वैश्विक व्यापार की बदलती प्रकृति | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • "द्वैध वाणिज्य" की अवधारणा, जो यह सुझाव देती है कि व्यापार शांति को बढ़ावा देता है, कमजोर हो रही है क्योंकि परस्पर निर्भरता को एक रणनीतिक कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है।
  • देश भूराजनीतिक लाभ के लिए टैरिफ और प्रतिबंध जैसे व्यापारिक साधनों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रणाली खंडित हो रही है।
  • आपूर्ति श्रृंखलाओं में मित्र देशों और निकटवर्ती क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में बदलाव हो रहा है, और बहुपक्षीय सहयोग से हटकर क्षेत्रीय समझौतों की ओर रुझान बढ़ रहा है।

In Summary

वैश्वीकरण के दौर में विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं की स्थापना  फ्रांसीसी दार्शनिक मांटेस्क्यू द्वारा दिए गए "डॉक्स कॉमर्स/ doux commerce" (सौम्य वाणिज्य) के सिद्धांत पर आधारित थी।

  • हालांकि, हाल के दिनों में यह सिद्धांत लगातार कमजोर हो रहा है।

"डॉक्स कॉमर्स" की अवधारणा

  • यह विचार इस पर जोर देता है कि व्यापार व्यवहार को सौम्य बनाता है, सहयोग को बढ़ावा देता है और राष्ट्रों के बीच संघर्ष की संभावना को कम करता है।
  • यह माना जाता था कि आर्थिक हित अंततः भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर हावी हो जाएंगे। इससे एकीकृत राष्ट्र प्रतिद्वंद्वियों की बजाय जिम्मेदार हितधारक बन जाएंगे।

"डॉक्स कॉमर्स" का विचार क्यों कमजोर हो रहा है?

  • परस्पर निर्भरता एक रणनीतिक सुभेद्यता के रूप में: विदेशी भागीदारों पर अत्यधिक निर्भरता संघर्ष के दौरान आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकती है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष खतरा उत्पन्न होता है।
  • व्यापार का शस्त्रीकरण: देश अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाने और भू-राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए टैरिफ, प्रतिबंध, निर्यात नियंत्रण और संसाधन प्रतिबंध जैसे व्यापारिक साधनों का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।
  • वैश्विक व्यापार प्रणाली का विखंडन: देश WTO जैसी संस्थाओं के तहत बहुपक्षीय सहयोग से हटकर लघु द्विपक्षीय और क्षेत्रीय व्यापार समझौतों की ओर बढ़ रहे हैं।
  • आपूर्ति श्रृंखला रणनीति में बदलाव: देश अब आपूर्ति श्रृंखलाओं को मित्र देशों (friend-shoring) या भौगोलिक रूप से निकटवर्ती देशों (near-shoring) में स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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निकट-सुरक्षा (near-shoring)

निकट-सुरक्षा एक आपूर्ति श्रृंखला रणनीति है जिसमें देश अपनी उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भौगोलिक रूप से निकटवर्ती देशों में स्थानांतरित करते हैं। इसका उद्देश्य परिवहन लागत को कम करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं की भेद्यता को घटाना और संचार को बेहतर बनाना है।

मित्र-सुरक्षा (friend-shoring)

मित्र-सुरक्षा एक आपूर्ति श्रृंखला रणनीति है जिसमें देश अपनी उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को उन देशों में स्थानांतरित करते हैं जिनके साथ उनके राजनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत होते हैं, ताकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौरान आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।

व्यापार का शस्त्रीकरण

व्यापार का शस्त्रीकरण वह प्रवृत्ति है जिसमें राष्ट्र अपने आर्थिक संबंधों का उपयोग भू-राजनीतिक लाभ प्राप्त करने या प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाने के लिए करते हैं। इसमें टैरिफ, प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण जैसे व्यापारिक उपकरणों का रणनीतिक उपयोग शामिल है।

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