अमेरिका, ओमान, नाइजीरिया और अंगोला से भारत के द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आयात में वृद्धि हुई। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण आपूर्ति में आई कमी की समस्या से निपटने में मदद मिली है।
- भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी आवश्यकता LNG आयात के माध्यम से पूरी करता है। इसमें से लगभग 60% LNG परंपरागत रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती है, मुख्यतः कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से।
LNG के बारे में
- LNG वह प्राकृतिक गैस है जिसे लगभग −162°C तक ठंडा करके द्रव में परिवर्तित किया जाता है, जिससे इसका भंडारण एवं परिवहन आसान हो जाता है।
- द्रवीकरण से प्राकृतिक गैस का आयतन लगभग 600 गुना कम हो जाता है, जिससे लंबी दूरी तक समुद्री परिवहन अधिक किफायती बन जाता है।
- LNG का मुख्य घटक मीथेन होता है तथा इसका परिवहन विशेष क्रायोजेनिक टैंकरों द्वारा किया जाता है।
- महत्व:
- LNG का उपयोग विद्युत उत्पादन, उद्योगों, परिवहन और घरेलू क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है।
- इसे एक स्वच्छ जीवाश्म ईंधन माना जाता है, क्योंकि यह कोयले और तेल की तुलना में कम कार्बन डाइऑक्साइड और वायु प्रदूषक उत्सर्जित करता है।
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1 sourceप्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना ने एक वर्ष पूरा किया। इस अवधि में 72 लाख से अधिक पहली बार काम करने वाले कर्मचारी औपचारिक कार्यबल में शामिल हुए।
PM-VBRY के बारे में
- संबद्ध मंत्रालय: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- कार्यान्वयन एजेंसी: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)
- शुरुआत: केंद्रीय बजट 2024–25 में प्रधानमंत्री रोजगार एवं कौशल पैकेज के अंतर्गत रोजगार से संबद्ध प्रोत्साहन (ELI) योजना के रूप में।
- उद्देश्य: प्रथम-बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को सहायता प्रदान करना तथा नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करके औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना।
- प्रमुख विशेषताएं:
- कुल परिव्यय: ₹99,446 करोड़; लक्ष्य: 2 वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां।
- अवधि: 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों को कवर करती है।
- दो घटक:
- भाग A: पात्र प्रथम-बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का प्रोत्साहन।
- भाग B: नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन (विनिर्माण क्षेत्रक के लिए 4 साल तक; अन्य क्षेत्रकों के लिए 2 साल तक)।
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1 sourceप्राकृतिक हीरों के खनन से जुड़ी पर्यावरणीय क्षति तथा नैतिक चिंताओं के कारण लैब-ग्रोन डायमंड (LGDs) को एक संधारणीय विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
लैब-ग्रोन डायमंड्स (LGDs) के बारे में
- लैब-ग्रोन डायमंड कृत्रिम रूप से प्रयोगशालाओं में निर्मित हीरे हैं, जिन्हें उन प्राकृतिक दशाओं का अनुकरण करके तैयार किया जाता है, जिनमें प्राकृतिक हीरों का निर्माण होता है।
- कच्चा माल: कार्बन स्रोत, जिसे डायमंड सीड क्रिस्टल पर निक्षेपित (Deposit) किया जाता है।
- निर्माण प्रक्रियाएं:
- उच्च दाब उच्च तापमान HPHT):
- इस तकनीक में पृथ्वी के मेंटल में विद्यमान उच्च दाब एवं उच्च तापमान की परिस्थितियों का कृत्रिम रूप से निर्माण किया जाता है, जिससे कार्बन का क्रिस्टलीकरण होकर हीरा बनता है।
- रासायनिक वाष्प निक्षेपण (CVD):
- इस तकनीक में कार्बन-समृद्ध गैसों (जैसे मीथेन) को निर्वात कक्ष (Vacuum Chamber) में आयनीकृत (Ionize) किया जाता है। इसके बाद कार्बन परमाणु डायमंड सीड पर परत-दर-परत निक्षेपित होते हैं, जिससे हीरे का निर्माण होता है।
- उच्च दाब उच्च तापमान HPHT):
प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, औषधियों तथा रासायनिक रूप से उपचारित जल के बढ़ते उपभोग के कारण नाइट्रोसामाइन्स के प्रभाव में इंसान के आने को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
नाइट्रोसामाइन्स के बारे में
- नाइट्रोसामाइन्स (या N-नाइट्रोसामाइन्स) रासायनिक यौगिकों का एक वर्ग है, जो अमाइन्स की नाइट्राइट अथवा नाइट्रेट के साथ ऊष्मा, अम्लीय pH या ऑक्सीकारक वातावरण जैसी दशाओं में अभिक्रिया करने पर बनता है।
- निर्माण: इनका निर्माण खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, खाना पकाने, जल के रोगाणुनाशन और मानव पेट के भीतर हो सकता है।
- स्वास्थ्य प्रभाव: लंबे समय तक प्रभाव में रहने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
- प्रमुख यौगिक: N-नाइट्रोसोडाइमेथाइलअमीन (NDMA) नाइट्रोसामाइन्स के सबसे शक्तिशाली यौगिकों में से एक है, जो जल तथा औषधियों में पाया जा सकता है।
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1 sourceएक तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में पाया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड–संशोधित ब्याज अनुदान योजना (KCC-MISS) ने कृषि उत्पादकता, आय के विविधीकरण तथा कम ब्याज दर वाली ऋण सुविधा तक किसानों की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया है।
