संसद को दी गई जानकारी के अनुसार भारत ने लगभग सार्वभौमिक (यूनिवर्सल) बैंकिंग कवरेज प्राप्त कर लिया है। अब देश के 99% से अधिक आबाद गांवों तक औपचारिक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो चुकी है।
वर्तमान स्थिति
- 99.92% आबाद गांवों (6,01,328 में से 6,00,868 गाँव) के 5 किलोमीटर के दायरे में कम-से-कम एक बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है।
- बैंकिंग नेटवर्क में शामिल हैं:
- 1.81 लाख+ बैंक शाखाएं,
- 17.36 लाख बैंक मित्र (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स),
- 1.65 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) केंद्र।
- 58.77 करोड़ प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खाते, जिनमें ₹3.12 लाख करोड़ जमा हैं।
बैंकिंग कवरेज बढ़ाने के लिए प्रमुख पहलें
- वित्तीय समावेशन पहलें:
- JAM ट्रिनिटी (जन धन–आधार–मोबाइल): यह जन धन खाते, आधार और मोबाइल को जोड़कर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है। इसके माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) आसानी से किया जाता है।
- RBI द्वारा छूट: RBI ने बैंकों को पूर्व अनुमति के बिना नई शाखाएं खोलने की अनुमति दी है। हालांकि, शर्त यह है कि नई शाखाओं में कम-से-कम 25% शाखाएँ बिना बैंक वाले ग्रामीण क्षेत्रों में खोली जाएँ।
- जन धन दर्शक (JDD) ऐप: GIS आधारित इस ऐप के माध्यम से देश में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता का डिजिटल मानचित्र तैयार किया जाता है।
- बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) मॉडल: यह ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB): डाक नेटवर्क के माध्यम से अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराता है।
- कृषि ऋण:
- जन समर्थ पोर्टल: यह सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न ऋण योजनाओं के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है।
- किसान ऋण पोर्टल (KRP): यह पोर्टल आधार नंबर आधारित किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन की सुविधा देता है। साथ ही, ऋण एवं क्लेम्स के निपटान की प्रक्रिया को तेज बनाता है।
- साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान:
- इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन (IDPIC): यह धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए AI-आधारित प्रणाली का उपयोग करता है।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने और त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं।
सार्वभौमिक बैंकिंग कवरेज के लाभ |
बेहतर सुशासनJAM (जन धन–आधार–मोबाइल) प्रणाली को सुदृढ़ बनाकर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को अधिक पारदर्शी, तेज़ और प्रभावी बनाता है। |
वित्तीय समावेशन को बढ़ावाअधिक से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच प्रदान करता है। |
समावेशी विकास को सशक्त बनानावंचित वर्गों को ऋण और बीमा जैसी वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराता है। |
डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहनडिजिटल भुगतान और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देता है। |
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में योगदानगरीबी उन्मूलन और समानता सुनिश्चित करने में योगदान देता है। |