इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि AI का भविष्य व्यापक लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) की बजाय स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (SLMs) द्वारा आकार ग्रहण करेगा।
स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (SLMs) क्या हैं?
SLMs कॉम्पैक्ट एआई प्रणालियां हैं, जो सरल न्यूरल नेटवर्क संरचना पर बनाई गई हैं। इन्हें LLMs की तरह ही प्राकृतिक भाषा को समझने और उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- SLMs द्वारा प्रयुक्त पैरामीटर्स: SLMs में कुछ मिलियन से लेकर 30 बिलियन तक पैरामीटर्स होते हैं, जबकि LLMs में अक्सर सैकड़ों बिलियन या ट्रिलियन पैरामीटर्स होते हैं।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में वैश्विक स्तर पर AI का लगभग 95% कार्य SLMs द्वारा ही नियंत्रित किया जा रहा है।
- उदाहरण: लामा (Llama), मिस्ट्रल (Mistral), जेम्मा (Gemma), ग्रेनाइट (Granite) आदि।

LLMs की तुलना में SLMs के लाभ
- किफायती: लघु मॉडल्स को आमतौर पर कम कंप्यूटेशनल पावर की आवश्यकता होती है, जिससे लागत कम हो जाती है।
- ऑन-डिवाइस परिनियोजन (Deployment) के लिए आदर्श: ये सीमित कनेक्टिविटी, कम मेमोरी और बहुत कम बिजली की खपत करने वाले उपकरणों पर दक्षता एवं प्रदर्शन के लिए अनुकूलित होते हैं।
- AI का लोकतंत्रीकरण: अधिक संगठन विविध दृष्टिकोणों और सामाजिक आवश्यकताओं के साथ मॉडल्स विकसित करने में भाग ले सकते हैं।
- अन्य लाभ: सुव्यवस्थित निगरानी और रखरखाव; बेहतर डेटा गोपनीयता एवं सुरक्षा; कम अवसंरचना; विशिष्ट कार्यों के लिए गहन विशेषज्ञ ज्ञान और कम विलंबता आदि।
SLMs की सीमाएं
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