स्वास्थ्य सेवा में AI की भूमिका
- रोग प्रबंधन और निदान: विशेषज्ञों की कमी को दूर करने और स्क्रीनिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए AI का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
- उदाहरण: मधुमेह संबंधी रेटिनल स्क्रीनिंग के लिए मधुनेत्रएआई (MadhuNetrAI)।
- टेलीमेडिसिन और रिमोट मॉनिटरिंग: AI ग्रामीण और अल्पसेवित क्षेत्रों तक चिकित्सा सलाह की पहुंच बढ़ाता है।
- उदाहरण ई-संजीवनी (eSanjeevani) CDSS: AI-आधारित विभेदक निदान सिफारिशें।
- AI-आधारित विभेदक निदान (Differential Diagnosis - DDx) एक ऐसी प्रक्रिया है, जहां AI एल्गोरिदम का उपयोग करके रोगी के लक्षणों के आधार पर संभावित बीमारियों की एक सूची तैयार की जाती है। यह चिकित्सकों को यह तय करने में मदद करता है कि कौन-सी बीमारी होने की सबसे अधिक संभावना है।
- उदाहरण ई-संजीवनी (eSanjeevani) CDSS: AI-आधारित विभेदक निदान सिफारिशें।
- लोक स्वास्थ्य निगरानी और पोषण: आबादी के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कारकों की निगरानी के लिए AI तंत्र तैनात किए गए हैं।
- उदाहरण- मीडिया रोग निगरानी (MDS): एआई राष्ट्रीय डिजिटल समाचार स्रोतों में लक्षणों के समूह (जैसे- रहस्यमय बुखार) को स्कैन करता है।
- प्रशासनिक दक्षता और धोखाधड़ी का पता लगाना: AI स्वास्थ्य देखभाल प्रशासन को सुव्यवस्थित करता है तथा सरकारी योजनाओं की अखंडता सुनिश्चित करता है।
- रिकॉर्ड प्रबंधन: Eka Doc एवं Sunoh.Ai जैसे उपकरण रोगी के रिकॉर्ड को सारांशित करने के लिए AI और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) का उपयोग करते हैं।
चुनौतियां: एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह कम प्रतिनिधित्व वाली आबादी को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा डिजिटल डिवाइड, AI निदान की सटीकता और विश्वसनीयता, डेटा सुरक्षा, आदि चुनौतियां भी विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य देखभाल में अन्य AI पहलें और परिणाम
