हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गवर्नेंस पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दो नए तंत्र स्थापित करने की घोषणा की है।
- यह घोषणा “पैक्ट फॉर द फ्यूचर” और “ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट” पर आधारित है। साथ ही, यह अंतर्राष्ट्रीय और असैन्य AI गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
दो नए तंत्रों के बारे में
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल: यह पैनल AI की वैज्ञानिक समझ को बढ़ावा देने हेतु साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक आकलन प्रस्तुत करेगा; मौजूदा शोध को संकलित व विश्लेषित करेगा; तथा AI के अवसरों, खतरों और प्रभावों को समझाएगा।
- AI गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद: यह एक ऐसा मंच होगा, जहां अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा होगी; सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियां व सीखे गए अनुभव साझा किए जाएंगे; तथा AI गवर्नेंस पर खुली, पारदर्शी व समावेशी चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा।
वैश्विक AI गवर्नेंस पर संयुक्त राष्ट्र के अन्य तंत्र
- पैक्ट फॉर द फ्यूचर: इसे सितंबर 2024 में समिट ऑफ द फ्यूचर में अपनाया गया था। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मदद करना और नई चुनौतियों का समाधान व अवसरों की खोज करना है।
- ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट: यह पैक्ट फॉर द फ्यूचर का परिशिष्ट है। यह डिजिटल क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने और AI गवर्नेंस के लिए एक व्यापक वैश्विक फ्रेमवर्क है।
- AI फॉर गुड ग्लोबल समिट: इसे अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा 2017 से आयोजित किया जाता रहा है। इन सम्मेलनों ने AI के ऐसे उपयोगों की पहचान की है, जो SDGs की प्राप्ति में मदद कर सकते हैं। साथ ही, ऐसी AI प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनमें दुनिया भर में बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता है।
- अन्य पहलें:
- 2021 में AI एथिक्स पर पहला वैश्विक मानक अपनाया गया;
- यूनेस्को की AI के एथिक्स पर सिफारिशें जारी की गई हैं, आदि।