भारत को “एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए वैश्विक भू-स्थानिक सूचना प्रबंधन की संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय समिति’ (UN-GGIM-AP) का सह-अध्यक्ष चुना गया है।
UN-GGIM-AP के बारे में:
- यह UN-GGIM के तहत पांच क्षेत्रीय समितियों में से एक है।
UN-GGIM के बारे में:
- स्थापना: यह संयुक्त राष्ट्र का एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसे आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के तहत 2011 में वैश्विक भू-स्थानिक डेटा प्रबंधन को समन्वित करने के लिए स्थापित किया गया था।
- कार्य: यह एक शीर्ष अंतर-सरकारी तंत्र है जो भू-स्थानिक (Geospatial) सूचना नीति के संबंध में निर्णय लेने के लिए कार्य करता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों को भू-स्थानिक डेटा और तकनीकों के बेहतर उपयोग के माध्यम से हल करना है।
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1 sourceभारत और ब्राजील ने भारत और मर्कोसर ब्लॉक के बीच मौजूदा प्रिफ़ेन्शियल ट्रेड अग्रीमेंट (PTA) के दायरे को बढ़ाने पर सहमति जताई है।
मर्कोसुर के बारे में
- इसकी शुरुआत 1991 में हुई थी। इसका मुख्यालय मोंटेवीडियो (उरुग्वे) में है।
- यह दक्षिण अमेरिकी देशों का ट्रेड ब्लॉक है, जो मुक्त व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
- सदस्य देश: अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे।
- वेनेजुएला की सदस्यता निलंबित कर दी गयी है।
- गवर्नेंस: कॉमन मार्केट काउंसिल (CMC), कॉमन मार्केट ग्रुप (GMC), मर्कोसुर ट्रेड कमीशन (CCM)
- भूमिका: यह कस्टम्स यूनियन के रूप में कार्य करता है। इसमें एक समान एक्सटर्नल टैरिफ होता है, जो क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को आसान बनाता है।
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1 sourceकेंद्रीय खान मंत्रालय ने राज्य खनन तत्परता सूचकांक (State Mining Readiness Index: SMRI) जारी किया है।
राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) के बारे में
- उद्देश्य: इस सूचकांक का उद्देश्य देश के खनन क्षेत्र के विकास में राज्यों के सापेक्ष योगदान को मापना, खनन क्षेत्र में सुधारों को प्रोत्साहित करना, और राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना है।
- आधार: यह सूचकांक कोयला को छोड़कर अन्य खनिजों से संबंधित नीलामी में प्रदर्शन, खनन के शीघ्र परिचालन, खोज पर ज़ोर, और सतत खनन पद्धतियों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन करता है।
- वर्गीकरण: राज्यों को उनके खनिज भंडार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
- तीनों श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं:
- A: मध्य प्रदेश, राजस्थान, और गुजरात
- B: गोवा, उत्तर प्रदेश, और असम
- C: पंजाब, उत्तराखंड, और त्रिपुरा।
- तीनों श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं:
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1 sourceडिजिटल तकनीकों की नोटिफिकेशंस, लाइक्स, और कंटेंट फीड्स हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन रिलीज करती हैं। ये अवार्ड आधारित प्रणाली का उपयोग करके हमें बार-बार फोन या ऐप चेक करने के लिए प्रेरित करती हैं। इससे लत जैसी आदतें और ध्यान भंग होना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
डोपामाइन के बारे में
- डोपामिन मस्तिष्क का “फील-गुड” (अच्छा महसूस कराने वाला) न्यूरोट्रांसमीटर है, जो प्रेरणा, इनाम और आनंद से जुड़ा होता है।
- यह आनंददायक अनुभवों के दौरान जारी होता है, जैसे: भोजन, उपलब्धियां, सामाजिक संपर्क।
- यह मूल रूप से पुरस्कार के माध्यम से लर्निंग को बढ़ावा देता है।
- नशे की लत वाले पदार्थ (जैसे कोकीन, निकोटीन, शराब) का सेवन भारी मात्रा में डोपामाइन का स्राव करते हैं। इससे मस्तिष्क संवेदनहीन हो जाता है और व्यक्ति को वही आनंद पाने के लिए अधिक मात्रा में सेवन की जरूरत पड़ती है जिससे लत लग जाती है।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने पहली 'स्टेट ऑफ फाइनेंस फॉर फॉरेस्ट्स 2025' रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट 2023 में सार्वजनिक और निजी स्रोतों से वन वित्त-पोषण की वैश्विक स्थिति प्रदान करती है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- वित्तपोषण की भारी कमी: रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान वित्तपोषण और 2030 तक वैश्विक वन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक निवेश के बीच 216 बिलियन अमेरिकी डॉलर का वार्षिक अंतर मौजूद है।
- निवेश को बढ़ाने की आवश्यकता: वनों में वार्षिक निवेश को 2023 के 84 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 2030 तक तीन गुना बढ़ाकर 300 बिलियन डॉलर और 2050 तक छह गुना बढ़ाना होगा।
- 2023 में वन वित्तपोषण का प्राथमिक स्रोत सरकारें थीं, जिनका कुल वित्तपोषण में 91% योगदान था।
- वैश्विक जलवायु और जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों को 2030 तक 1 बिलियन हेक्टेयर और 2050 तक 1.8 बिलियन हेक्टेयर तक विस्तारित करने की आवश्यकता है।
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1 sourceGRAIN द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) की बढ़ती संख्या देशों को UPOV कन्वेंशन 1991 के मानकों को अपनाने के लिए बाध्य कर रही हैं।
UPOV कन्वेंशन के बारे में
- इसकी स्थापना 1961 में हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में है।
- UPOV का पूर्ण रूप है-पादपों की नई किस्मों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (International Union for the Protection of New Varieties of Plants)।
- मिशन: यह एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसका उद्देश्य पादप किस्मों के संरक्षण की एक प्रभावी प्रणाली प्रदान करना और उसे बढ़ावा देना है।
- कार्य: यह कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए पादपों की नई और बेहतर किस्मों के विकास को प्रोत्साहित करने हेतु ‘ब्रीडर्स राइट’ प्रदान करता है। यह एक प्रकार का बौद्धिक संपदा (IP) अधिकार है।
- UPOV कन्वेंशन 1991: यह पादप किस्मों के विकास करने वालों के अधिकारों (ब्रीडर्स राइट) को सशक्त करता है। साथ ही यह सदस्य देशों के किसान द्वारा अपनी फसल के बीज सुरक्षित रखने के विशेषाधिकार को वैकल्पिक बनाता है।
- भारत की स्थिति: भारत इस कन्वेंशन का सदस्य नहीं है। इसकी बजाय वह अपने स्वयं के सुई जेनेरिस कानून और पादप किस्मों और किसान अधिकार संरक्षण प्राधिकरण अधिनियम, 2001 का उपयोग करता है।
- 2001 का कानून ब्रीडर्स और किसान, दोनों के अधिकारों की विशिष्ट रूप से रक्षा करता है।