गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के तहत स्थापित 100 प्रतिशत सरकारी स्वामित्व वाली धारा 8 कंपनी है। इसे सरकारी मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) द्वारा सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए बनाया गया है।
- किसी कंपनी को "धारा 8" (Section 8) कंपनी तब कहा जाता है जब वह एक गैर-लाभकारी संगठन (NPO) के रूप में पंजीकृत होती है, यानी उसका उद्देश्य कला, वाणिज्य, शिक्षा, चैरिटी, पर्यावरण संरक्षण, खेल, विज्ञान, अनुसंधान, सामाजिक कल्याण और धर्म को बढ़ावा देना होता है।
GeM का प्रभाव

- राष्ट्रव्यापी डिजिटल खरीद: इसने लगभग 1.37 लाख से अधिक सरकारी खरीदारों और लगभग 25 लाख विक्रेताओं का एक नेटवर्क तैयार किया है।
- पारदर्शिता और दक्षता: पेपरलेस प्रक्रिया देरी, लेनदेन लागत और मनमाने निर्णयों की संभावनाओं को कम करती है।
- समावेशी सार्वजनिक खरीद:
- महिला संचालित उद्यम: 2.1 लाख से अधिक पंजीकृत महिला संचालित सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSEs), जिन्होंने ₹28,000 करोड़ से अधिक के ऑर्डर प्राप्त किए। इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) संचालित उद्यम: इनसे खरीद ₹6,000 करोड़ से अधिक हो गई है, जिसमें लगभग 28% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।
- स्टार्टअप्स को बढ़ावा: 2025-26 में खरीद ₹19,000 करोड़ को पार कर गई, जिसमें 36% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
GeM के तहत शुरू की गई प्रमुख पहलें
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