8वां केंद्रीय वेतन आयोग | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

मंत्रिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारार्थ विषयों (Terms of Reference) को मंजूरी दी।

  • केंद्रीय वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों की समीक्षा करता है तथा उनमें बदलाव की सिफारिश करता है।

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के बारे में 

  • यह आयोग एक अस्थायी निकाय है। इसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य, और एक सदस्य-सचिव शामिल है। 
  • यह अपने गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा।
  • आयोग आर्थिक स्थिति, वित्तीय अनुशासन, गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की लागत, राज्य वित्त, और सार्वजनिक (CPSUs) व निजी क्षेत्रक के वेतन ढांचे को ध्यान में रखेगा।
  • 8वें आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है।

पुनर्वास शिक्षा को आधुनिक और सबके लिए सुलभ बनाने हेतु भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) ने कई सुधार शुरू किए।

भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) के बारे में

  • स्थापना: इसे वर्ष 1986 में एक पंजीकृत संस्था के रूप में स्थापित किया गया था और वर्ष 1993 में यह एक वैधानिक निकाय बन गई थी। यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है।
  • उद्देश्य:
    • दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास से जुड़ी प्रशिक्षण नीतियों और कार्यक्रमों को विनियमित करना।
    • दिव्यांग व्यक्तियों के साथ कार्य करने वाले पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में एकरूपता और मानकीकरण लाना।

20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में “शांति और स्थिरता पर कुआलालंपुर घोषणा-पत्र” को अपनाया गया।

  • इस घोषणा-पत्र का उद्देश्य EAS कार्य योजना (2024–2028) के तहत संयुक्त परियोजनाओं और गतिविधियों को लागू करना है। यह आसियान 2045: आवर शेयर्ड फ्यूचर विज़न के अनुरूप है।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) के बारे में

  • परिचय: यह पूर्वी एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नेताओं के नेतृत्व वाला एक मंच है। इसमें रणनीतिक, राजनीतिक एवं आर्थिक मुद्दों पर संवाद व सहयोग किया जाता है।
  • उत्पत्ति: इसकी स्थापना 2005 में हुई थी। इसका पहला शिखर सम्मेलन कुआलालंपुर (मलेशिया) में आयोजित किया गया था।
  • स्वरूप: इसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों की वार्षिक बैठक होती है।
  • सदस्य: आसियान के सदस्य देश तथा इनके साथ ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस शामिल हैं।

चक्रवात मोंथा बंगाल की खाड़ी के तट से टकराया। 

चक्रवात मोंथा के बारे में:

  • अर्थ: “मोंथा” का मतलब थाई भाषा में एक सुगंधित फूल होता है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात
    • ये वाताग्र रहित, निम्न दाब युक्त और तेजी से घूर्णन करने वाले चक्रवातीय तंत्र होते हैं। इनकी उत्पत्ति उष्णकटिबंधीय महासागरों में होती है।
    • इन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है—
      • अटलांटिक महासागर में हरिकेन,
      • पश्चिमी प्रशांत महासागर और दक्षिण चीन सागर में टाइफून, तथा
      • पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विली कहा जाता है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने के लिए अनिवार्य दशाएं:
    • समुद्र की सतह का तापमान 27°C से अधिक होना चाहिए।
    • कोरिओलिस बल की उपस्थिति।
    • पहले से मौजूद कमजोर निम्न दाब क्षेत्र होना आवश्यक है।

ब्राज़ील में वैज्ञानिकों ने मनौस के पास अमेज़नफ़ेस (मुक्त-वायु CO₂ संवर्धन) प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इसके जरिये भविष्य में वायुमंडलीय CO₂ स्तरों के प्रति अमेज़न वर्षावन की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाएगा।  

अमेज़नफ़ेस के बारे में 

  • इस परियोजना का उद्देश्य भविष्य के वातावरण का अनुकरण (simulate) करना और यह जानना है कि उष्णकटिबंधीय वन बढ़ते CO₂, तापमान और आर्द्रता के साथ कैसे अनुकूलन करते हैं।
    • यह प्रोजेक्ट कार्बन अवशोषण क्षमता, प्रकाश संश्लेषण और वनों की सहनशीलता को समझने के लिए हर 10 मिनट में CO₂ अवशोषण की लगातार निगरानी करेगा।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने लाल चन्दन (रेड सैंडर्स) की खेती करने वालों के लिए निधि जारी की है। यह ABS फ्रेमवर्क के तहत भारत के जैविक संसाधनों के संधारणीय उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक कदम है।

पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) के बारे में

  • यह इस से संबंधित है कि जैविक संसाधनों का उपयोग कैसे किया जाता है और उनके उपयोग से प्राप्त लाभों को उपयोगकर्ताओं एवं प्रदाताओं के बीच कैसे उचित रूप से बांटा जाता है।
  • फ्रेमवर्क: इसे जैविक विविधता पर कन्वेंशन (CBD) के तहत कवर किया गया है।
    • बोन दिशा-निर्देश और नागोया प्रोटोकॉल (2010) ABS से संबंधित हैं। 
  • भारत में, इसे जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत शासित किया जाता है।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet