राजकोषीय अनुशासन को बढ़ावा देने के दबाव को देखते हुए राज्य सरकारें “ऑफ-बजट उधारियां (Off-budget Borrowings) को कम करने पर विचार कर रही हैं।
ऑफ-बजट उधारियां (OBBs) के बारे में
- परिभाषा: ये ऐसी सरकारी उधारियां हैं जो आम बजट के माध्यम से सार्वजनिक नहीं की जाती हैं या जिनके लिए विधायिका द्वारा अनुमोदन प्राप्त नहीं किया जाता हैं।
- ये उधार आम तौर पर निम्नलिखित माध्यमों से लिए जाते हैं:
- सरकारी के नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs) के माध्यम से या
- उन संस्थाओं के माध्यम से जो अपने संचालन के लिए इक्विटी निवेश, ऋण, अनुदान या सब्सिडी जैसे बजटीय समर्थन पर अत्यधिक निर्भर रहते हैं।
- उद्देश्य: ऐसी उधारियों को राजकोषीय घाटे में गणना नहीं करना, ताकि दर्शाया जा सके कि वित्तीय अनुशासन का पालन किया जा रहा है।
- चिंताएँ: इससे पारदर्शिता और जवाबदेही कम होती है तथा ऋण का वास्तविक बोझ छिप जाता है।
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) ने खुदरा ऋण पोर्टफोलियो की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) के बारे में
- ये कंपनी अधिनियम के तहत स्थापित होती हैं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास सरफेसी एक्ट 2002 के तहत पंजीकृत होती हैं।
- सरफेसी (SARFAESI) से तात्पर्य है; ‘सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट।’
- उद्देश्य: गैर-निष्पादित आस्तियों (NPAs) के प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन को आसान बनाना, ताकि समय पर कंपनियों के वित्तीय संकट का समाधान हो सके और अर्थव्यवस्था में तरलता (liquidity) लाई जा सके।
- एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियां बैंक और वित्तीय संस्थानों से NPAs या डूबे हुए ऋण खरीदती हैं, ताकि बैंक अपनी बैलेंस शीट को स्वच्छ कर सकें।
- ARC के उदाहरण: नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL), इंडिया डेब्ट रेज़ोल्यूशन कंपनी लिमिटेड, आदि।
हाल ही में, इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी को प्रयुक्त खाद्य तेल (Used Cooking Oil) से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) उत्पादन के लिए अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) का प्रमाणन प्राप्त हुआ।
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के बारे में
- SAF को अक्सर जेट बायोफ्यूल या एविएशन बायो-केरोसीन भी कहा जाता है। यह कच्चे तेल से प्राप्त पारंपरिक जेट-ईंधन के समान होता है।
- हालांकि SAF अलग-अलग और नवीकरणीय बायोमास स्रोतों से तैयार किया जाता है।
- SAF उत्पादन के लिए फीडस्टॉक: तिलहनी पौधे और एनर्जी ग्रास; नगरपालिका ठोस अपशिष्ट; औद्योगिक कार्बन मोनोऑक्साइड अपशिष्ट गैस; कृषि और वानिकी अवशेष; खाना पकाने के अपशिष्ट से प्राप्त वसा, तेल और ग्रीस।
लाभ
- इंजन और अवसंरचना के अनुकूल: पारंपरिक जेट ईंधन के साथ मिलाकर इसे वर्तमान में संचालित विमानों में उपयोग किया जा सकता है।
- कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, अधिक लचीलापन।
बाधाएं
- पारंपरिक ईंधन की तुलना में उत्पादन लागत अधिक होना।
- फीडस्टॉक की उपलब्धता और निरंतर आपूर्ति बड़ी चुनौती है।
हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के एक पर्वतारोही ने माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
माउंट एल्ब्रुस के बारे में
- यह दक्षिण-पश्चिमी रूस में है।
- यह काकेशस पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है। इसकी ऊंचाई 5,642 मीटर है।
