हेनले पासपोर्ट इंडेक्स | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स, 2025 में भारत का पासपोर्ट 85वें स्थान पर है। पिछले इंडेक्स की तुलना में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। 

  • सिंगापुर के पासपोर्ट को सर्वोच्च रैंकिंग मिली है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के बारे में

  • यह हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी किया जाता है। यह आवासीय और नागरिकता संबंधी योजनाओं में विश्व की अग्रणी कंपनी है।
  • यह इंडेक्स दुनिया के देशों के पासपोर्ट्स की रैंकिंग करता है, इस आधार पर कि किसी देश के पासपोर्ट धारक बिना वीजा के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं
  • यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशेष डेटा पर आधारित है।
  • महत्व: 
    • पासपोर्ट की रैंकिंग जितनी अच्छी होती है, उसके धारक उतने अधिक देशों में बिना वीजा के प्रवेश कर सकते हैं
    • यह रैंकिंग किसी देश के राजनयिक संबंधों, आर्थिक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय भरोसे का संकेत माना जाता है।

भारत के प्रसिद्ध वन्यजीव-संरक्षण विशेषज्ञ विवेक मेनन को वर्ष 2025–2029 के लिए IUCN स्पीशीज़ सर्वाइवल कमीशन (SSC) का नया अध्यक्ष चुना गया।

IUCN स्पीशीज़ सर्वाइवल कमीशन के बारे में

  • इसकी स्थापना 1949 में हुई थी।
  • यह दुनिया के लगभग हर देश से जुड़े 10,500 से अधिक स्वैच्छिक विशेषज्ञों का विज्ञान-आधारित नेटवर्क है।
  • भूमिका: यह IUCN को जैव विविधता संरक्षण, प्रजातियों के प्राकृतिक महत्व, और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य व कार्यप्रणाली में उनकी भूमिका से संबंधित जानकारी प्रदान करता है।

REDD+ कार्यक्रम के तहत संचालित केवल कुछ ही उष्णकटिबंधीय वनों की कार्बन ऑफसेट परियोजनाओं ने वनों की कटाई को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

REDD+ के बारे में

  • REDD+ से आशय है; ‘निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण से होने वाले उत्सर्जन में कटौती +' (रिड्यूसिंग एमिशन फ्रॉम डेफोरेस्टशन एंड फॉरेस्ट डिग्रेडेशन प्लस) ।
  • यह पहल संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के पक्षकार देशों द्वारा विकसित की गई है।
  • REDD का अर्थ है विकासशील देशों मेंनिर्वनीकरण और वन निम्नीकरण से होने वाले उत्सर्जन में कटौती'
  • प्लस (+) का अर्थ है जलवायु की रक्षा करने वाली वन‑संबंधी अतिरिक्त गतिविधियां; जैसे कि— वनों का सतत प्रबंधन, उनका संरक्षण, और वन कार्बन भंडारों का संवर्धन।
    • इसके तहत, यदि कोई विकासशील देश वनों की कटाई कम करने में सफल होता है, तो उसे उत्सर्जन में कमी आधारित भुगतान प्राप्त हो सकता है।
  • यह कार्यक्रम पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का भी हिस्सा है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने ग्रीनहाउस गैसों की स्थिति पर अपनी 21वीं ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन जारी की है।

बुलेटिन के मुख्य बिंदु:

  • CO₂ रिकॉर्ड स्तर पर: वर्ष 2024 में वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का स्तर 423.9 5 ppm तक पहुँच गया। यह 2023 की तुलना में 3.5 5 ppm अधिक है। 
    • यह 1957 में गणना शुरू होने के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है।
  • सबसे गर्म वर्ष: वर्ष 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा, जहां वैश्विक तापमान औद्योगिक क्रांति-पूर्व स्तर से 1.55°C अधिक दर्ज किया गया। यह पहली बार है जब वैश्विक तापमान ने पेरिस समझौते की 1.5°C सीमा को पार किया।
  • रेडिएटिव फोर्सिंग (या क्लाइमेट फोर्सिंग): वायुमंडल में अधिक समय तक रहने वाली ग्रीनहाउस गैसों में 54% की वृद्धि दर्ज की गई।
    • रेडिएटिव फोर्सिंग एक ऐसा माप है जो पृथ्वी की जलवायु पर अलग-अलग बदलावों के प्रभाव की तुलना करने में मदद करता है।
    • अधिक रेडिएटिव फोर्सिंग का अर्थ है वैश्विक औसत तापमान में समान अनुपात में वृद्धि।
  • अन्य ग्रीनहाउस गैसें: मीथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) का स्तर भी औद्योगिक क्रांति-पूर्व स्तरों से ऊपर बढ़ गया है।

भारत सातवीं बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सदस्य चुना गया। भारत निर्विरोध निर्वाचित हुआ है। 

  • भारत को वर्ष 2026 से 2028 के तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना गया है। नया कार्यकाल अगले वर्ष से शुरू होगा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के बारे में

  • परिचय: यह संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के तहत एक अंतर-सरकारी संस्था है। इसका उद्देश्य विश्व स्तर पर मानवाधिकारों को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना है।
  • स्थापना: इसे 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा "मानवाधिकार आयोग" की जगह स्थापित किया गया था।
  • सदस्य: इसमें कुल 47 सदस्य देश होते हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा प्रतिवर्ष चुनती है। प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल तीन वर्षों का होता है। कोई देश अधिकतम दो लगातार कार्यकाल के लिए ही सदस्य बन सकता है
  • कार्य: 
    • यह मानवाधिकारों पर वैश्विक चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करती है, 
    • संकल्प पारित करती है, 
    • सदस्य देशों के मानवाधिकार रिकॉर्ड की समीक्षा करती है और 
    • मानवाधिकार उल्लंघन की जांच तथा विशेष प्रक्रियाएं शुरू करने के लिए आदेश जारी करती है।

भारत और कनाडा के विदेश मंत्रियों के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक नया रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई।

  • कनाडा के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने एक सिख अलगाववादी की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। इसकी वजह से पिछले लगभग दो वर्षों से दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। 

नए रोडमैप के मुख्य बिंदु

  • कनाडा-भारत मंत्री-स्तरीय ऊर्जा संवाद (CIMED) को फिर से शुरू करने पर सहमति हुई।
  • LNG और LPG के द्विपक्षीय व्यापार को  बढ़ावा दिया जाएगा तथा तेल‑गैस खोज एवं उत्पादन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें स्वच्छ तकनीकों में सहयोग भी शामिल होंगी।
  • संयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग समिति (JSTCC) को फिर से प्रारंभ किया जाएगा।
  • ग्रीन हाइड्रोजन; बायोफ्यूल; कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी संधारणीय और कम-कार्बन उत्सर्जन वाली ईंधन तकनीकों पर सहयोग करने पर सहमति बनी।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और फिनटेक जैसी नई तकनीकों में अनुसंधान हेतु साझेदारी पर विशेष जोर दिया गया

वैज्ञानिकों ने पदार्थ की एक नई अवस्था 'टाइम रोंडो क्रिस्टल' की खोज की है। 

टाइम रोंडो क्रिस्टल के बारे में

  • यह पदार्थ की एक ऐसी अवस्था है जो समय के साथ क्रम (order) और क्रमभंग (disorder) का एक अनोखा मिश्रण प्रदर्शित करती है।
    • सामान्य क्रिस्टल  दिक् (space) में एक दोहरावदार पैटर्न होता है, वहीं इस अवस्था में क्रिस्टल ‘काल’ (Time) में एक पैटर्न दिखाता है।
  • इसका व्यवहार आंशिक रूप से क्रमिक और आंशिक रूप से यादृच्छिक होता है यानी यह पारंपरिक टाइम क्रिस्टल की तरह बिल्कुल एक जैसा पैटर्न दोहराता नहीं है।
  • इस अवस्था को नियंत्रित प्रायोगिक परिस्थितियों में क्वांटम प्रणालियों में देखा गया है जैसे कि हीरे में परमाणु स्पिन
  • महत्त्व: यह क्वांटम कंप्यूटिंग को बेहतर बनाता है और समय-पर निर्भर तकनीकों में उपयोगी हो सकता है।

भारत ने सीज़ियम-137 (Cs-137) संदूषण के दुष्प्रभाव को कम करने में उपयोगी प्रशियन ब्लू कैप्सूल्स (Prussian Blue Capsule) इंडोनेशिया को भेजे हैं।

  • Cs-137 रेडियोएक्टिव समस्थानिक है जो परमाणु विखंडन के दौरान उत्पन्न होता है। इसका उपयोग चिकित्सा उपकरणों और औद्योगिक गेजों में किया जाता है।
  • इसके प्रभाव में आने पर जलन, रेडिएशन जनित बीमारी और यहाँ तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

प्रशियन ब्लू कैप्सूल के बारे में

  • प्रशियन ब्लू आंतों में रेडियोएक्टिव सीज़ियम और थैलियम को फँसाकर शरीर में उनके अवशोषण को रोकता है।
  • यह इन हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे रेडिएशन का प्रभाव कम होता है। इस तरह यह स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की संभावना को कम करता है

विशाखापट्टनम में पांचवां ‘समुद्र शक्ति’ अभ्यास शुरू हुआ।

समुद्र शक्ति अभ्यास के बारे में

  • यह भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है।
  • यह दो चरणों में आयोजित किया जाता है; बंदरगाह चरण (Harbour Phase) और समुद्री चरण (Sea Phase)
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet