इस मिशन में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपनाकर मूगा रेशम (Muga Silk) की पूरी मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है।
- यह मिशन असम सरकार, केंद्रीय रेशम बोर्ड तथा अन्य संबंधित हितधारकों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
मिशन स्नेहजोरी के बारे में:
- उद्देश्य: असम के विशिष्ट मूगा रेशम क्षेत्रक को होस्ट-पौधों की खेती, रेशमकीट बीज उत्पादन, रीलिंग, बुनाई, ब्रांडिंग, निर्यात संवर्धन, डिजिटल ट्रेसेब्लिटी और पर्यटन के माध्यम से उच्च-मूल्य वाली लग्जरी वस्त्र प्रणाली में बदलना।
- 2028 तक के लक्ष्य: 5 आधुनिक मूगा रीलिंग इकाइयों और एक मूगा स्पन मिल की स्थापना, 30 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का गठन, आदि।
मूगा रेशम के बारे में:
- यह रेशम की 5 प्रमुख प्राकृतिक किस्मों में से एक है। भारत इन पांचों किस्मों का उत्पादन करता है।
- रेशम (सिल्क) एक प्राकृतिक प्रोटीन फाइबर है। यह रेशम के कीड़ों, मुख्य रूप से बॉम्बिक्स मोरी प्रजाति द्वारा उत्पादित होता है।
- विशिष्ट पहचान: मूगा रेशम विश्व का एकमात्र प्राकृतिक सुनहरा रेशम है। यह भारत का पहला GI-टैग प्राप्त रेशम (2007) है।
- उत्पादन: असम में विश्व के 90 प्रतिशत मूगा रेशम का उत्पादन होता है।
- रेशम का कीड़ा: यह अर्ध-पालतू 'मल्टीवोल्टाइन' रेशम कीट, एंथेरिया असमेंसिस से प्राप्त होता है।
- ये कीड़ें सोम और सोआलू पौधों की सुगंधित पत्तियों को खाते है और इन्हें टसर रेशम के कीड़ों की तरह ही पेड़ों पर पाला जाता है।
रेशम के अन्य प्रकार:
|