लिए गए मुख्य निर्णय
पीएम राहत/ PM RAHAT (सड़क दुर्घटना उपचार हेतु समग्र कार्रवाई) योजना की शुरुआत
- उद्देश्य: तत्काल चिकित्सा सहायता के अभाव में होने वाली मौतों को रोकना और दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के खर्च को कवर करना।
- कवरेज: ₹1.5 लाख तक का नकद रहित उपचार।
लखपति दीदी पहल: संशोधित लक्ष्य
- मार्च 2029 तक 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है (पहले के लक्ष्य को दोगुना किया गया है)।
- 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पिछला लक्ष्य मार्च 2027 की समय-सीमा से पहले ही हासिल कर लिया गया है।
- लखपति दीदी पहल (2023) के बारे में
- उद्देश्य: कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और बाजार पहुंच के माध्यम से ग्रामीण SHG (स्वयं सहायता समूह) की महिलाओं को गरीबी से बाहर निकालना। साथ ही, उनकी आजीविका में विविधता लाना।
- जैसे: छोटे उद्यम चलाना या पशुधन प्रबंधन करना।
- परिभाषा: एक 'लखपति दीदी' वह SHG सदस्य है, जिसकी वार्षिक घरेलू आय ₹1,00,000 या उससे अधिक है।
- मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय।
- यह कोई अलग योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) की दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत शुरू की गई है।
- उद्देश्य: कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और बाजार पहुंच के माध्यम से ग्रामीण SHG (स्वयं सहायता समूह) की महिलाओं को गरीबी से बाहर निकालना। साथ ही, उनकी आजीविका में विविधता लाना।
स्टार्ट-अप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (FFS 2.0) को ₹10,000 करोड़ के आरंभिक कोष के साथ मंजूरी
- बजट 2025-26 में घोषित FFS 2.0 मुख्य रूप से विनिर्माण और हाई-टेक क्षेत्रकों के स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित है, जिन्हें दीर्घकालिक वित्त-पोषण की आवश्यकता होती है।
- स्टार्ट-अप इंडिया फंड ऑफ फंड्स (FFS) के बारे में:
- यह 'स्टार्ट-अप इंडिया कार्य योजना' के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की एक प्रमुख पहल है।
- प्रबंधन: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा संचालित।
- यह SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) का समर्थन करता है, जो बदले में स्टार्ट-अप्स में निवेश करते हैं। इससे घरेलू जोखिम पूंजी तक पहुंच बढ़ती है और उद्यमिता को मजबूती मिलती है।