इस संवाद में भारत एवं जापान ने अपनी 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' की बढ़ती मजबूती की पुष्टि की तथा निम्नलिखित विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- 2026 की पहली तिमाही के भीतर "आर्थिक सुरक्षा पर भारत-जापान निजी क्षेत्रक संवाद" (BtoB) शुरू किया जाएगा।
- यह 5 प्राथमिकता वाले क्षेत्रकों पर ध्यान केंद्रित करेगा: सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), स्वच्छ ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स।
- "भारत-जापान AI सहयोग पहल (JAI)" के तहत "भारत-जापान AI रणनीतिक संवाद" की स्थापना की जाएगी।
- जापान संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक भारत से 500 अत्यधिक कुशल AI पेशेवरों को आमंत्रित करेगा।
- "खनिज संसाधनों पर संयुक्त कार्य समूह (JWG)" की बैठक शीघ्र आयोजित करने पर सहमति बनी।
भारत-जापान संबंध: एक नजर में
- रणनीतिक साझेदारी: 2014 में संबंधों को 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' के रूप में आगे बढ़ाया गया था।
- आर्थिक सहयोग:
- भारत-जापान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA, 2011) संपन्न किया गया है।
- वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच 22.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।
- भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता भागीदारी (2021) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- व्यापार संरचना: भारत मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टर, तांबा और इलेक्ट्रिकल मशीनरी का आयात करता है, जबकि कार्बनिक रसायन, वाहन एवं रिएक्टर से संबंधित पुर्जों का निर्यात करता है।
- सुरक्षा और रक्षा: सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, रक्षा समझौते, 2+2 मंत्रिस्तरीय संवाद, तथा JIMEX, धर्म गार्जियन, मालाबार और मिलन जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास।
- विकास सहयोग: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम।
भारत-जापान संबंधों का वैश्विक महत्त्व
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