IAEA ने इजराइल के परमाणु अनुसंधान केंद्र डिमोना के पास ईरानी मिसाइल हमले की रिपोर्ट के बाद "अधिकतम संयम" का आह्वान किया है।
- डिमोना (Dimona) नेगेव मरुस्थल में स्थित इजराइल के परमाणु अनुसंधान केंद्र की मेजबानी करने वाला एक दक्षिणी शहर है।
अन्य क्षेत्र:
- नतांज (Natanz) परमाणु संवर्धन केंद्र: यह एक ईरानी केंद्र है।
- साउथ पार्स (South Pars) गैस क्षेत्र: यह ईरान और कतर के बीच दुनिया के सबसे बड़े साझा प्राकृतिक गैस क्षेत्र का हिस्सा है।
- लितानी नदी (Litani River): इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में इस नदी पर बने क्रॉसिंग को नष्ट कर दिया गया, जिसका उपयोग हिजबुल्लाह द्वारा किया जा रहा था।
- टायर शहर (Tyre city): दक्षिणी लेबनान में स्थित यह एक तटीय शहर है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।
- रास लफान (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी: हाल ही में, कतर का यह मुख्य गैस केंद्र हमले की चपेट में आया।
केंद्र सरकार ने जल से फ्लोराइड निकालने की तकनीकों के मूल्यांकन के लिए एक शोध परियोजना शुरू की है। यह चिंता जताई गई है कि नलगोंडा तकनीक पर आधारित वर्तमान मानक तकनीकी प्रगति या जमीनी हकीकत के साथ तालमेल नहीं रख पाए हैं।
नलगोंडा तकनीक के बारे में
- इस तकनीक में एल्यूमीनियम लवण, चूना और ब्लीचिंग पाउडर नामक तीन रसायनों का उपयोग किया जाता है। इन्हें कच्चे या फ्लोराइड युक्त पानी में मिलाया जाता है और इसके बाद तेजी से मिश्रण, फ्लोकुलेशन, अवसादन, निस्पंदन और कीटाणुशोधन की प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।
- यह एक सरल और लागत प्रभावी तकनीक है। इसे 'नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट' (NEERI) द्वारा विकसित किया गया था।
- भारत सरकार द्वारा पीने के पानी से अतिरिक्त फ्लोरीन निकालने के लिए इसके उपयोग की सिफारिश की गई है।
Article Sources
1 sourceवैज्ञानिकों ने अपेक्षाकृत उच्च तापमान पर अतिचालकता प्राप्त करने हेतु सामान्य दाब (रूम प्रेशर) में तापमान को 18°C तक बढ़ाने के लिए 'प्रेशर क्वेंचिंग' नामक तकनीक का उपयोग किया है।
अतिचालकता
- खोज: डच भौतिक विज्ञानी हीक कामरलिंग ओन्स द्वारा।
- अतिचालकता कुछ पदार्थों का वह गुण है जिसमें वे बिना किसी ऊर्जा हानि के विद्युत धारा (DC) प्रवाहित करती हैं। ऐसा तब होता है जब उन्हें एक क्रांतिक तापमान (Tc) से नीचे ठंडा किया जाता है।
- Tc: इसे उस तापमान के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिस पर कोई पदार्थ अतिचालकता प्रदर्शित करता है।
- दो बुनियादी गुण:
- विद्युत धारा के मार्ग में कोई प्रतिरोध नहीं होता।
- बाहरी चुंबकीय क्षेत्र सतह पर ही रहते हैं और भीतर प्रवेश नहीं कर पाते। इस क्षेत्रीय निष्कासन की परिघटना को 'माइस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है।
- उपयोग: MRI मशीनें, कण त्वरक (LHC), मैगलेव ट्रेनें, उच्च दक्षता वाली विद्युत पारेषण और क्वांटम कंप्यूटिंग, आदि में।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि GARBH-INi पहल के अंतर्गत 12,000 महिलाओं पर यह अध्ययन समयपूर्व जन्म (preterm births) की समस्या से निपटने हेतु स्वदेशी, AI-आधारित समाधान विकसित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
गर्भ-इनी के बारे में
- यह जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा समर्थित एक प्रमुख कार्यक्रम है।
- लक्ष्य: गर्भावस्था के प्रतिकूल परिणामों को कम करना।
- इस पहल ने एक राष्ट्रीय बायोरिपोजिटरी और 'GARBH-INi-DRISHTI' डेटा-साझाकरण प्लेटफॉर्म स्थापित किया है। यह अनुसंधान समुदाय के लिए व्यापक पहुंच सुनिश्चित करता है।
- गर्भ-इनी प्रेगनेंसी कोहोर्ट दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्रेगनेंसी कोहोर्ट में से एक है। इसे 2015 से गुरुग्राम सिविल हॉस्पिटल में स्थापित किया गया।
भारत ने 'ग्लोबल ऑपरेशनल नेटवर्क ऑफ एंटी-करप्शन लॉ एन्फोर्समेंट अथॉरिटीज' (GlobE Network) की 12वीं संचालन समिति की बैठक की मेजबानी की।
GlobE नेटवर्क के बारे में
- उत्पत्ति: इसकी स्थापना 2021 में हुई थी। यह सऊदी अरब की G20 अध्यक्षता (2020) के दौरान शुरू की गई 'रियाद पहल' पर आधारित है।
