यह रिपोर्ट वैश्विक व्यय में वित्तीय असंतुलन पर प्रकाश डालती है। यह व्यय प्रकृति-सकारात्मक वित्त की तुलना में प्रकृति-नकारात्मक वित्त की ओर अधिक झुका हुआ है।
- प्रकृति-सकारात्मक वित्त: उन गतिविधियों में निवेश करना, जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं। जैसे: प्रकृति-आधारित समाधान (NbS)।
- प्रकृति-नकारात्मक वित्त: वे निवेश, जो प्राकृतिक अवसंरचना को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जैसे: पर्यावरण के लिए हानिकारक सब्सिडी।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- बहुत अधिक वित्त-पोषण अंतराल: वर्ष 2023 में, प्रकृति-नकारात्मक गतिविधियों के लिए वित्त-पोषण $7.3 ट्रिलियन (30 गुना अधिक) तक पहुंच गया था। इसके विपरीत, प्रकृति-आधारित समाधानों (NbS) में केवल $220 बिलियन का निवेश किया गया था।
- सार्वजनिक-निजी वित्त-पोषण अंतराल: NbS वित्त-पोषण का 90% हिस्सा सार्वजनिक वित्त है। इसके विपरीत, निजी वित्त-पोषण जीवाश्म ईंधन और भारी उद्योग जैसे उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में केंद्रित है।
- निवेश की आवश्यकता: रियो अभिसमय के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, वार्षिक NbS निवेश को 2030 तक 2.5 गुना से अधिक बढ़ाकर $571 बिलियन करना होगा।
- रियो अभिसमय के लक्ष्य: वैश्विक तापन को 1.5°C तक सीमित करना; जैव विविधता के नुकसान को रोकना आदि।
- मुख्य सिफारिशें:
- पूंजी प्रवाह को प्रकृति-नकारात्मक गतिविधियों से दूर करना चाहिए;
- हानिकारक सब्सिडी में सुधार करना चाहिए;
- प्रकृति-संबंधी जोखिमों के प्रकटीकरण को अनिवार्य करना चाहिए;
- निजी पूंजी जुटाने के लिए मिश्रित वित्त व निवेश को जोखिम मुक्त बनाना चाहिए आदि।
प्रकृति-आधारित समाधान (NbS) के बारे में
- NbS सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रकृति और स्वस्थ पारिस्थितिकी-तंत्र की शक्ति का उपयोग करता है। इसमें प्राकृतिक और संशोधित पारिस्थितिकी-तंत्रों की रक्षा, उनके सतत प्रबंधन तथा पुनर्स्थापन के कार्य शामिल हैं। इससे लोगों और प्रकृति दोनों को लाभ होता है।
- उदाहरण: कोरल रीफ (मूंगा/ प्रवाल चट्टान) का संरक्षण और पुनर्स्थापन, हरित शहरों का निर्माण आदि।
प्रकृति-आधारित समाधान (NbS) के लिए प्रमुख पहलें
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