KCC-MISS के बारे में
- संबद्ध मंत्रालय: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय;
- कवरेज: KCC के तहत अल्पकालिक फसल ऋण;
- KCC के अंतर्गत पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन के लिए भी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- ब्याज सहायता: KCC के तहत ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फसल ऋण पर बैंकों को 1.5% ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है।
- किसानों को यह ऋण 7% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध होता है। समय पर ऋण चुकाने पर 3% त्वरित पुनर्भुगतान प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर घटकर 4% रह जाती है।
- कार्यान्वयन: इस योजना का संचालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ढाँचे के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से किया जाता है।
- मुख्य ध्यान: किफायती ऋण, समय पर कृषि आदानों (इनपुट) का उपयोग और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना।
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1 sourceहाल ही में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A उन लिव-इन संबंधों, जो "विवाह की प्रकृति वाले संबंध" हैं, पर भी लागू होगी। इससे ऐसे मामलों में घरेलू क्रूरता के लिए अभियोजन चलाया जा सकेगा।
धारा 498A (भारतीय दंड संहिता, 1860) के बारे में
- मूल प्रावधान: IPC की धारा 498A पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा विवाहित महिला के प्रति की जाने वाली क्रूरता (शारीरिक या मानसिक क्रूरता और दहेज के लिए उत्पीड़न शामिल) को अपराध बनाती थी।
- अपराध की प्रकृति: यह अपराध संज्ञेय (Cognizable), गैर-जमानती, और गैर-समझौता-योग्य था।
- वर्तमान स्थिति: भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के लागू होने के बाद, इस प्रावधान को BNS की धारा 85 और 86 द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है, जो पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता को दंडित करना जारी रखती हैं।
लोकसभा ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया।
विधेयक के बारे में
- यह उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करता है और उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 का स्थान लेता है।
- उद्देश्य: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करना।
- आवश्यकता: उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों को कम करना।
- गौरतलब है कि वर्ष 2026 तक उच्चतम न्यायालय में 92,000 से अधिक मामले लंबित हैं।
भारत ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया।
विंडफॉल टैक्स के बारे में
- विंडफॉल टैक्स वह कर है, जिसे सरकार उन उद्योगों पर लगाती है, जिन्हें अनुकूल आर्थिक परिस्थितियों के कारण सामान्य से कहीं अधिक (असाधारण) लाभ प्राप्त होता है।
- उद्देश्य: किसी विशेष क्षेत्र में अर्जित अतिरिक्त (अप्रत्याशित) लाभ का एक हिस्सा कर के रूप में प्राप्त कर उसे व्यापक सामाजिक कल्याण के लिए उपयोग करना।
- औचित्य: सरकार का तर्क है कि ऐसे असाधारण लाभ केवल संबंधित कंपनी के व्यावसायिक प्रयासों का परिणाम नहीं होते, बल्कि बाह्य कारकों—जैसे वैश्विक कीमतों में वृद्धि, भू-राजनीतिक घटनाएँ अथवा बाजार की असामान्य परिस्थितियां—के कारण भी प्राप्त होते हैं। इसलिए इन अतिरिक्त लाभों पर विशेष कर (Windfall Tax) लगाना उचित माना जाता है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने अक्टूबर 2027 से चरणबद्ध तरीके से सभी नए वाहनों में वाहन-से-वाहन (Vehicle-to-Vehicle-V2V) संचार प्रणाली को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव दिया है, ताकि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सके।
V2V संचार के बारे में
- V2V संचार एक वायरलेस संचार तकनीक है, जो वाहनों को एक-दूसरे के साथ सीधे वास्तविक समय में सूचना का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाती है।
- यह व्हीकुलर एड-हॉक नेटवर्क (VANETs) का एक प्रमुख घटक है।
- V2V प्रणाली लघु से मध्यम दूरी तक संचार में मदद करती है। मल्टी-हॉप संचार के माध्यम से इसकी कवरेज को और बढ़ाया जा सकता है।
- प्रौद्योगिकियां: यह प्रणाली समर्पित कम दूरी के संचार (DSRC), सेलुलर नेटवर्क (4G/5G), वाई-फाई, और वाईमैक्स (WiMAX) जैसी तकनीकों का उपयोग करती है।
- महत्व: यह संचार प्रणाली:
- वाहनों के बीच गति, अवस्थिति, दिशा, ब्रेक लगाने की स्थिति तथा सड़क पर मौजूद खतरों जैसी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव बनाता है। सड़क सुरक्षा में सुधार करती है।
- यातायात प्रबंधन एवं दक्षता को बढ़ाती है।
- वाहनों की टक्कर से बचाव में सहायता करती है।
- बुद्धिमत्ता परिवहन प्रणाली (Intelligent Transportation Systems-ITS) के विकास एवं प्रभावी संचालन को प्रोत्साहित करती है।