कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) | Current Affairs | Vision IAS

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हाल ही में, APEDA ने अपना 40वाँ स्थापना दिवस मनाया।

APEDA के बारे में 

  • मुख्यालय: नई दिल्ली,
  • संस्था का प्रकार: APEDA अधिनियम, 1985 के अंतर्गत स्थापित एक सांविधिक निकाय है।
  • मंत्रालय: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि निर्यात संवर्धन की शीर्ष संस्था है।
  • अध्यक्ष: सरकार द्वारा नियुक्त।
  • कार्य:
    • प्रमाणन निकायों की मान्यता के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के सचिवालय के रूप में कार्य करना।
    • कृषि निर्यात को बढ़ावा देना।
    • मांस उत्पादों का निरीक्षण एवं गुणवत्ता निगरानी करना, आदि।
  • महत्वपूर्ण पहलें:
    • राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP): इसके तहत जैविक उत्पादन के लिए मानक तय किया जाता है, जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग)  को बढ़ावा दिया जाता है, जैविक उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहन दिया जाता है। 
    • भारती/ BHARATI (2025): इसके उद्देश्य हैं- कृषि-खाद्य और कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स को सशक्त बनाना, कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देना।
    • फार्मर्स कनेक्ट पोर्टल: यह 24×7 ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह किसान उत्पादक संगठनों/सहकारिताओं और निर्यातकों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करता है।  

केंद्र सरकार ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गेहूं के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। यह प्रतिबंध चार वर्ष पहले लगाया गया था। 

गेहूं फसल के बारे में: 

  • फसल का प्रकार: रबी फसल
  • प्रमुख उत्पादक क्षेत्र: उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र, समशीतोष्ण (ठंडे) क्षेत्र। 
  • आदर्श जलवायु: गेहूं के पौधे के विकास के समय ठंडा और आर्द्र मौसम; दाने लगने और पकने के समय शुष्क व गर्म मौसम। 
    • उपयुक्त तापमान: 20–25 डिग्री सेल्सियस,
    • आदर्श वर्षा: 50–75 सेमी। 
  • भारत की स्थिति:
    • विश्व में दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश (वैश्विक उत्पादन का लगभग 14%)
    • गेहूं उत्पादन के तहत सर्वाधिक कृषि क्षेत्र भारत में है।
  • भारत में गेहूं उत्पादक शीर्ष तीन राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब। 

हाल ही में, विद्युत अपीलीय अधिकरण ने केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC) को पावर मार्केट कपलिंग पर नियम बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।

पावर मार्केट कपलिंग क्या है?

  • इस व्यवस्था में देश के सभी पावर एक्सचेंजों से बिजली खरीद और बिक्री की बोलियाँ एक साथ जोड़ी जाती हैं। फिर इन सभी बोलियों के आधार पर बिजली का एक समान बाजार समाशोधन मूल्य (Market Clearing Price – MCP) तय किया जाता है। 
    • इसका उद्देश्य बिजली की कीमत तय करने में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है।
  • भारत के प्रमुख पावर एक्सचेंज: इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX), पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (PXIL), हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज लिमिटेड (HPX) ।

केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC) के बारे में

  • स्वरूप: विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 76 के अंतर्गत गठित एक सांविधिक निकाय।
  • मुख्य उद्देश्य:
    • थोक बिजली बाजार में प्रतिस्पर्धा, दक्षता और किफायती व्यवस्था को बढ़ावा देना।
    • बिजली आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करना।
    • बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने के लिए संस्थागत बाधाओं को दूर करने पर सरकार को सलाह देना। 

एक शोध के अनुसार भारत के पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से बहने वाली मरुस्थलीय पवनों  के आधार पर मानसून की ‘विराम अवधि’ (Monsoon break periods) का अनुमान लगाया जा सकता है।  

‘मानसून विराम’ के बारे में

  • अर्थ: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने के बाद, यदि एक या अधिक सप्ताह तक बारिश न हो, तो इस स्थिति को ‘मानसून विराम’ कहा जाता है।
    • वर्षा ऋतु में ‘वर्षा रहित अंतराल (Dry spells)’ सामान्य रूप से देखने को मिलती हैं।
  • ‘मानसून विराम’ के कारण:
    • उत्तरी भारत में यदि मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) या अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) के साथ वर्षा लाने वाले तंत्र बार-बार सक्रिय न हों, तो बारिश कम हो जाती है।
      • मानसूनी गर्त का हिमालय की ओर खिसकना, मैदानी क्षेत्रों में वर्षा रहित अंतराल की स्थिति उत्पन्न करता है।
      • पश्चिमी तट पर जब पवनें  तट के समानांतर बहने लगती हैं, तो आर्द्रता  भीतर के इलाकों की ओर नहीं पहुंच पाती।  इससे पश्चिमी तट पर भी मानसून-विराम की स्थिति बनती है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1 लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) को मंज़ूरी दी। 

अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के बारे में

  • घोषणा: केंद्रीय बजट 2025–26 में।
  • ध्यान वाले मुख्य क्षेत्रक:
    • शहरों को विकास के केंद्र (Growth Hubs) के रूप में विकसित करना।
    • शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास करना।
    • जल और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार करना।
  • वित्तपोषण व्यवस्था
    • अर्बन चैलेंज फंड किसी भी परियोजना की कुल लागत का अधिकतम 25% तक वित्तपोषण करेगा।
    • कम-से-कम 50% वित्तपोषण बाजार के स्रोतों से जुटाना अनिवार्य होगा। इन स्रोतों में नगर निकाय बॉण्डबैंक ऋण, सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) शामिल हैं।

