यह संशोधित योजना RBI-विनियमित संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं से संबंधित ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई है। यह 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी।
रिज़र्व बैंक- एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (RB-IOS) 2026 की मुख्य विशेषताएं
- उद्देश्य: RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं के खिलाफ शिकायतों के समाधान के लिए एक लागत प्रभावी, त्वरित और गैर-प्रतिकूल वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करना।
- RBI ओम्बड्समैन: RBI अपने एक या अधिक अधिकारियों को 'RBI ओम्बड्समैन' और 'RBI डिप्टी-ओम्बड्समैन' के रूप में नियुक्त कर सकता है। सामान्यतः यह नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए होगी।
- केंद्रीकृत प्राप्ति और प्रसंस्करण केंद्र (CRPC): शिकायतों को प्राप्त करने और उनकी जांच (प्रसंस्करण) करने के लिए RBI एक CRPC स्थापित करेगा।
- ओम्बड्समैन की शक्तियां:
- RBI ओम्बड्समैन के पास लाए जाने वाले विवाद की राशि पर कोई सीमा नहीं है।
- ओम्बड्समैन के पास ₹30 लाख तक का मुआवजा प्रदान करने की शक्ति है।
- शिकायत का आधार: किसी विनियमित संस्था (बैंक, NBFC आदि) द्वारा की गई ऐसी चूक या कार्य जिसके परिणामस्वरूप सेवा में कमी आई हो।
- अपील: विनियमित संस्था या शिकायतकर्ता निर्णय के विरुद्ध 30 दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं।
- नोडल अधिकारी: विनियमित संस्था अपने मुख्य कार्यालय में एक प्रधान नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी। यह अधिकारी दर्ज की गई शिकायतों के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए उत्तरदायी होगा।