- यह एक सुषुप्त ज्वालामुखी है। इसमें जुड़वाँ चोटियाँ (twin summits) हैं।
- अवस्थिति: यह दक्षिण-पश्चिमी रूस के पश्चिमी काकेशस पर्वतों में स्थित है।
- यह यूरोप और रूस की सबसे ऊँची चोटी है। साथ ही यह “सेवन समिट्स” यानी प्रत्येक महाद्वीप की सबसे ऊँची पर्वत चोटियों में शामिल है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 10 राज्यों के साथ मिलकर ई-जागृति प्लेटफॉर्म पर जुलाई 2025 तक उपभोक्ता विवाद मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक निपटान की दर हासिल की है।
ई-जागृति प्लेटफॉर्म के बारे में
- लॉन्च तिथि: 1 जनवरी, 2025
- क्रियान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय।
- उद्देश्य: सभी राष्ट्रीय, राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों को कंप्यूटरीकृत करके और नेटवर्क से जोड़कर पारदर्शिता, दक्षता, और त्वरित निपटान सुनिश्चित करना।
- ई-जागृति उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, मामले की स्थिति जानने तथा निर्णय प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।
एमआईटी के शोधकर्ताओं ने जेनेरेटिव एआई का उपयोग करके पूरी तरह से नवीन एंटीबायोटिक्स को डिजाइन किया है।
- शोधकर्ताओं ने निम्नलिखित बीमारियों के विरुद्ध प्रभावी नवीन एंटीबायोटिक्स विकसित किए हैं:
- नीसेरिया गोनोरिया (जो दवा प्रतिरोधी गोनोरिया का कारण बनता है),
- मेथिसिलिन प्रतिरोधी स्टैफिलोकोकस ऑरियस (MRSA)।
AI-डिज़ाइन किए गए एंटीबायोटिक्स के बारे में
- कार्यप्रणाली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके 36 मिलियन से अधिक काल्पनिक यौगिक तैयार किए गए और कम्प्यूटेशनल रूप से उनकी जांच की गई।
- इससे शोधकर्ताओं को ऐसे सैद्धांतिक यौगिकों का निर्माण और मूल्यांकन करने का अवसर मिला , जो पहले कभी नहीं देखे गए थे।
- महत्व: एआई का उपयोग करके दवा की खोज के लिए नए रास्ते खुलेंगे, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जैसे अन्य रोगजनकों के इलाज में संभावित उपयोग आदि।
हाल ही में वैज्ञानिकों ने ई. कोलाई बैक्टीरिया को एक स्व-संचालित (self-powered) रासायनिक बायोसेंसर में बदल दिया है, जो सीधे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ सकता है।
- बायोसेंसर एक प्रकार का एनालिटिकल उपकरण है, जो जैविक संकेत को डिटेक्ट किए जा सकने वाले विद्युत संकेत में बदलता है।
होल-सेल बायोसेंसर के बारे में
- इसमें जीवित सूक्ष्मजीवों (जैसे, आनुवंशिक रूप से इंजीनियर बैक्टीरिया) का उपयोग किया जाता हैं। ये स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं और कमियों को ठीक कर सकते हैं। ये दूषित सैंपल्स में भी काम कर सकते हैं।
- एंजाइम आधारित पारंपरिक बायोसेंसर अक्सर नाजुक और महंगे होते हैं। जटिल वातावरण में उनकी प्रतिक्रिया मंद हो जाती है।
- उपयोग: कृषि और पर्यावरण में प्रदूषण का पता लगाने में; जैव-चिकित्सा निदान में।
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सद्भावना के तहत तवांग में 'आरोग्यम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' का उद्घाटन किया।
ऑपरेशन सद्भावना के बारे में
- शुरुआत: भारतीय सेना ने 1998 में जम्मू और कश्मीर में लॉन्च किया।
- लक्ष्य: आतंकवाद और उग्रवाद से प्रभावित लोगों को “हीलिंग टच” प्रदान करना तथा उनका विश्वास जीतना।
- उद्देश्य: सेना की भूमिका में सीमा सुरक्षा एवं उग्रवाद-रोधी कार्रवाई के अलावा विकास एवं सामुदायिक कल्याण भी शामिल करना।
- फोकस क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, खेल, अवसंरचना, पारिस्थितिकी और पर्यावरण।