यह रिपोर्ट नीति आयोग ने जारी की है। यह रिपोर्ट इस तथ्य की व्यापक समझ प्रदान करती है कि कैसे योजनाओं का अभिसरण एक अधिक सुसंगत, उत्तरदायी और प्रभावशाली नीतिगत तंत्र का निर्माण कर सकता है।
योजनाओं के अभिसरण की आवश्यकता
- दोहराव, अक्षमता और सीमित पहुंच को रोकना: वर्तमान में MSME मंत्रालय 18 योजनाओं का संचालन करता है, जिनके उद्देश्य आपस में मिलते-जुलते हैं। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों के बीच इनका कार्यान्वयन खंडित है।
- संसाधनों का परिणामों में बेहतर रूपांतरण: भ्रम को कम करना और लाभार्थियों के लिए योजनाओं तक पहुंच को सरल बनाना।
अभिसरण के लिए रिपोर्ट द्वारा सुझाया गया द्वि-आयामी दृष्टिकोण
- सूचना अभिसरण: समन्वय और बेहतर निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार के लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर सरकार द्वारा उत्पन्न डेटा को एकीकृत करना चाहिए।
- उदाहरण: पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान, जो 16 केंद्रीय मंत्रालयों को एकीकृत करती है।
- प्रक्रिया अभिसरण: समान योजनाओं का विलय करना, साझा घटकों को जोड़ना और विभिन्न मंत्रालयों व राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।
- उदाहरण: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एकीकृत केंद्रीय क्षेत्रक की योजना 'विज्ञान धारा', जो तीन व्यापक घटकों को कवर करने वाली एक अम्ब्रेला योजना है।
अभिसरण को सुगम बनाने के लिए मुख्य सिफारिशें
- क्लस्टर विकास योजनाओं का अभिसरण: 'पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना' (SFURTI) का 'सूक्ष्म एवं लघु उद्यम - क्लस्टर विकास कार्यक्रम' (MSE-CDP) के साथ अभिसरण।
- कौशल विकास कार्यक्रमों का अभिसरण: कौशल विकास पहलों को तीन-स्तरीय संरचना में तर्कसंगत बनाना चाहिए। इस संरचना में उद्यमिता और व्यावसायिक कौशल, MSME तकनीकी कौशल, और ग्रामीण व महिला कारीगरों के लिए प्रशिक्षण शामिल हो।
- अन्य: योजनाओं को एकीकृत करने वाला AI-संचालित केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म; हालांकि, प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और पीएम विश्वकर्मा जैसे बड़े प्रमुख कार्यक्रमों को स्वतंत्र बनाए रखना चाहिए।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बारे में
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