अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) और विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (RIS) ने "ICRISAT-साउथ-साउथ सहयोग के लिए उत्कृष्टता केंद्र” का शुभारंभ किया।
- RIS पॉलिसी अनुसंधान पर एक स्वायत्त संस्थान है। यह नई दिल्ली में स्थित है।
ISSCA के बारे में
- यह ग्लोबल साउथ के देशों के बीच कृषि नवाचार, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को गति देने वाला प्रमुख संस्थान है।
- यह भारत की दक्षिण (DAKSHIN) पहल के अनुरूप भी है, जो ग्लोबल साउथ के देशों के बीच विकास और ज्ञान साझा करने वाला एक सरकारी कार्यक्रम है।
ICRISAT के बारे में
- स्थापना: इसकी स्थापना 1972 हुई थी।
- यह शुष्क कृषि और कृषि-खाद्य प्रणाली के विकास और इसमें सुधार करने वाला एक अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
- मुख्यालय: हैदराबाद (तेलंगाना)।
भारत ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS)’ का अध्यक्ष बना है।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज के बारे में:
- स्थापना: वर्ष 1930 में हुई थी।
- मुख्यालय: ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में
- उद्देश्य: यह एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है। यह लोक प्रशासन पर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है।
- प्रमुख सदस्य देश: भारत, जापान, चीन, जर्मनी, इटली, कोरिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, मेक्सिको, स्पेन, क़तर, मोरक्को, इंडोनेशिया आदि।
- भारत सरकार का प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग वर्ष 1998 से IIAS में भारत की सदस्यता का प्रतिनिधित्व करता रहा है।
Article Sources
1 sourceपाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद-रोधी समिति (CTC) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
तालिबान प्रतिबंध समिति के बारे में
- इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 1988 (2011) द्वारा स्थापित किया गया था।
- यह अफगानिस्तान की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले तालिबान संगठन से जुड़े व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं की संपत्ति की ज़ब्ती, उन पर यात्रा प्रतिबंध और हथियार की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है।
आतंकवाद-रोधी समिति के बारे में
- इसे 2001 में 9/11 आतंकी हमले के बाद संकल्प 1373 का उपयोग करके अपनाया गया था।
- उद्देश्य: संकल्प 1373 के अनुसार:
- राष्ट्रों को आतंकवादी समूहों को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं देनी चाहिए, आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह या आश्रय प्राप्त करने से रोकना चाहिए, आतंकवाद को अपराध घोषित करने वाले घरेलू कानून बनाने चाहिए, आदि।
- सदस्यता: इस समिति में सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देश शामिल होते हैं। साथ ही, सभी सदस्य देशों को संकल्प का पालन सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी निभाती होनी होती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने समय पर मतदान प्रतिशत (वोटर टर्नआउट) की रिपोर्टिंग के लिए ECINET ऐप लॉन्च किया।
- चुनाव संचालन नियम, 1961 के तहत, पीठासीन अधिकारियों (PROs) को अभी भी मतदान समाप्त होने पर उम्मीदवारों द्वारा नामित पोलिंग एजेंटों को फॉर्म 17C जमा करना आवश्यक है। इस फॉर्म में दर्ज मतों का विवरण होता है।
ECINET ऐप के बारे में
- यह वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है जो भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब एप्लीकेशंस को एकीकृत और पुनर्गठित करेगा।
- इस नई पहल के तहत, प्रत्येक मतदान केंद्र का पीठासीन अधिकारी अब मतदान के दिन हर दो घंटे में ECINET ऐप पर सीधे मतदान प्रतिशत से जुड़े डेटा दर्ज करेगा, ताकि वोटिंग ट्रेंड को अपडेट करने में लगने वाले समय को कम किया जा सके।
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि डेटा यथासंभव सटीक हो, ECINET पर डेटा केवल अधिकृत ECI अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में अंगूर, संतरे और अनार के लिए 'क्लीन प्लांट प्रोग्राम' शुरू किया।
क्लीन प्लांट प्रोग्राम (CPP) के बारे में
- लॉन्च किया गया: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा।
- उद्देश्य: किसानों को वायरस-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराकर बागवानी क्षेत्रक में क्रांति लाना।
- प्रोग्राम के घटक:
- क्लीन प्लांट सेंटर्स (CPCs): ये केंद्र वायरस-मुक्त रोपण सामग्री (प्लांट) का उत्पादन करने के लिए हाई-टेक लैब से युक्त होंगे।
- प्रमाणन और कानूनी फ्रेमवर्क: बीज अधिनियम, 1966 के तहत निर्धारित प्रमाणन प्रणाली रोपण सामग्री के उत्पादन और बिक्री में जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
- अत्याधुनिक अवसंरचना: अधिक संख्या में स्वच्छ रोपण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अवसंरचना विकसित करने हेतु बड़ी नर्सरी को सहायता दी जाएगी।
- कार्यान्वयन: इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से किया जाएगा।
भारत ने नॉर्वे की एजेंसियों के साथ मिलकर नॉर्दर्न सी रूट (NSR) को चालू करने के लिए एक संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन करने का प्रस्ताव दिया है।
NSR या नार्थ-ईस्ट पासेज (NEP) के बारे में
- अवस्थिति: यह एक समुद्री मार्ग है जो रूस के उत्तरी तट के किनारे से होकर गुजरता है। यह आर्कटिक जलमार्गों के माध्यम से अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है।

- भौगोलिक विस्तार: NSR की शुरुआत बैरेंट्स सागर (नॉर्वे के पास) और कारा सागर की सीमा से होती है, और इसका अंत बेरिंग जलडमरूमध्य (रूस और अलास्का के बीच) में होता है।
- सबसे छोटा समुद्री मार्ग: NSR के ज़रिए यूरोप और एशिया के बीच की दूरी लगभग 13,000 किलोमीटर है, जबकि स्वेज नहर मार्ग से यह दूरी 21,000 किलोमीटर है।
- यह स्वेज नहर मार्ग की तुलना में एशिया और यूरोप के बीच की यात्रा में लगने वाले समय को 10-14 दिनों तक कम कर देगा।
- बंदरगाह: इस मार्ग पर पाँच मुख्य बंदरगाह है: सबेट्टा, डुडिंका, खटंगा, टिक्सी और पेवेक।
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1 sourceभारत ने एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा पाकिस्तान को "रिसोर्स मोबिलाईजेशन रिफार्म प्रोग्राम" के तहत दिए गए 800 मिलियन डॉलर के ऋण का विरोध किया।
रिसोर्स मोबिलाईजेशन रिफार्म प्रोग्राम के बारे में
- उद्देश्य: पाकिस्तान को ऐसे सुधार लागू करने में सहायता देना, जिससे उसकी राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
- ADB के बारे में
- बहुपक्षीय संगठन: ADB एक प्रमुख बहुपक्षीय विकास बैंक है। इसका उद्देश्य एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास का समर्थन करना है।
- स्थापना: 1966
- मुख्यालय: मनीला, फिलीपींस।
- सदस्य: शुरुआत में 31 सदस्य थे, अब कुल 69 सदस्य हैं। इनमें से 50 सदस्य एशिया और प्रशांत क्षेत्र से हैं तथा शेष 19 अन्य क्षेत्रों से हैं।
- भारत ADB का संस्थापक सदस्य है।
- ADB ने COP28 में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए नेचर सॉल्यूशंस फाइनेंस हब की शुरुआत की।
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1 sourceएक्सपोजोमिक्स में अध्ययन रोगों के कारणों को समझने और उनकी रोकथाम की रणनीतियाँ बनाने में मदद कर सकता है।
एक्सपोजोमिक्स के बारे में
- परिभाषा: एक्सपोजोमिक्स अध्ययन की एक विधि है, जिसमें किसी व्यक्ति के एक्सपोजोम (संपूर्ण जीवनकाल में पड़ने वाले सभी बाहरी और आंतरिक प्रभावों) का विश्लेषण किया जाता है। यह अध्ययन दो प्रकार के आकलन पर आधारित है:
- आंतरिक जोखिम: इसमें जीनोमिक्स, मेटाबोनोमिक्स जैसे अध्ययन के क्षेत्र शामिल है।
- बाहरी जोखिम: इसमें पर्यावरण से उत्पन्न जोखिमों की माप की जाती है।
- एक्सपोजोम वह संपूर्ण माप है जो यह बताता है कि किसी व्यक्ति को पूरे जीवनकाल में कौन-कौन से बाहरी प्रभावों का सामना करना पड़ा और उसके स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ा है।
- एक्सपोजोमिक्स का उद्देश्य यह समझना है कि भौतिक, मनो-सामाजिक वातावरण जैसे बाहरी संपर्क, आनुवंशिकी जैसी आंतरिक और व्यक्तिपरक विशेषताओं के साथ कैसे परस्पर क्रिया करते हैं, जो शरीर को स्वस्थ या रोगी बनाते हैं।
हाल ही में अमेरिका में किए गए प्रयोगों के परिणाम में यह बात सामने आयी है कि म्यूऑन्स कुछ असामान्य व्यवहार कर रहे हैं। इससे हमें ब्रह्मांड के मूलभूत नियमों को लेकर नई और रोचक जानकारियां मिल सकती हैं।
म्यूऑन्स के बारे में
- अवधारणा: म्यूऑन मूलभूत उप-परमाण्विक कणों में से एक है। कण भौतिकी के मानक मॉडल के अनुसार, ये ब्रह्मांड के सबसे बुनियादी निर्माण खंड हैं।
- म्यूऑन्स इलेक्ट्रॉन के समान होते हैं, लेकिन इनका भार इलेक्ट्रॉन से 207 गुना अधिक होता है।
- म्यूऑन लेप्टन समूह का हिस्सा है। लेप्टन एक प्रकार के मूलभूत कण हैं। इसका मतलब है कि वे पदार्थ के छोटे टुकड़ों से भी नहीं बने हैं।
- अन्य लेप्टन्स की तरह, म्यूऑन्स पर ब्रह्मांड में चार मूलभूत बलों (गुरुत्वाकर्षण, विद्युत चुंबकत्व, मजबूत परमाणु बल और कमजोर परमाणु बल) में से केवल तीन का प्रभाव पड़ता है। मजबूत परमाणु बल का म्यूऑन्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।