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ESC

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं।

CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया {जैसा की अनुच्छेद 124(4) के तहत उल्लिखित है}:

  • अनुच्छेद 324 (5) में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर ही हटाया जाएगा, जिस रीति से और जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
  • इस प्रकार, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया किसी भी सदन में कदाचार या अक्षमता के आधार पर प्रस्ताव के साथ शुरू होती है।
    • प्रस्ताव स्वीकार हो जाने पर, एक समिति आरोपों की वैधता की जांच करती है
  • इस प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत से पारित होना अनिवार्य है।
  • इसके बाद भारत के राष्ट्रपति, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने का आदेश देते हैं।

हाल ही में, तिमाही आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) (अप्रैल-जून 2025 के लिए) और मासिक PLFS (जुलाई 2025 के लिए) जारी किए गए।

PLFS के बारे में

  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य देश में रोजगार और बेरोजगारी से संबंधित विभिन्न संकेतकों का अनुमान लगाना है, जैसे:
    • श्रम बल भागीदारी दर (LFPR)
    • श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR)
    • बेरोजगारी दर (UR)
    • श्रमिकों का उनकी रोजगार स्थिति और कार्य के उद्योग के अनुसार वितरण।
  • संचालन: यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा संचालित किया जाता है।
  • कवरेज और आवृत्ति:
    • मासिक: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) के आधार पर।
    • वार्षिक: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सामान्य स्थिति (US) और CWS के आधार पर।
      • CWS: इसमें संदर्भ अवधि 7 दिन होती है।
      • US: इसमें संदर्भ अवधि 365 दिन होती है।

हाल ही में, कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महिला के विरुद्ध POCSO अधिनियम के तहत दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दी।

  • न्यायालय ने टिप्पणी की, कि POCSO अधिनियम पुरुषों और महिलाओं दोनों पर लागू होता है और यह "लिंग-निरपेक्ष" कानून है।

POCSO अधिनियम के बारे में

  • उद्देश्य: इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन हमले, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से बचाना है।
  • लिंग-निरपेक्षता: यह अधिनियम "बच्चे" को 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति के रूप में परिभाषित करता है।
  • प्रक्रियागत सुरक्षा उपाय:
    • यह इन-कैमरा कार्यवाही के लिए विशेष अदालतों के गठन का प्रावधान करता है।
    • यह अपराधों की रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाता है।
    • यदि मामले की जानकारी बच्चा स्वयं देता है, तो दर्ज रिपोर्ट में सरल भाषा का उपयोग करना अनिवार्य है।
    • जघन्य यौन हमले के मामले में, मृत्युदंड तक का प्रावधान है।

हाल ही में किए गए एक अध्ययन में पृथ्वी के विभिन्न जैव-भौगोलिक क्षेत्रों में जैव विविधता की सामान्य स्थानिक मौजूदगी की पहचान की गई है।

  • पृथ्वी के अलग-अलग जैव-भौगोलिक क्षेत्रों में जैव विविधता एक तरह से कोर से बाहर की ओर क्रमबद्ध स्तर पर फैली होती है। इसमें जैव विविधता का घनत्व कोर या केंद्र में अधिक होता है तथा केंद्र से दूर जाने पर कम होता जाता है। 
    • कोर हॉटस्पॉट्स: प्रजातियों की प्रचुरता, अत्यधिक स्थानिक, लगभग कोई विदेशी प्रजाति नहीं।
    • कोर के ठीक बाद का आंतरिक क्षेत्र: प्रजाति-समृद्ध, अधिक स्थानिक प्रजातियां, लेकिन कुछ प्रजातियाँ ऐसी भी होती हैं जो अन्य जगहों पर भी मिलती हैं।
    • मध्य क्षेत्र: प्रजातियों की प्रचुरता का अभाव और यहाँ कुछ ऐसी प्रजातियां मिलती हैं जो इस क्षेत्र की असली पहचान नहीं हैं। 
    • ट्रांजिशन क्षेत्र: यहाँ प्रजातियों की विविधता बहुत कम होती है। यहाँ ज्यादातर सामान्य प्रजातियां मिलती हैं जो कई क्षेत्रों में आसानी से पाई जाती हैं।

