आइडियोनेला साकाइएन्सिस (Ideonella Sakaiensis) | Current Affairs | Vision IAS
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शोधकर्ताओं ने आइडियोनेला साकाएन्सिस नामक बैक्टीरिया की पहचान की है, जो PET (पॉलीएथिलीन टेरिफ्थेलैट) को विघटित कर सकता है। ध्यातव्य है कि PET का सबसे अधिक उपयोग बोतलों के निर्माण और फ़ूड पैकेजिंग में किया जाता है।

आइडियोनेला साकाइएन्सिस के बारे में

  • यह एक बैक्टीरिया है जिसे जापान में प्लास्टिक बोतल रीसाइक्लिंग प्लांट के पास खोजा गया है।
  • यह विशेष प्रकार के एंजाइम उत्पन्न करता है जो PET को पर्यावरण के लिए हानिरहित घटकों में तोड़ते हैं, जिन्हें यह बैक्टीरिया बाद में आहार-स्रोत के रूप में उपयोग करता है।
  • महत्व: इसका उपयोग प्लास्टिक के दक्ष और विशाल जैव-अपघटन प्रणालियों के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही यह सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।  

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल ने आगाह किया है कि भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन (BESZ) में चार धाम बारहमासी सड़क चौड़ीकरण परियोजना से पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।

भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन (BESZ) के बारे में

  • अधिसूचना: इसे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2012 में अधिसूचित किया गया और तत्पश्चात 2018 में इसमें कुछ संशोधन किये गए। 
  • विस्तार: इसमें गोमुख से उत्तरकाशी तक 4179.59 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है।
  • जोनल मास्टर प्लान (ZMP): उत्तराखंड सरकार को वाटरशेड दृष्टिकोण के आधार पर जोनल मास्टर प्लान तैयार करने का अधिकार दिया गया है तथा इसमें वनों और वन्यजीवों आदि के प्रमुख क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
  • इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ): इसे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित किया जाता है।
    • यह प्राकृतिक स्थलों, संरक्षित क्षेत्रों जैसे विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र के लिए "शॉक एब्जॉर्बर" के रूप में कार्य करता है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) लेनदेन में धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में 'पुल ट्रांजेक्शन को बंद कर सकता है।

  • वर्तमान में, NPCI का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) 'पुश' एंड 'पुल', दोनों प्रकार के लेनदेन (ट्रांजेक्शन) की अनुमति देता है।

पुश एंड पुल ट्रांजेक्शन के बारे में

  • पुश ट्रांजेक्शन: यह भुगतानकर्ता (Payer) द्वारा भुगतान करने के लिए फंड प्राप्तकर्ता के QR को स्कैन करके या UPI ID को दर्ज करके शुरू किया जाता है।
  • पुल ट्रांजैक्शन: यह लेनदेन फंड प्राप्तकर्ता (Beneficiary) द्वारा शुरू किया जाता है। इसमें भुगतानकर्ता द्वारा व्यक्तिगत पहचान संख्या दर्ज करते ही ट्रांजैक्शन स्वीकृत हो जाता है। उदाहरण के लिए, चेक, डेबिट कार्ड आदि। 

हाल ही में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में तातो-II जलविद्युत परियोजना (HEP) के निर्माण को मंजूरी दी।

तातो-II जल विद्युत परियोजना के बारे में:

  • स्थापित क्षमता: 700 मेगावाट (4 x 175 मेगावाट) 
  • उत्पादित ऊर्जा: 2738.06 मेगा यूनिट (MU) ऊर्जा 
  • कार्यान्वयन: नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO)  और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से।

अरुणाचल प्रदेश की अन्य जलविद्युत परियोजनाएं: सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना (2000 मेगावाट), कामेंग हाइड्रो पावर स्टेशन (600 मेगावाट), हीओ जलविद्युत परियोजना (240 मेगावाट), आदि। 

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एल्डर्स ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय राजनेताओं ने पहली बार गाजा की स्थिति को "स्वरुप लेता नरसंहार" (Unfolding genocide) कहा है।

