सरकार ने स्टार्ट-अप मान्यता फ्रेमवर्क में संशोधन किया | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

In Summary

  • संशोधित ढांचा स्टार्टअप्स की अनुसंधान और नवाचार तक पहुंच को बढ़ाता है, जिसका उद्देश्य भारत को एक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
  • प्रमुख परिवर्तनों में ₹200 करोड़ तक की बढ़ी हुई कारोबार सीमा, विस्तारित पात्रता के साथ एक नई डीप टेक श्रेणी और सहकारी समितियों का समावेश शामिल है।
  • डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें से 50% टियर-II और टियर-III शहरों से हैं, जिन्हें स्टार्टअप इंडिया और एआईएम जैसी पहलों द्वारा समर्थित किया जाता है।

In Summary

यह संशोधन निम्नलिखित उद्देश्यों से किया गया है:

  • स्टार्ट-अप्स में अनुसंधान एवं नवाचार तक पहुंच बढ़ाना;
  • भारत को एक विनिर्माण-आधारित अर्थव्यवस्था बनाना; और 
  • भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों के केंद्र के रूप में स्थापित करना। 

संशोधित फ्रेमवर्क के मुख्य प्रावधान

  • टर्नओवर सीमा में वृद्धि: टर्नओवर की सीमा को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दिया गया है।
  • समर्पित 'डीप टेक स्टार्ट-अप' श्रेणी की शुरुआत: यह उन स्टार्ट-अप्स के लिए है, जो अत्याधुनिक और क्रांतिकारी प्रौद्योगिकियों पर कार्य कर रहे हैं।
    • इस श्रेणी के लिए पात्रता मानदंडों का विस्तार किया गया है।
    • समय सीमा को निगमन/पंजीकरण की तिथि से 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है।
    • टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर ₹300 करोड़ कर दिया गया है।
  • पात्र संस्थाओं के रूप में सहकारी समितियों का समावेश: अब बहु-राज्य सहकारी समितियां (बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत) तथा सहकारी समितियां (राज्य और संघ राज्यक्षेत्र सहकारी समिति अधिनियमों के तहत) दोनों ही पात्र संस्थाओं के रूप में शामिल हैं।

भारत में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स और स्टार्ट-अप तंत्र

  • मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स: ऐसे स्टार्ट-अप्स जिन्हें उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा समय-समय पर अधिसूचित पात्रता मानदंडों के आधार पर आधिकारिक मान्यता दी गई है।
  • मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप संबंधी लाभ: वित्तीय विवरणों के साथ 'नकद प्रवाह विवरण’ प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं; आयकर अधिनियम 1961 के तहत तीन वर्षों के लिए मुनाफे पर 100% कर छूट आदि।
  • भारत में वर्तमान स्थिति: दिसंबर 2025 तक 2 लाख से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स हैं। इनमें से लगभग 50% टियर-II और टियर-III शहरों से हैं।
  • स्टार्ट-अप सहायता के लिए प्रमुख पहलें: स्टार्ट-अप इंडिया पहल; अटल नवाचार मिशन (AIM); जेनेसिस (GENESIS - नई पीढ़ी के नवाचारों के लिए सहायता); निधि (NIDHI - नवाचारों के विकास और दोहन के लिए राष्ट्रीय पहल), आदि।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

निधि (NIDHI)

नवाचारों के विकास और दोहन के लिए राष्ट्रीय पहल (National Initiative for Development and Harnessing Innovations) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की एक अम्ब्रेला योजना है जो विभिन्न चरणों में स्टार्ट-अप्स और नवाचारों का समर्थन करती है।

अटल नवाचार मिशन (AIM)

नीति आयोग द्वारा संचालित यह मिशन भारत में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, विश्वविद्यालयों और उद्योगों में नवाचार प्रयोगशालाओं की स्थापना और समर्थन करता है।

स्टार्ट-अप इंडिया पहल

यह भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य भारत में स्टार्ट-अप्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण करना, नवाचार को बढ़ावा देना और नए उद्यमों के निर्माण को सुगम बनाना है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet