भारतीय अंतरिक्ष स्थितिजन्य आकलन रिपोर्ट (ISSAR), 2024 जारी की गई | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

यह रिपोर्ट इसरो की अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (SSA) गतिविधियों के अंतर्गत इसरो सुरक्षित एवं दीर्घकालीन अंतरिक्ष प्रचालन प्रबंधन प्रणाली (IS4OM) द्वारा प्रतिवर्ष संकलित की जाती है।

  • SSA में अंतरिक्ष आधारित दशाओं की जानकारी, खतरों का आकलन और शमन संबंधी उपायों का कार्यान्वयन शामिल है। 

इस रिपोर्ट में भारत से संबंधित मुख्य बिंदुओं पर एक नजर  

  • प्रक्षेपित एवं परिचालनरत अंतरिक्ष यान: कुल 136 अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किए जा चुके हैं।
    • सरकार के स्वामित्व वाले कार्यरत उपग्रह: इनकी संख्या निम्न भू-कक्षा (LEO) में 22 और भू-तुल्यकालिक भू-कक्षा (GEO) में 31 है।
    • कार्यरत डीप स्पेस मिशंस: चंद्रयान-2 ऑर्बिटर (CH2O) और सूर्य-पृथ्वी से संबंधित लैग्रेंज बिंदु पर स्थापित आदित्य-L1. 
  • कॉलिजन अवॉइडेंस मैन्यूवर्स (टकराव से बचने के उपाय) (CAMs): इसरो ने 2024 में 10 कॉलिजन अवॉइडेंस मैन्यूवर्स का निष्पादन किया था।
  • वायुमंडल में पुनः प्रवेश: 2024 में कार्टोसैट-2 सहित 9 भारतीय उपग्रहों ने वायुमंडल में पुनः प्रवेश किया था।
  • अंतरिक्ष यान को डीकमीशन करना: स्कैटसैट-1 को INS-2B और EOS-7 के साथ मिशन समाप्त होने के बाद डी-ऑर्बिट किया गया था। यह प्रक्रिया संबंधित अंतरिक्ष मिशन के बाद की नियमित कार्यवाही का हिस्सा होती है। 
  • PSLV ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल (POEM): यह प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करने वाला मिशन है। इसमें POEM-3 और POEM-4 के अपर स्टेज को 350 किमी की ऊंचाई पर डी-ऑर्बिट कर दिया गया था। 
  • अंतरिक्ष क्षेत्रक में अग्रणी: भारत वर्तमान में बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह का अध्यक्ष है।
    • इसरो ने 2023-24 के लिए इंटर-एजेंसी डेब्रिज कोआर्डिनेशन कमेटी (IADC) की अध्यक्षता की थी और 42वीं वार्षिक IADC बैठक की मेजबानी की है, जहां इसने निम्नलिखित में योगदान दिया:
      • IADC अंतरिक्ष मलबा शमन दिशा-निर्देशों में संशोधन।
      • डेब्रिज फ्री स्पेस मिशन (DFSM) की घोषणा की है। इसे 2030 तक सभी भारतीय अंतरिक्ष अभिकर्ताओं द्वारा प्राप्त किया जाएगा, चाहे वे सरकारी हों या गैर-सरकारी।

वैश्विक परिदृश्य

  • प्रक्षेपण: 2024 तक 254 सफल प्रक्षेपण संपन्न हुए, जिनमें कुल 2963 ऑब्जेक्ट्स अंतरिक्ष में भेजे गए।
  • 3 प्रमुख ऑन-ऑर्बिट ब्रेकअप इवेंट्स: इनमें सबसे प्रमुख लॉन्ग मार्च रॉकेट चरण (CZ-6A) का विखंडन था, जिससे लगभग 650 ऑब्जेक्ट्स अंतरिक्ष मलबे की सूची में शामिल हो गए।

 

Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet