भारत में प्रत्येक वर्ष सामने आने वाले क्षय रोग या तपेदिक (Tuberculosis-TB) के नए मामलों में 2015-2024 के बीच 21% की कमी दर्ज की गई है। इसी अवधि में TB से होने वाली मृत्यु दर में 25% की गिरावट दर्ज की गई है।
- विश्व टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, विश्व में क्षय रोग के सर्वाधिक मरीज भारत में हैं। विश्व के 25% टीबी मरीज भारत में हैं।
टीबी के बोझ को कम करने में सहायक पहलें
- प्रधानमंत्री टीबी-मुक्त भारत अभियान: यह लोगों में टीबी की जांच, सामुदायिक भागीदारी और रोगी सहायता पर केंद्रित एक जन-आंदोलन है।
- निक्षय पोषण योजना: इसके तहत टीबी के मरीजों को उनके उपचार के दौरान पौष्टिक भोजन के लिए हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे निर्धारित उपचार जारी रखने में मदद मिलती है।
- निक्षय मित्र: यह पहल स्वयंसेवकों के माध्यम से टीबी रोगियों को पोषण और सामाजिक सहायता प्रदान करके सामुदायिक सहायता को बढ़ावा देती है।
- टीबी-मुक्त शहरी वार्ड पहल: इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत मॉडल को दोहराना है।
- BPaLM उपचार पद्धति: यह दवा-प्रतिरोधी टीबी के इलाज लिए एक नई और कम अवधि तक दवा दी जाने वाली उपचार पद्धति है। यह पद्धति उपचार अवधि को लगभग 6 महीने तक कम करके बेहतर परिणाम देती है।
- AI-आधारित पहलें: जैसे DeepCXR (चेस्ट एक्स-रे) पहल, जिसमें डिजिटल एक्स-रे का स्वतः विश्लेषण करके TB के संभावित मामलों के लिए नोड्यूल/कैविटी की पहचान की जाती है।
क्षय रोग (TB) के बारे में
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