यह ‘विकसित भारत’ के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को 'चैंपियन' के तौर पर आगे बढ़ने में मदद करने के लिए एक त्रि-आयामी दृष्टिकोण को मान्यता देता है।
इस त्रि-आयामी दृष्टिकोण में निम्नलिखित शामिल हैं:
- इक्विटी सहायता
- चयनित मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹10,000 करोड़ का समर्पित SME संवृद्धि कोष।
- 2021 में स्थापित 'आत्मनिर्भर भारत निधि' में सूक्ष्म उद्यमों के लिए ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि (top up) का प्रस्ताव।
- तरलता यानी चलनिधि सहायता
- TReDS (व्यापार प्राप्य बट्टा प्रणाली) प्लेटफॉर्म की क्षमता को अधिकतम करने के लिए चार विशिष्ट उपाय:
- अनिवार्य TReDS उपयोग: सभी CPSEs (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यम) की MSMEs से खरीदारी का निपटान TReDS के माध्यम से किया जाएगा।
- क्रेडिट गारंटी सहायता: सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (CGTMSE), TReDS पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए गारंटी प्रदान करेगा। इससे ऋणदाताओं का जोखिम कम होगा।
- GeM–TReDS एकीकरण: गवर्नमेंट-ई मार्केट (GeM) को TReDS के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सरकारी खरीद डेटा को वित्त-पोषकों के साथ साझा किया जा सके। इससे MSMEs को तेजी से और वहनीय ऋण मिल सकेगा।
- द्वितीयक बाजार विकास: तरलता बढ़ाने के लिए TReDS प्राप्तियों (receivables) को 'परिसंपत्ति-समर्थित प्रतिभूतियों' के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
- TReDS (व्यापार प्राप्य बट्टा प्रणाली) प्लेटफॉर्म की क्षमता को अधिकतम करने के लिए चार विशिष्ट उपाय:
- पेशेवर सहायता (कॉर्पोरेट मित्र)
- ये मान्यता प्राप्त पैरा-प्रोफेशनल किफायती लागत पर अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में MSMEs की मदद करेंगे।
- ICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया), ICSI (भारतीय कंपनी सचिव संस्थान) और ICMAI (भारतीय लागत लेखाकार संस्थान) जैसी पेशेवर सस्थाओं को इन पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए अल्पकालिक व मॉड्यूल-आधारित पाठ्यक्रम डिजाइन करने की सुविधा दी जाएगी।
TReDS (व्यापार प्राप्य बट्टा प्रणाली) के बारे में
सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE) के बारे में:
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