केंद्रीय वित्त मंत्री ने संघीय बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी (क्रिएटिव इकोनॉमी) पर ज़ोर दिया।। साथ ही, रोजगार सृजित करने, नवाचार, निर्यात और सॉफ्ट पावर में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
ऑरेंज इकोनॉमी क्या है?
- 'ऑरेंज इकोनॉमी' शब्द का प्रतिपादन 2013 में कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति इवान डुके मार्केज़ और फेलिप बुइट्रैगो ने अपनी पुस्तक "ऑरेंज इकोनॉमी: एन इनफिनिट ऑपर्च्युनिटी" में किया था।
- यह उन ज्ञान-आधारित आर्थिक गतिविधियों को संदर्भित करती है, जहां विचारों और रचनात्मकता को सांस्कृतिक वस्तुओं एवं सेवाओं में बदल दिया जाता है। इनका मूल्य मुख्य रूप से बौद्धिक संपदा द्वारा निर्धारित होता है।
- पारंपरिक विनिर्माण आधारित संवृद्धि के विपरीत, इस अर्थव्यवस्था में शामिल क्षेत्रक भौतिक वस्तुओं की बजाय विचारों, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक पूंजी से अपना मूल्य प्राप्त करते हैं।
- प्रमुख क्षेत्रक: इसमें दृश्य-श्रव्य मीडिया (फिल्म, टीवी), लाइव संगीत कार्यक्रम, गेमिंग उद्योग, डिजाइन, थिएटर आदि शामिल हैं।

बजट 2026-27 की मुख्य घोषणाएं
- AVGC (एनीमेशन, VFX, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्रक: 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने के लिए मुंबई स्थित भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) को सहायता दी जाएगी।
- डिजाइन शिक्षा को मजबूती: 'चैलेंज प्रतिस्पर्धा’ के माध्यम से पूर्वी क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) स्थापित किया जाएगा।
- वर्तमान में भारत में 7 NIDs हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त है।
ऑरेंज इकोनॉमी की वर्तमान स्थिति
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