एल्डर्स ग्रुप के बारे में

  • स्थापना: इसे 2007 में नेल्सन मंडेला ने ‘स्वतंत्र वैश्विक राजनेताओं के समूह’ के रूप में स्थापित किया।
  • विजन: एक ऐसे विश्व का निर्माण करना जहां लोग शांति से रहें तथा न्याय, मानवाधिकार और संधारणीय विकास पर आधारित पृथ्वी का उपयोग करें।
  • मिशन: निजी कूटनीति और जन समर्थन के माध्यम से विश्व के नेताओं के साथ जुड़ना, ताकि अस्तित्व के संकट का समाधान किया जा सके और नैतिकता आधारित नेतृत्व को बढ़ावा दिया जा सके।
  • सलाहकार परिषद: इसमें दानदाता और एल्डर्स ग्रुप के उदार योगदानकर्ता शामिल होते हैं।
  • द एल्डर्स टीम: यह लंदन में स्थित है और एल्डर्स ग्रुप को सहायता प्रदान करती है।  

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने सरकार द्वारा दशकों से उपकर के रूप में एकत्रित 3.69 लाख करोड़ रुपये के 'शॉर्ट ट्रांसफर' की बात उजागर की है।

शॉर्ट ट्रांसफर के बारे में

  • इसका आशय एकत्रित उपकर की पूरी राशि को निर्धारित रिजर्व में ट्रांसफर न करना है।
    • ट्रांसफर में सबसे अधिक कमी तेल उद्योग विकास बोर्ड (OIDB) में देखी  गयी  है। 
      • OIDB का उद्देश्य तेल उद्योग का विकास करना है।
  • उपकर (Cesses) वैधानिक शुल्क हैं, जिनसे जुटाए गए फंड विशेष उद्देश्यों की पूर्ति में खर्च किए जाते हैं।
  • कई उपकर को पहले भारत की संचित निधि में एकत्र किया जाता है, फिर उसे विशेष उद्देश्यों के लिए बनाए गए लोक लेखा (पब्लिक अकाउंट) में ट्रांसफर किया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रश्न किया कि क्या भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के “दुरुपयोग की संभावना” को किसी कानून को असंवैधानिक घोषित करने के आधार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • ध्यातव्य है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 को भारतीय दंड संहिता, 1860 के  स्थान पर लाया गया है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के बारे में

  • इसमें भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को शामिल किया गया है।
    • इस प्रावधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर शब्दों, संकेतों, दृश्य चित्रण आदि के माध्यम से अलगाव/सशस्त्र विद्रोह/विध्वंसक गतिविधियों को उकसाता है/उकसाने का प्रयास करता है तो उसे आजीवन कारावास या 7 वर्ष की सजा के साथ जुर्माना भी देना होगा।
  • यदि कोई व्यक्ति सरकार के कदमों या प्रशासनिक कार्यों की आलोचना करता है, और वह आलोचना इस उद्देश्य से होती है कि उन कदमों या कार्यों को वैध तरीके से बदला जाए, तो वह आलोचना इस कानून के तहत दंडनीय नहीं होगी। 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य स्वास्थ्य विनियामक उत्कृष्टता सूचकांक (SHRESTH) का शुभारंभ किया। यह राज्य औषधि विनियामक व्यवस्थाओं को मानकीकृत और मजबूत करने की दिशा में एक राष्ट्रीय पहल है।

SHRESTH के बारे में

  • SHRESTH से आशय है;  स्टेट हेल्थ रेगुलेटरी एक्सीलेंस इंडेक्स। 
  • यह केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की पहल है।
  • उद्देश्य: देशभर में राज्य औषधि विनियामक प्राधिकरणों के प्रदर्शन में सुधार लाना, तथा यह सुनिश्चित करना कि सुरक्षित दवाइयां और इनसे जुड़े गुणवत्ता मानकों को निरंतर पूरा किया जाए।
  • इसमें पांच प्रमुख विषयों पर आधारित सूचकांक होंगे: मानव संसाधन, अवसंरचना, लाइसेंसिंग गतिविधियां, निगरानी गतिविधियां और जवाबदेही। 

CBSE ने कक्षा 9 और 11 के पंजीकरण तथा 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से पहले कक्षा 10 और  12 के विद्यार्थियों की सूची प्रस्तुत करने के लिए 12 अंकों की ‘ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री  (APAAR) ID का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया।

APAAR ID के बारे में

  • शुरुआत: यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2024-25 सत्र से स्कूलों के लिए लॉन्च किया गया।
  • उद्देश्य: प्रत्येक विद्यार्थी को विशिष्ट और स्थायी 12-अंकीय ID प्रदान करके, उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों (डिग्री, डिप्लोमा इत्यादि) को एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराना। 
    • इससे देशभर के विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज एक ही जगह आसानी से सुलभ हो सकेंगे। 
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