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  • 16 जनवरी, 2016 को शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया इनिशिएटिव का मकसद एंटरप्रेन्योर्स को सपोर्ट करना और भारत को जॉब क्रिएटर बनाना है, जिसमें DPIIT नोडल एजेंसी है।
  • इसके मुख्य पिलर्स में सिंपलिफिकेशन, फाइनेंशियल सपोर्ट (टैक्स में छूट, फंड), और MAARG और BHASKAR जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए इनक्यूबेशन शामिल हैं।
  • भारत 2.09 लाख से ज़्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है, जो 21+ लाख जॉब्स पैदा कर रहे हैं, जिनमें 45% महिला डायरेक्टर हैं और 50% टियर-II/III शहरों में हैं।

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स्टार्टअप इंडिया पहल के बारे में

  • यह एक प्रमुख (फ्लैगशिप) पहल है, जिसका उद्देश्य उद्यमियों को सहायता प्रदान करना, एक मजबूत स्टार्ट-अप तंत्र निर्मित करना और भारत को 'नौकरी खोजने वालों' की बजाय 'नौकरी देने वालों' के देश में बदलना है।
  • शुरुआत: 16 जनवरी, 2016 को की गई थी। इसे राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • नोडल एजेंसी: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT)।
  • तीन मुख्य स्तंभ:
    • सरलीकरण और आरंभिक समर्थन: सुगम अनुपालन, विनियामक एवं पेटेंट संबंधी सहायता, तथा बाजार तक पहुंच।
    • वित्त-पोषण सहायता: कर छूट, सीड फंड, फंड ऑफ फंड्स और क्रेडिट गारंटी योजना (CGSS)।
    • उद्भवन (Incubation) और उद्योग-शिक्षा जगत साझेदारी: उदाहरण के लिए: MAARG (मेंटरशिप, एडवाइजरी, अस्सिटेंस, रेसिलिएंस एंड ग्रोथ) पोर्टल।
  • प्रमुख सक्षमकर्ता और प्लेटफॉर्म्स:
    • स्टार्ट-अप इंडिया हब के तहत भास्कर/BHASKAR (भारत स्टार्ट-अप नॉलेज एक्सेस रजिस्ट्री) प्लेटफॉर्म खोज एवं नेटवर्किंग में मदद करता है।
    • SIPP (स्टार्ट-अप्स बौद्धिक संपदा संरक्षण) योजना: पेटेंट आवेदनों को तेजी से ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करती है।

दशक की उपलब्धियां (2016-2026)

  • भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप तंत्र है।
    • वर्तमान (2016-25) में लगभग 2.09 लाख DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स हैं।
    • 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, जिनका कुल मूल्यांकन $350 बिलियन से अधिक है।
  • रोजगार सृजन और समावेशिता: 21 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं, जिनका व्यापक प्रभाव उत्पन्न हुआ है।
    • लगभग 45% मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स में कम-से-कम एक महिला निदेशक/ साझेदार है।
    • लगभग 50% स्टार्ट-अप्स टियर-II/III शहरों में स्थित हैं।

स्टार्ट-अप तंत्र को बढ़ावा देने वाली अन्य योजनाएं

  • अटल इनोवेशन मिशन (AIM);
  • जेनेसिस (GENESIS): अगली पीढ़ी के नवाचारी स्टार्ट-अप्स के लिए सहायता।
  • निधि (NIDHI): नवाचारों के विकास और दोहन के लिए राष्ट्रीय पहल।
  • एस्पायर (ASPIRE): नवाचार, ग्रामीण उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना।
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ASPIRE

A Scheme for Promoting Innovation, Rural Industries & Entrepreneurship. This scheme supports innovation, rural entrepreneurship, and the development of village industries.

NIDHI

National Initiative for Developing and Harnessing Innovations, a comprehensive program by the Department of Science and Technology to support the innovation ecosystem and startups.

Atal Innovation Mission (AIM)

A mission by the NITI Aayog to promote innovation and entrepreneurship across India, including establishing incubation centers and providing funding support.

Title is required. Maximum 500 characters.

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