केंद्रीय बजट 2026-27 में वस्त्र क्षेत्रक के लिए घोषित एकीकृत कार्यक्रम एक व्यापक नीतिगत ढांचा है। इसका उद्देश्य फाइबर (रेशे) से लेकर फैशन तक और ग्रामीण उद्योगों से लेकर वैश्विक बाजारों तक संपूर्ण वस्त्र क्षेत्रक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
- इस कार्यक्रम के पांच प्रमुख उप-घटक और अन्य महत्वपूर्ण पहलें निम्नलिखित हैं:
एकीकृत कार्यक्रम के पांच उप-घटक
- राष्ट्रीय फाइबर (रेशा) योजना: इसका लक्ष्य फाइबर क्षेत्रक में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।
- यह योजना रेशम, ऊन व जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के साथ-साथ मानव निर्मित और आधुनिक युग के नए रेशों को भी सहायता प्रदान करेगी।
- वस्त्र विस्तार और रोजगार योजना: इस घटक का उद्देश्य मशीनरी, प्रौद्योगिकी उन्नयन और साझा परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्रों की स्थापना के लिए पूंजीगत सहायता के माध्यम से पारंपरिक वस्त्र उद्योग संकुलों का आधुनिकीकरण करना है।
- राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम: हथकरघा एवं हस्तशिल्प के लिए मौजूदा योजनाओं को इस एकीकृत राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत समाहित व मजबूत किया जाएगा।
- टेक्स-इको पहल: इसका उद्देश्य विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण के अनुकूल वस्त्र एवं परिधान निर्माण को बढ़ावा देना है।
- समर्थ 2.0: इसका लक्ष्य उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ गहन सहयोग के माध्यम से वस्त्र कौशल तंत्र का आधुनिकीकरण करना है।
वस्त्र क्षेत्रक के लिए घोषित अन्य पहलें
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