भारत ने इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस और उसके अधिकारियों को ऐसे विशेषाधिकार और संरक्षण प्रदान किया है जो आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र संगठनों के प्रतिनिधियों को मिलती हैं।
इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) के बारे में
- शुरुआत: IBCA की शुरुआत 2023 में भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ' के अवसर पर हुई थी।
- स्थापना: इसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के माध्यम से स्थापित किया।
- यह एक बहु-देशीय, बहु-एजेंसी गठबंधन है। इसमें बिग कैट्स के प्राकृतिक पर्यावास वाले 95 देश (रेंज देश) और वे देश शामिल हैं जहां बिग-कैट्स के प्राकृतिक पर्यावास नहीं हैं लेकिन वे बिग-कैट्स के संरक्षण में रुचि रखते हैं।
- उद्देश्य: 7 बिग कैट्स प्रजातियों; बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा का संरक्षण करना।
- इसका मुख्यालय भारत में है।
- सदस्य: 12 देश (भारत सहित )।
डल झील पहली बार खेलो इंडिया वॉटर गेम्स की मेजबानी कर रहा है।
डल झील के बारे में
- यह केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर शहर के पूर्वी भाग में स्थित है। यह झील झेलम नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है।
- इसका क्षेत्रफल 18 वर्ग किलोमीटर है। यह एक प्राकृतिक आर्द्रभूमि का हिस्सा है, जो अपने फ्लोटिंग गार्डन्स सहित 21.1 वर्ग किलोमीटर में फैली हुयी है।
- श्रीनगर की डल झील के जल का प्रमुख स्रोत ‘अर्रा’ नदी है जो टेल बल नामक गहरी नाला से होकर उत्तर दिशा की ओर बहती है।
- आर्द्रभूमि को पुलों/सड़कों आदि द्वारा चार बेसिनों; गगरीबल, लोकुट डल, बोड डल और नागिन में विभाजित किया गया है।
भारत के महारजिस्ट्रार ने राज्यों से जन्म और मृत्यु के सभी मामलों के पंजीकरण की दिशा में कदम उठाने को कहा है।
‘भारत के महारजिस्ट्रार’ के बारे में
- इनकी नियुक्ति जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत होती है।
- मंत्रालय: केन्द्रीय गृह मंत्रालय।
- महत्वपूर्ण दायित्व
- आवास गणना एवं जनगणना आयोजित करना: जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत।
- नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS): जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम (1969) के तहत जन्म और मृत्यु के अनिवार्य पंजीकरण का प्रावधान है।
- अन्य कार्य: सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार करना, मातृभाषा सर्वेक्षण आयोजित कराना, आदि।
केंद्र सरकार ने राज्य सभा को भारत और नीदरलैंड के बीच जल पर चल रही रणनीतिक साझेदारी (SWP) के बारे में जानकारी दी।
‘भारत-डच रणनीतिक जल साझेदारी’ के बारे में
- इस साझेदारी पर 2022 में भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच हस्ताक्षर किए गए।
- उद्देश्य: भारत और नीदरलैंड के बीच जल सुरक्षा, उपलब्धता और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए जल प्रबंधन में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और बढ़ावा देना।
- उत्कृष्टता केंद्र (CoE): IIT दिल्ली और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से ‘इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन वाटर’ स्थापित किया गया है।
- मुख्य फोकस क्षेत्र: शहरी जल और नदी प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियां, जल गुणवत्ता, तथा नदी पर निर्भर अर्थव्यवस्था।
Article Sources
1 sourceनाटो स्वीडन में एक लॉजिस्टिक्स बेस स्थापित करने पर विचार कर रहा है।
नाटो के बारे में:
- यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों का एक राजनीतिक और सैन्य गठबंधन है।
- स्थापना: इसकी स्थापना अप्रैल 1949 में उत्तरी अटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर के साथ हुई।
- मुख्यालय : ब्रुसेल्स (बेल्जियम),
- सदस्य: वर्तमान में 32;
- नाटो में शामिल होने वाला नवीनतम देश स्वीडन (2024) है ।
- उद्देश्य: इसके गठन का प्रमुख उद्देश्य तत्कालीन सोवियत संघ के विरुद्ध सामूहिक सुरक्षा प्रदान करना था। वर्तमान में इसके सदस्य किसी भी बाहरी खतरे से एक-दूसरे की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- अनुच्छेद 5: इसमें कहा गया है कि नाटो के एक या अधिक सदस्यों के विरुद्ध सशस्त्र हमला सभी सदस्य देशों के विरुद्ध हमला माना जाएगा।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय, नाबार्ड और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श के बाद इस फ्रेमवर्क का अनावरण किया।
‘सहकारी बैंकों के लिए आधार-आधारित सत्यापन फ्रेमवर्क’ के बारे में
- उद्देश्य: सहकारी बैंकों को आधार-नंबर आधारित सत्यापन सेवा का उपयोग करके ग्राहकों को जोड़ने और आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के जरिए वित्तीय सेवाओं से वंचित आबादी तक पहुंचने में सक्षम बनाना।
- प्रक्रिया: केवल राज्य सहकारी बैंक ही सत्यापन उपयोगकर्ता एजेंसियों और eKYC उपयोगकर्ता एजेंसियों के रूप में UIDAI के पास पंजीकृत होंगे।
- इसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को 'DCB-ID' नामक एक नई पहचान देने का प्रस्ताव है, जो राज्य सहकारी बैंकों के भीतर उनकी पहचान सुनिश्चित करेगी।
Article Sources
1 sourceहाल ही में भारत सरकार ने ‘स्माइल योजना’ के अंतर्गत 15 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम शुरू किया। इसका उद्देश्य स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सशक्त बनाना है।
स्माइल (SMILE) योजना के बारे में
- स्माइल (SMILE) से आशय है; ‘सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल फॉर लाइवलीहुड ओप्पोरचुनिटी’
- योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना।
- क्रियान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय।
- इसमें दो उप-योजनाएं शामिल हैं:
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास हेतु केंद्रीय क्षेत्रक योजना।
- भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास हेतु केंद्रीय क्षेत्रक योजना।
- उठाए गए कदम- पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाएं, काउंसलिंग, शिक्षा, कौशल विकास, आर्थिक योजनाओं से जोड़ना, आदि।