
रानी वेलु नचियार (1730-96)
प्रधान मंत्री ने रानी वेलु नचियार की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- जन्म: उनका जन्म 1730 में रामनाद (तमिलनाडु) की राजकुमारी के रूप में हुआ था।
- कौशल: वे घुड़सवारी, तीरंदाजी, सिलंबम और वलारी (मार्शल आर्ट्स विधाओं) जैसे युद्ध कौशल में प्रशिक्षित थीं।
- प्रमुख योगदान:
- अंग्रेजों के खिलाफ मैसूर के हैदर अली के साथ गठबंधन किया था।
- उन्होंने महिलाओं की एक सेना का गठन किया था। इस सेना को ‘उदैयाल’ कहा जाता था। यह विश्व इतिहास की पहली सर्व-महिला सेना इकाइयों में से एक थी।
- आत्मघाती रणनीति की अग्रदूत: उनकी कमांडर कुयिली ने 1780 में ब्रिटिश गोला-बारूद डिपो को नष्ट करने के लिए स्वयं को आग लगा ली थी। यह भारतीय इतिहास का प्रथम दर्ज आत्मघाती हमला था।
- 1780 में, उन्होंने अंग्रेजों को पराजित कर शिवगंगा पर फिर से अधिकार कर लिया था (1857 के विद्रोह से 77 वर्ष पूर्व)।