उच्चतर शिक्षण संस्थाओं (HEIs) में छात्र आत्महत्याओं को लेकर उच्चतम न्यायालय ने अंतरिम निर्देश जारी किए | Current Affairs | Vision IAS
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In Summary

  • अमित कुमार बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एनटीएफ के सुझावों के आधार पर, 15-29 आयु वर्ग में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक, छात्रों द्वारा बढ़ती आत्महत्याओं को संबोधित किया।
  • पहचाने गए प्रमुख कारणों में शिक्षकों की कमी, संस्थागत जिम्मेदारी की कमी, छात्रवृत्ति में देरी से उत्पन्न वित्तीय तनाव और बिखरे हुए नियमों का कमजोर प्रवर्तन शामिल हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आत्महत्याओं पर केंद्रीय डेटा रखरखाव, उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा अनिवार्य रिपोर्टिंग, चार महीने के भीतर संकाय रिक्तियों को भरने और मौजूदा भेदभाव-विरोधी और रैगिंग-विरोधी उपायों के अनुपालन का निर्देश दिया।

In Summary

ये निर्देश अमित कुमार बनाम भारत संघ मामले में दिए गए हैं। साथ ही, ये 2025 में न्यायालय द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्य बल (NTF) के सुझावों पर आधारित हैं।

उच्चतम न्यायालय की मुख्य टिप्पणियां

  • बढ़ते मामले: प्रतिदर्श पंजीकरण प्रणाली (SRS) के अनुसार, 15-29 आयु वर्ग में मृत्यु के प्रमुख कारणों में आत्महत्या शामिल है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2022 में छात्र आत्महत्या के लगभग 13,000 मामले दर्ज किए गए थे।
  • HEIs का विस्तार: 'व्यापक पैमाने पर विस्तार' और 'निजीकरण' के कारण भारत छात्र नामांकन में विश्व स्तर पर दूसरे स्थान पर है, लेकिन इसके साथ ही संरचनात्मक और सामाजिक असमानताओं में भी वृद्धि हुई है।

NTF के अनुसार, छात्र आत्महत्याओं के बढ़ने के प्रमुख कारण

  • पदों की कमी: HEIs में संकाय (Faculty), प्रशासनिक कर्मचारियों और नेतृत्व के पदों की कमी से संस्थागत शासन, शिकायत निवारण और जवाबदेही कमजोर होती है। इससे जाति-आधारित भेदभाव व रैगिंग जैसी घटनाएं बढ़ती हैं।
  • संस्थागत जिम्मेदारी का अभाव: HEIs अक्सर जिम्मेदारी लेने की बजाय दोष को व्यक्तिगत बताते हुए छात्रों की 'निजी कमियों' को उत्तरदायी ठहराते हैं।
  • वित्तीय तनाव: छात्रवृत्ति जारी करने में देरी एक प्रमुख वित्तीय तनाव का कारण बनती है।
  • विखंडित ढांचा और कमजोर प्रवर्तन: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) विनियम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (2017) जैसे विभिन्न विनियम/पहलें अलग-अलग दस्तावेजों में दर्ज हैं और इनका कार्यान्वयन कमजोर है।

उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी मुख्य निर्देश

  • छात्र आत्महत्याओं का डेटा: विशेष रूप से 15-29 वर्ष आयु वर्ग के लिए 'SRS’ के आत्महत्या संबंधी आंकड़ों को केंद्रीय रूप से बनाए रखा जाएगा। 
  • आत्महत्या की रिपोर्टिंग: सभी HEIs को छात्र आत्महत्या की किसी भी घटना की रिपोर्ट करने के साथ-साथ विनियामक निकायों को एक वार्षिक रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।
  • संकाय की कमी को दूर करना: रिक्त पड़े संकाय पदों, जिनमें कुलपति (VC), रजिस्ट्रार और अन्य प्रमुख प्रशासनिक पद शामिल हैं, उन्हें चार महीनों के भीतर भरा जाएगा। 
  • मौजूदा विनियमों का अनुपालन: रैगिंग विरोधी समितियों/ दस्तों, भेदभाव-रोधी अधिकारियों, आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) आदि के गठन को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
  • अन्य निर्देश: प्रत्येक आवासीय HEI में योग्य चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करनी होगी; छात्रवृत्ति के लंबित मामलों को चार महीनों के भीतर निपटाना होगा आदि।
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आंतरिक शिकायत समितियों (ICC)

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मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (2017)

The Mental Healthcare Act, 2017, is a legislation in India that provides for mental healthcare and services for persons with mental illness. It aims to protect the rights of individuals with mental illness and ensures access to mental healthcare services.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020

भारत सरकार द्वारा 2020 में जारी एक नीतिगत ढांचा जिसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाना है, जिसमें उच्च शिक्षा को अधिक समग्र, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाला बनाना शामिल है।

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