हाल ही में ADR ने वित्त वर्ष 2024–25 के लिए इलेक्टोरल ट्रस्ट्स का विश्लेषण जारी किया।

  • विश्लेषण के अनुसार इलेक्टोरल ट्रस्ट्स द्वारा दिए गए कुल चंदे का 82.5% हिस्सा सत्तारूढ़ दल को मिला।
  • इसमें महाराष्ट्र सबसे अधिक योगदान देने वाला राज्य बनकर उभरा।

इलेक्टोरल ट्रस्ट के बारे में

  • शुरुआत: इलेक्टोरल ट्रस्ट योजना, 2013 और आयकर नियम, 1962 के तहत गठित।  ये गैर-लाभकारी कंपनियां होती हैं।
  • उद्देश्य:
    • दानदाताओं से चंदा प्राप्त करना और उस चंदे को पंजीकृत राजनीतिक दलों में वितरित करना। 
    • पारदर्शी राजनीतिक-वित्तपोषण को बढ़ावा देना।
  • पारदर्शिता हेतु प्रावधान: ₹20,000 से अधिक के दान की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को देना अनिवार्य है। हालांकि, किस राजनीतिक दल को कितनी राशि दी गई, यह जानकारी गोपनीय रहती है।
  • पंजीकरण: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा।
  • वितरण की शर्त: इलेक्टोरल ट्रस्ट्स को प्राप्त कुल चंदे का कम-से-कम 95% हिस्सा उसी वर्ष पात्र राजनीतिक दलों को वितरित करना अनिवार्य है। 

लोकसभा में जारी आँकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच पीएम-दक्ष (PM-DAKSH) योजना के तहत प्रशिक्षित विद्यार्थियों में से आधे से भी कम को रोजगार मिल पाया।

  • नियम के अनुसार, अल्पकालिक प्रशिक्षण कोर्स चलाने वाले संस्थानों को कम-से-कम 70% प्रशिक्षुओं को रोजगार देना होता है।
  • ऐसा न करने पर, प्रति प्रशिक्षु प्रशिक्षण लागत का 30% संस्थान से वसूला जा सकता है।

पीएम-दक्ष योजना (2020–21) के बारे में

  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
  • उद्देश्य: लक्षित वर्गों को निशुल्क कौशल प्रशिक्षण देना और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
  • लक्षित समूह: अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), विमुक्त जनजातियां, सफाई कर्मचारी (कचरा बीनने वाले सहित) ट्रांसजेंडर व्यक्ति। 
  • पात्रता शर्तें: 
    • आयु सीमा: 18 से 45 वर्ष;
    • OBC और EWS: पारिवारिक वार्षिक आय ₹3 लाख से कम। 

महत्वपूर्ण तथ्य:  पीएम-दक्ष योजना को अब केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में विलय कर दिया गया है।  

वैज्ञानिकों ने पहली बार बहुत स्पष्ट रूप से अवलोकन किया कि एक तारा बिना सुपरनोवा विस्फोट के सीधे ब्लैक होल में बदल गया।

यह खोज तारों के जीवन चक्र को समझने में बेहद महत्वपूर्ण है।

‘तारे का जीवन चक्र’ के बारे में

  • जन्म
    • आणविक बादल: तारों का निर्माण गैस और धूल से बने विशाल, ठंडे बादलों के भीतर होता है।
    • प्रोटोस्टार का निर्माण:  गुरुत्वाकर्षण के कारण इन बादलों के भीतर उच्च घनत्व वाले हिस्से आपस में जुड़ने और सिमटने लगते हैं, जिससे एक प्रोटोस्टार या "आदि-तारा"  बनता है।
  • जीवन चक्र: 
    • मुख्य चरण: तारे के केंद्र में नाभिकीय संलयन (nuclear fusion) शुरू होता है, जिससे भारी मात्रा में ऊर्जा निर्मुक्त होती है। यह अवस्था तारे के जीवन की सबसे लंबी और स्थिर अवस्था होती है।
  • मृत्यु: 
    • कम द्रव्यमान वाले तारे: सूर्य जैसे तारे विशाल बन जाते हैं। ये अपनी बाहरी परतों को एक "ग्रहीय निहारिका" (Planetary Nebula) के रूप में त्याग देते हैं और पीछे एक ठंडा श्वेत वामन (White Dwarf) कोर बच जाता है।
    • अधिक द्रव्यमान वाले तारे: ये तारे लोहे तक के तत्वों का संलयन करते हैं। इसके बाद केंद्र अचानक ढह जाता है, जिससे एक सुपरनोवा विस्फोट होता है। इसके अवशेष के रूप में एक न्यूट्रॉन तारा या एक ब्लैक होल बनता है। 
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फार्मर्स कनेक्ट पोर्टल

Farmers Connect Portal. A 24x7 online digital platform that facilitates direct interaction between Farmer Producer Organizations/Cooperatives and exporters. This aims to streamline the supply chain and promote direct engagement in agricultural trade.

BHARATI (2025)

An initiative by APEDA aimed at empowering agri-food and agri-tech startups and boosting agri-food exports by 2025, focusing on innovation and entrepreneurial growth in the agricultural sector.

ऑर्गेनिक फार्मिंग

Organic Farming. A method of crop and livestock production that involves growing and raising agricultural products without using synthetic fertilizers or pesticides. It focuses on sustainability and environmental health.

Title is required. Maximum 500 characters.

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