'मेजोराना 2' माइक्रोसॉफ्ट की अगली पीढ़ी की टोपोलॉजिकल क्वांटम चिप है। इसे कंपनी के अपने 'माइक्रोसॉफ्ट डिस्कवरी' एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म की मदद से विकसित किया गया है।
- यह चिप क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह उपलब्धि क्वांटम कंप्यूटिंग की विश्वसनीयता, गति और आकार से जुड़ी प्रमुख बाधाओं को दूर करती है।
- एजेंटिक AI ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली है जो न्यूनतम इंसानी हस्तक्षेप के साथ स्वयं योजना बना सकती है, निर्णय ले सकती है, कार्य को पूरा कर सकती है और अपने कार्यों में सुधार भी कर सकती है।
मेजोराना 2 की मुख्य विशेषताएं
- उच्च विश्वसनीयता: यह 'मेजोराना 1' की तुलना में लगभग 1,000 गुना अधिक विश्वसनीय है।
- लंबे समय तक निरंतरता: इसके क्यूबिट औसतन लगभग 20 सेकंड तक अपनी क्वांटम अवस्था बनाए रख सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह समय 1 मिनट से भी अधिक हो सकता है।
- उन्नत सामग्री संरचना: बेहतर स्थिरता और त्रुटि-प्रतिरोध के लिए इसमें एल्युमिनियम के स्थान पर सीसा आधारित टोपोलॉजिकल सुपरकंडक्टर का उपयोग किया गया है।
क्वांटम चिप क्या है?
- क्वांटम कंप्यूटिंग चिप एक क्वांटम कंप्यूटर का मुख्य हार्डवेयर घटक है। इसे क्वांटम जानकारी को संसाधित (प्रोसेस) करने और नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
- पारंपरिक कंप्यूटिंग चिप्स में जानकारी की मूल इकाई ‘बिट’ होती है, जो एक समय में केवल 0 या 1 का मान रख सकती है। इसके विपरीत, क्वांटम कंप्यूटिंग चिप्स में क्वांटम बिट यानी क्यूबिट का उपयोग होता है, जो एक ही समय में 0 और 1, दोनों अवस्थाओं का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
- अन्य प्रमुख क्वांटम चिप्स: गूगल (विलो), IBM (कोंडोर/हेरोन), इंटेल (टनल फॉल्स), और अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) की (औसीलट), आदि।