इन स्वीकृतियों में मोबाइल विनिर्माण, दूरसंचार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और आईटी हार्डवेयर जैसे विभिन्न क्षेत्रकों में उपयोग होने वाले लक्षित सेगमेंट उत्पादों का निर्माण शामिल है।
इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (ECMS) के बारे में
- शुरुआत: इसे अप्रैल 2025 में ₹22,919 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ अधिसूचित किया गया था।
- अवधि: 6 वर्ष + 1 वैकल्पिक प्रारंभिक (जेस्टेशन) वर्ष (6+1)।
- उद्देश्य: घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (GVCs) के साथ जोड़कर और निवेश (वैश्विक/ घरेलू) आकर्षित करके एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण तंत्र विकसित करना।
- लक्षित सेगमेंट्स:
- A - सब-असेंबलीज़: (डिस्प्ले मॉड्यूल और कैमरा मॉड्यूल);
- B - बेयर कंपोनेंट्स: (इलेक्ट्रो-मैकेनिकल्स, PCBs, ली-आयन बैटरियां आदि);
- C - चयनित बेयर कंपोनेंट्स: (HDI/ फ्लेक्सिबल PCBs);
- D - सप्लाई चेन इकोसिस्टम और कैपिटल इक्विपमेंट; तथा
- E - सब-असेंबली – टेलीकॉम।
- प्रोत्साहन के प्रकार: यह योजना टर्नओवर के आधार पर लक्षित सेगमेंट उत्पादों पर अलग-अलग वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है:
- टर्नओवर से संबद्ध प्रोत्साहन: सेगमेंट A, B और E के लिए वृद्धिशील टर्नओवर/ बिक्री पर।
- इसकी अवधि 6 वर्ष + 1 वैकल्पिक प्रारंभिक (जेस्टेशन) वर्ष (6+1) है।
- पूंजीगत व्यय प्रोत्साहन: सेगमेंट D के लिए पात्र पूंजीगत निवेश पर।
- इसकी अवधि 5 वर्ष है।
- हाइब्रिड प्रोत्साहन: सेगमेंट C के लिए उद्योग की जरूरतों के आधार पर दोनों प्रकार के प्रोत्साहन।
- टर्नओवर से संबद्ध प्रोत्साहन: सेगमेंट A, B और E के लिए वृद्धिशील टर्नओवर/ बिक्री पर।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग
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