भारत में जनगणना 2027 के साथ जातिगत गणना भी कराई जाएगी | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत में अगली जनगणना दो चरणों में की जाएगी। यह कार्य 1 मार्च, 2027 तक पूरा हो जाएगा। भारत में वर्ष 2011 के बाद पहली बार जनगणना कराई जाएगी।

  • 2011 के बाद जनगणना कार्य 2020-2021 में होना था, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई।   

जनगणना 2027: मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • अधिसूचना: जनगणना 2027 संचालन की अधिसूचना जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के तहत राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।
  • जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी:
    • चरण I - हाउस लिस्टिंग (मकानों की सूची): सभी स्थायी या अस्थायी भवनों का विवरण उनके प्रकार, सुविधाओं और परिसंपत्तियों के आधार पर दर्ज किया जाएगा।
    • चरण II - जनसंख्या की गणना: देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह भारतीय नागरिक हो या न हो की विस्तृत जानकारी उसकी जाति के साथ दर्ज की जाएगी। 
  • संदर्भ तिथियां: वे तिथियां जिनके अनुसार जनगणना 2027 के लिए जनसंख्या संबंधी आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे।  
    • लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए: 1 अक्टूबर 2026; तथा 
    • शेष भारत के लिए: 1 मार्च 2027. 
  • जातिगत गणना: 1931 के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति से संबंधित आधिकारिक डेटा एकत्र किए जाएंगे।
  • डिजिटल जनगणना: यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। 

भारत में जनगणना

  • संवैधानिक प्रावधान: इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 246 (सातवीं अनुसूची की संघ सूची में प्रविष्टि 69) के तहत किया गया है।
  • कानूनी प्रावधान: जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के तहत जनगणना आयोजित की जाती है।
  • प्रमुख अधिकारी: जनगणना का कार्य रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त की देखरेख में संपन्न होता है।
  • भारत में पहली बार पूरे देश में संगठित जनगणना 1872 में हुई थी। 1872 के बाद यह भारत की सोलहवीं दशकीय जनगणना होगी।
    • यह स्वतंत्रता के बाद आयोजित होने वाली 8वीं लगातार जनगणना होगी।
    • भारत में पहली समकालिक जनगणना 1881 में डब्ल्यू.सी. प्लोडेन के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। तब से यह नियमित रूप से आयोजित होती रही है, हालांकि, कोविड महामारी के कारण इस कार्य में व्यवधान आया है। 
  • महत्त्व: जनगणना आधिकारिक सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय डेटा का मुख्य स्रोत है। यह डेटा सरकारी योजनाओं, नीतियों और नियोजन के निर्माण में मदद करता है।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet