मानव द्वारा अतिक्रमण।
बांग्लादेश ने पद्मा बैराज परियोजना को मंजूरी प्रदान की।
पद्मा बैराज के बारे में
- अवस्थिति: यह पद्मा नदी पर प्रस्तावित है, जो बांग्लादेश में गंगा नदी की एक शाखा है।
- पद्मा नदी, भारत से बांग्लादेश में प्रवेश करने के बाद गंगा नदी की मुख्य शाखा है।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य जल सुरक्षा सुनिश्चित करना और दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश में सूखे जैसी परिस्थितियों को कम करना है, जो फरक्का बैराज के कारण नदी के प्रवाह में कमी से जुड़ी मानी जाती हैं।
नेपाल के प्रधान मंत्री ने कुछ भारतीय क्षेत्रों पर अतिक्रमण को स्वीकार किया।
भारत-नेपाल सीमा के बारे में
- सीमा की लंबाई: भारत-नेपाल सीमा 1,751 किलोमीटर तक विस्तृत है।
- सीमा: 5 भारतीय राज्यों (सिक्किम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार) से मिलती हैं।
- मेची पुल भारत के पानीटंकी बाईपास (पश्चिम बंगाल) को नेपाल के काकड़भिट्टा से जोड़ता है।
विवादित सीमा क्षेत्र
- पश्चिम: कालापानी-लिम्पियाधुरा-लिपुलेख ट्राई जंक्शन (उत्तराखंड)
- कालापानी: यह भारत-नेपाल-चीन ट्राई जंक्शन के निकट स्थित है, जो इसे सामरिक महत्व प्रदान करता है।
- लिम्पियाधुरा: कालापानी के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। सुगौली की संधि के तहत नेपाल द्वारा इसे काली (महाकाली) नदी का वास्तविक उद्गम स्रोत होने का दावा किया जाता है।
- लिपुलेख: यह एक महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रा भी है। इसका उपयोग तिब्बत में कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों द्वारा किया जाता है।
- पूर्व: सुस्ता क्षेत्र (बिहार)।
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में कार्यरत भारतीय शांति स्थापना सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना (ब्लू हेलमेट) के बारे में
- उद्भव: इसकी शुरुआत 1948 में हुई थी जब संयुक्त राष्ट्र ने पश्चिम एशिया में युद्ध-विराम समझौते की निगरानी के लिए सैन्य पर्यवेक्षकों को तैनात किया था।
- इन्हें 'ब्लू हेलमेट' भी कहा जाता है, क्योंकि वे विश्व भर में शांति स्थापना अभियानों के दौरान नीले रंग के हेलमेट पहनते हैं।
- तैनाती प्रणाली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा एक संकल्प पारित करके।
- शांति स्थापना के सिद्धांत: यह संबंधित पक्षकारों की सहमति, निष्पक्षता, बल के उपयोग की मनाही (आत्मरक्षार्थ की स्थिति को छोड़कर) और अधिदेश (मैंडेट) की रक्षा के सिंद्धांत पर आधारित है।
- संयुक्त राष्ट्र का शांति अभियान विभाग (DPO) शांति अभियानों को राजनीतिक और कार्यकारी दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
अमेरिका के बोस्टन और रोड आइलैंड के आसमान में उल्कापिंड के प्रस्फोट से रोशनी छा गई, जहाँ बोलाइड्स परिघटना का अनुभव किया गया।
बोलाइड्स (Bolides) के बारे में
- बोलाइड: यह एक अत्यंत चमकीला उल्का या फायरबॉल होता है, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद प्रस्फोट कर जाता है। इसके कारण तीव्र प्रकाश चमकता है और अक्सर पृथ्वी तक पहुँचने से पहले ध्वनि प्रस्फोट (सोनिक बूम) भी सुनाई देता है।
- उल्काभ (Meteoroid): सूर्य की परिक्रमा करने वाला क्षुद्रग्रह/धूमकेतु का छोटा टुकड़ा।
- उल्का (Meteor): पृथ्वी के वायुमंडल में उल्काभ के प्रवेश करने पर उत्पन्न होने वाली दृश्यमान प्रकाश-रेखा (टूटता तारा)।
- उल्कापिंड (Meteorite): उल्काभ का वह टुकड़ा जो वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद भी बच जाता है और धरातल तक पहुँच जाता है।
- प्रभाव: यह आसमान में तीव्र चमक, तीव्र ध्वनि, और प्रघाती तरंगें आदि उत्पन्न कर सकता है।
इजराइल ने 2006 के बाद पहली बार लितानी नदी को पार करके दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियानों का विस्तार किया है। यह नदी लंबे समय से एक वास्तविक (De-facto) सीमा रेखा के रूप में मानी जाती रही है।
- इजराइल ने ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा कर लिया है।
- ब्यूफोर्ट किला 12वीं शताब्दी का एक क्रूसेडर किला है, जो नबातियेह के पास स्थित है और लितानी नदी के ऊपर एक ऊँचे स्थान पर बना हुआ है।
भारत ने स्वदेशी रुद्रम-II मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।
रुद्रम-II के बारे में
- यह हवा से सतह पर मार करने वाली एक स्वदेशी मिसाइल है। इसे हवा में स्थित एक प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जाता है।
- विकासकर्ता: रिसर्च सेंटर इमारत (RCI), हैदराबाद जो कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एक नोडल प्रयोगशाला है, तथा अन्य संगठन।
- महत्व: यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करती है और उन्नत हथियार प्रणालियों में 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देती है।