सरकार ने अगले 5 वर्षों में देश की सभी पंचायतों और गांवों को कवर करने के लिए नई बहुउद्देशीय PACS/ डेयरी/ मत्स्य सहकारी समितियां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के बारे में
- PACS अल्पकालिक सहकारी ऋण संरचना की जमीनी स्तर की संस्थाएं हैं। यह उधारकर्ताओं और उच्च वित्त-पोषक संस्थाओं (जैसे- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और RBI/ NABARD) के बीच अंतिम मील की कड़ी (last-mile link) के रूप में कार्य करती हैं। इसका अर्थ है कि ये सेवा वितरण की अंतिम कड़ी हैं, जो सीधे ग्राहकों (किसान) से जुड़ती हैं।
- वर्तमान स्थिति: स्वीकृत PACS: 79,630; नए पंजीकृत PACS: 32,802; तथा डिजिटल किए गए PACS: 61,478।
- विनियमन:
- बहु-राज्य PACS: ये संविधान की संघ सूची की प्रविष्टि 44 के अंतर्गत आती हैं। साथ ही, बहु-राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय सहकारी सोसायटी रजिस्ट्रार (CRCS) द्वारा प्रशासित होती हैं।
- एकल-राज्य PACS: ये संविधान की राज्य सूची की प्रविष्टि 32 के अंतर्गत आती हैं और संबंधित राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत संबंधित राज्य सहकारी सोसायटी रजिस्ट्रार (RCS) द्वारा प्रशासित होती हैं।
PACS की क्षमता और महत्त्व
- कृषि: 'विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना' के माध्यम से बेहतर अवसंरचना और फसल कटाई उपरांत सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना गोदाम और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करती है।
- डेयरी क्षेत्रक: 21,000 से अधिक नई डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकरण के माध्यम से 5 वर्षों में दुग्ध खरीद को 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- मात्स्यिकी क्षेत्रक: 1,000 मत्स्य सहकारी समितियों को 'मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों' (FFPOs) में बदलकर बाजार संपर्क और मूल्य संवर्धन में सुधार किया जा रहा है।
PACS को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पहलें
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