- परिचय: यह विशेषीकृत भ्रष्टाचार-रोधी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का एक वैश्विक मंच है।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार के मामलों का पता लगाने और जांच करने के लिए दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग करना है। इसके साथ ही इन मामलों में मुकदमा चलाने के लिए भी सहयोग बढ़ाना है।
- सदस्यता: यह संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों की भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियों के लिए खुला है। इसके अलावा, 'भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय' (UNCAC) के पक्षकार देश भी इसके सदस्य बन सकते हैं।
- भारत के 'केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो' (CBI) और 'प्रवर्तन निदेशालय' (ED) इसके सदस्य हैं।
- समर्थन: इसे 'मादक पदार्थ एवं अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय' (UNODC) द्वारा समर्थन प्राप्त है। यही संस्थान इसका सचिवालय भी प्रदान करता है।
- GlobE सिक्योर कम्युनिकेशंस प्लेटफॉर्म (SCP): यह जांचकर्ताओं और अभियोजकों को व्यावहारिक सहायता प्रदान करता है। इसके माध्यम से सूचनाओं का त्वरित और सुरक्षित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाता है।
भारत की 'ऑरेंज इकोनॉमी' को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन पहलें शुरू की गई हैं। इनमें 'नेशनल AI स्किलिंग इनिशिएटिव'; 'माय वेव्स' (MyWAVES) और टेलीविजन सेट में इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर के साथ 'एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड' (EPG) का रोलआउट शामिल है।
- 'ऑरेंज इकोनॉमी' को 'क्रिएटिव इकोनॉमी' भी कहा जाता है। यह उन क्षेत्रों को संदर्भित करता है, जो पारंपरिक विनिर्माण की बजाय विचारों, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और बौद्धिक संपदा द्वारा संचालित होते हैं।
नेशनल AI स्किलिंग इनिशिएटिव के बारे में:
- प्रारंभकर्ता: इसे सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गूगल और यूट्यूब के साथ साझेदारी में शुरू किया है।
- लक्ष्य: इसका लक्ष्य रचनात्मक और मीडिया क्षेत्रों के 15,000 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करना है।
- कार्यान्वयन: इसे 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' (IICT) के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
माय वेव्स (MyWAVES) के बारे में:
- यह उपयोगकर्ता द्वारा उत्पन्न कंटेंट (UGC) के लिए एक संरचित मंच है। यह नागरिकों को प्रसार भारती के WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बनाने, अपलोड करने और साझा करने में सक्षम बनाता है।
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1 sourceभारत सरकार ने सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए RoDTEP योजना के तहत दरों और मूल्य सीमाओं को बहाल करने का निर्णय लिया है।
RoDTEP योजना के बारे में
- इसे विदेश व्यापार नीति 2015-20 में संशोधन करके 2021 में शुरू किया गया था।
- इस योजना ने 'मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम' (MEIS) का स्थान लिया है। WTO द्वारा MEIS को अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रथाओं के असंगत घोषित किए जाने के बाद यह बदलाव किया गया था।
- उद्देश्य: यह निर्यातित वस्तुओं के निर्माण और वितरण के दौरान लगने वाले करों और शुल्कों का रिफंड प्रदान करता है। यह उन लेवी पर लागू होता है जिनकी प्रतिपूर्ति किसी अन्य तंत्र के तहत नहीं की जाती है।
- इसे केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग द्वारा प्रशासित किया जाता है।
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1 sourceकेंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस पुरस्कार के लिए नामांकन पूरे वर्ष खुले रहते हैं। इन्हें 30 सितंबर तक जमा किया जा सकता है।
सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के बारे में
- घोषणा: प्रतिवर्ष 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर।
- संस्था: भारत सरकार द्वारा स्थापित।
- श्रेणियाँ: व्यक्तिगत और संस्थागत।
- क्षेत्र: आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान को मान्यता देना।
- पात्रता: भारतीय नागरिक और संस्थान, दोनों इसके पात्र हैं।