वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग, ने "रुपे (RuPay) डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले BHIM-UPI लेन-देन (P2M) के प्रचार के लिए प्रोत्साहन योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण" शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं
- UPI का दबदबा: UPI सबसे पसंदीदा लेन-देन माध्यम (57%) बन गया है, जिसने नकद (38%) को पीछे छोड़ दिया है।
- वैश्विक नेतृत्व: विश्व के कुल त्वरित भुगतान लेन-देन में भारत की हिस्सेदारी लगभग आधी (49%) है।
- व्यापारी एकीकरण: व्यापारियों के बीच UPI अपनाने की दर 94% है, जिसका मुख्य कारण तीव्र लेन-देन और बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग है।
- आर्थिक प्रभाव: लागत बचत और दक्षता के माध्यम से, UPI ने 2022 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में अनुमानित $16.2 बिलियन का योगदान दिया।
- अंतर्राष्ट्रीय विस्तार: UPI और RuPay अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रहे हैं। UPI वर्तमान में आठ देशों में सक्रिय है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, कतर और मॉरीशस शामिल हैं।
प्रमुख सिफारिशें
- व्यापारी स्वीकृति का विस्तार: टियर 3-6 शहरों में QR कोड और साउंडबॉक्स के उपयोग के लिए समर्थन बढ़ाना तथा POS टर्मिनल्स को सब्सिडी देना।
- ऑफलाइन क्षमता: कम बैंडविड्थ वाले क्षेत्रों में प्रभावी सेवा के लिए 'UPI Lite' और '123Pay' का विस्तार करना।
- वित्तीय समावेशन और संधारणीयता: सरकारी सब्सिडी के लिए UPI को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) कार्यक्रमों के साथ एकीकृत करना।
- डिजिटल साक्षरता: ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को लक्षित करते हुए डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम शुरू करना।
- अन्य:
- धोखाधड़ी को रोकने के लिए AI-आधारित विसंगति पहचान और रियल-टाइम अलर्ट जारी करना;
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में बार-बार होने वाले खर्चों के लिए निर्धारित भुगतान को सक्षम करना आदि।
चुनौतियां
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