भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) के चार वर्ष पूरे | Current Affairs | Vision IAS

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  • भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ईसीटीए), जिस पर 2022 में हस्ताक्षर किए गए थे, का उद्देश्य व्यापार, औद्योगिक संबंधों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
  • ECTA समझौते के चलते भारत का ऑस्ट्रेलिया को निर्यात दोगुना हो गया है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, और ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय वस्तुओं को 100% तरजीही बाजार पहुंच प्रदान की है।
  • ऑस्ट्रेलिया, भारत का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक रणनीतिक साझेदार है, जो सुरक्षा (QUAD, AIIPOIP), रक्षा (2+2 संवाद, AUSINDEX) और ऊर्जा संसाधनों (क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप) पर सहयोग करता है।

In Summary

वर्ष 2022 में हस्ताक्षरित इस समझौते ने व्यापार को बढ़ानेउद्योगों के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा व्यवसायों, उद्यमियों और रोजगार के लिए नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ECTA से प्राप्त प्रमुख लाभ

  • ऑस्ट्रेलिया को भारत से निर्यात दोगुना हुआ: भारत से निर्यात वित्त वर्ष 2020-21 के 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 8.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
    • वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) में, ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का कुल व्यापार 19.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • तरजीही बाजार पहुंच: भारत ने अपने यहां 70.3% उत्पादों (टैरिफ लाइनों) पर रियायत दी, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 100% उत्पादों पर रियायत दी। इसका अर्थ है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले सभी आयात पर पूरी तरह से प्राथमिक बाज़ार पहुंच प्रदान की।
    • 1 जनवरी 2026 से, सभी भारतीय निर्यात ऑस्ट्रेलिया में शून्य-शुल्क बाजार पहुँच के लिए पात्र हैं।
  • कई क्षेत्रकों को लाभ: कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और कृषि उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
  • ऑर्गेनिक क्षेत्रक में पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (MRA) पर हस्ताक्षर: इससे जैविक (ऑर्गेनिक) वस्तुओं के व्यापार को मजबूती मिली। 

भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया का महत्व

  • हिंद-प्रशांत की नीति में रणनीतिक साझेदारी: भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक ऐसी व्यवस्था के पक्षधर हैं जो पारदर्शी, खुला, सुरक्षित, समावेशी और नियमों पर आधारित हो। यह सहयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में देखा जा सकता है:
    • ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के साथ भारत चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद यानी QUAD का एक प्रमुख भागीदार है।
    • ऑस्ट्रेलिया-भारत हिंद-प्रशांत महासागर पहल साझेदारी (AIIPOIP)।
    • वर्ष 2019 में दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच 2+2 संवाद तंत्र की शुरुआत हुई।
  • रक्षा सहयोग: दोनों देशों के बीच नियमित रूप से संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (AUSINDEX) होता रहता है; मजबूत रक्षा सहयोग के लिए 2021 में पारस्परिक लॉजिस्टिक्स सहायता समझौते (MLSA) पर हस्ताक्षर हुए।
  • ऊर्जा और संसाधन: भारत-ऑस्ट्रेलिया अति-महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) निवेश साझेदारी के तहत नई आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास किया जा रहा है; ग्रीन हाइड्रोजन सहित नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, आदि।
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अति-महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)

वे खनिज जो आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, लेकिन जिनकी आपूर्ति श्रृंखला में जोखिम या व्यवधान का खतरा होता है।

पारस्परिक लॉजिस्टिक्स सहायता समझौता (MLSA)

Mutual Logistics Support Agreement. This agreement allows the armed forces of India and Australia to use each other's military bases, ports, and airfields for replenishment and support, thereby enhancing joint military operations and interoperability.

2+2 संवाद तंत्र (2+2 Dialogue Mechanism)

A diplomatic and strategic engagement format where the foreign and defence ministers of two countries meet together. This mechanism signifies a high level of strategic cooperation and coordination between India and Australia.

Title is required. Maximum 500 characters.

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