वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट भारत की आर्थिक संवृद्धि हेतु ‘व्यवसाय करने की सुगमता’ (EoDB) को एक मौलिक स्तंभ के रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें डिजिटलीकरण, कर निश्चितता और मुकदमों में कमी पर जोर दिया गया है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में EoDB से संबंधित प्रावधान
- व्यापार और निवेश सुगमता:
- डिजिटल विंडो: कार्गो क्लीयरेंस की मंजूरी के लिए एकल और आपस में जुड़ी हुई डिजिटल विंडो की व्यवस्था की जाएगी।
- निवेश सीमा में वृद्धि: भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तिगत निवासी (PROIs) 'पोर्टफोलियो निवेश योजना' (PIS) के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। इसके तहत व्यक्तिगत सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% किया जाएगा।
- कर सुधार:
- MAT में राहत: न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) को अंतिम कर (Final Tax) के रूप में माना जाएगा। इसकी दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है।
- MAT क्या है? जब किसी कंपनी की सामान्य आयकर देनदारी न्यूनतम या शून्य होती है, तब उसे अपने बही-खाते के लाभ (Book Profit) पर एक न्यूनतम राशि का भुगतान करना पड़ता है, जिसे MAT कहते हैं।
- अनिवासियों को छूट: अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) चुनने वाले अनिवासियों (Non-residents) को MAT से छूट दी गई है।
- अनुमानित कराधान: यह टर्नओवर के एक निश्चित प्रतिशत पर आय घोषित करने की अनुमति देता है। इससे अनुपालन का बोझ कम हो जाता है।
- MAT में राहत: न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) को अंतिम कर (Final Tax) के रूप में माना जाएगा। इसकी दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है।
- दंड का युक्तिकरण:
- अपील प्रक्रिया: अपील दायर करने के लिए आवश्यक 'प्री-डिपॉजिट' (पूर्व-जमा) राशि को मूल कर मांग के 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
- सरलीकृत प्रक्रिया: कर निर्धारण और दंड की कार्रवाई के लिए एक सामान्य आदेश (Common Order) जारी होगा, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।
- जुर्माने का विकल्प: अदालतों को कुछ अपराधों के लिए कारावास की सजा को जुर्माने में बदलने का प्रावधान किया गया है।
- विश्वास-आधारित प्रणाली:
- विश्वसनीय आयातक: जोखिम प्रणालियों में मान्यता प्राप्त 'विश्वसनीय आयातकों' के लिए भौतिक सत्यापन कम किया जाएगा और सीधे 'फैक्ट्री-टू-शिप' क्लीयरेंस की अनुमति दी जाएगी।
- शुल्क स्थगन: कुछ 'अधिकृत आर्थिक परिचालकों' (AEOs) के लिए शुल्क भुगतान की अवधि को बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। इससे आयात के बाद सीमा शुल्क के भुगतान में विलंब (पहले क्लीयरेंस-बाद में भुगतान) की सुविधा मिलेगी।
- एडवांस रूलिंग: सीमा शुल्क के तहत बाइंडिंग एडवांस रूलिंग की वैधता 3 से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
- एडवांस टैक्स रूलिंग: यह कर प्राधिकरणों द्वारा जारी कर कानूनों की एक लिखित व्याख्या है, ताकि आवेदकों के लिए विशिष्ट कर मामलों पर स्पष्टता दी जा सके।