सरकार ने "लोकहित" में कपास पर लगने वाले आयात शुल्क के साथ-साथ AIDC को भी समाप्त कर दिया है।

AIDC के बारे में 

  • AIDC एक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क है जो पेट्रोल और डीजल पर लगाया गया था। यह कुछ विशेष आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क के रूप में भी लगता है।
  • इसे केंद्रीय बजट 2021-22 में पेश किया गया था।
  • इसका मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़ी अवसंरचना और अन्य विकास व्यय के लिए धन जुटाना है।

UNHCR ने श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों की वापसी की प्रक्रिया अस्थायी रूप से निलंबित कर दी है।

UNHCR के बारे में

  • उत्पत्ति: इसे पहले शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय के रूप में जाना जाता था।  इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1950 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी।
  • उद्देश्य: यह संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी है जो शरणार्थियों, आंतरिक रूप से विस्थापित समुदायों और निर्वासित लोगों के जीवन को बचाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है।
  • प्रमुख दायित्व: UNHRC शरणार्थी अभिसमय (1951) और इसके प्रोटोकॉल (1967) के संरक्षक के रूप में कार्य करता है।
  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड।
  • इसे 1954 और 1981 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है।

बेंचमार्क सॉवरेन बॉण्ड पर प्रतिफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • बॉन्ड यील्ड या रिटर्न या प्रतिफल, निवेशक को उसके द्वारा लगायी पूंजी पर होने वाली कमाई है है।

बॉण्ड प्रतिफल को प्रभावित करने वाले कारक

  • बॉण्ड प्रतिफल बॉण्ड की कीमत से प्रभावित होती है, इनका आपस में विपरीत संबंध होता है: जब बॉण्ड की कीमतें घटती हैं, तो प्रतिफल बढ़ता है और जब बॉण्ड की कीमतें बढ़ती है तो प्रतिफल घटता है।
  • जब बाजार ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो नए जारी किए गए बॉण्ड बेहतर रिटर्न देते हैं, जिससे मौजूदा बॉण्ड की कीमतें गिर जाती हैं और प्रतिफल बढ़ जाता है, इसी प्रकार बॉण्ड की कीमत बढ़ने पर प्रतिफल कम हो जाता है।
  • बाजार की धारणा, मुद्रास्फीति की संभावनाओं और आर्थिक दृष्टिकोण में परिवर्तन के चलते भी इसमें उतार-चढ़ाव होता है।

TDB ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिए स्वदेशी AI-पावर ब्लड टेस्टिंग टूल्स का का समर्थन किया है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) के बारे में

  • स्थापना: TDB की स्थापना 1996 में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी।
  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना तथा आयातित प्रौद्योगिकी को व्यापक उपयोग के लिए अपनाना है।
  • कार्य: यह औद्योगिक संस्थानों को इक्विटी पूंजी या ऋण प्रदान करता है। यह अनुसंधान और विकास संस्थानों को वित्तीय सहायता देता है।
    • TDB द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर वार्षिक रूप से 5% के साधारण ब्याज की दर से वसूली की जाती है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग वार्षिक पास सुविधा शुरू की।

  • यह सुविधा FASTag को बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत को समाप्त कर देती है। एक बार में भुगतान किया गया 3,000 रुपए का शुल्क एक साल या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग्स तक मान्य होगा।

फास्टैग के बारे में

  • यह एक ऐसा डिवाइस है जिसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसमें फास्टैग (RFID टैग) वाहन की  फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है और फास्टैग से जुड़े अकाउंट से सीधे टोल का भुगतान हो जाता है।
    • RFID: इसमें टैग और रीडर्स होते हैं, जो रेडियो तरंगों का इस्तेमाल करके वस्तुओं या लोगों की जानकारी पास के रीडर को भेजते हैं।
    • यह एक शार्ट-रेंज तकनीक है
  • इसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
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