अमेरिका के विरोध के पश्चात, यूनाइटेड किंगडम ने चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने की अपनी योजना पर रोक लगा दी है।
- 2019 में, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने अपने सलाहकारी सुझाव में यूनाइटेड किंगडम को बिना शर्त इस द्वीप से हटने का निर्देश दिया था।

चागोस द्वीप समूह के बारे में:
- अवस्थिति: मध्य हिंद महासागर में, भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी सिरे से लगभग 1,600 किमी दक्षिण में।
- यह 50 से अधिक द्वीपों का एक एटोल समूह है। इसमें डिएगो गार्सिया द्वीप सम्मिलित है।
- डिएगो गार्सिया द्वीप पर यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अड्डा स्थित है।
- इतिहास: ये द्वीप 1814 से ब्रिटिश क्षेत्र रहे हैं।
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1 sourceभारतीय सेना की एक टुकड़ी भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास 'डस्टलिक' के सातवें संस्करण हेतु प्रस्थान कर चुकी है।
डस्टलिक अभ्यास के बारे में:
- यह एक वार्षिक आयोजन है। इसे बारी-बारी से भारत और उज्बेकिस्तान में आयोजित किया जाता है।
- अभ्यास का उद्देश्य: सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना। यह अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान संचालित करने की संयुक्त क्षमताओं को भी बढ़ाता है।
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1 sourceकूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह भारत के 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रोजेक्ट चीता के बारे में:
- प्रारंभ: 2022 में शुरू किया गया। इसका उद्देश्य अफ्रीकी चीतों को भारत में स्थानांतरित करना है।
- यह प्रोजेक्ट टाइगर के संरक्षण में संचालित होता है।
- यह किसी बड़े वन्य मांसाहारी जीव की विश्व की पहली अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण पहल है।
- 2022 में नामीबिया से 8 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए। इसके बाद 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और 2026 में बोत्सवाना से 9 चीते लाए गए।
- कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)
- NTCA: यह केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय है। इसकी स्थापना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (2006 में संशोधित) के प्रावधानों के तहत की गई है।
- चीता प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी: प्रोजेक्ट चीता के कार्यान्वयन की निगरानी, मूल्यांकन और सलाह हेतु 2023 में NTCA द्वारा स्थापित।
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1 sourceएक राजनीतिक दल ने आगामी संसद सत्र से पूर्व तीन लाइन का व्हिप जारी किया।
व्हिप के बारे में:
- परिभाषा: यह राजनीतिक दलों द्वारा जारी एक निर्देश है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य सदन में उपस्थित रहें और राजनीतिक दल के निर्देश के अनुसार मतदान करें।
- यह संसदीय सरकार की परंपराओं पर आधारित है।
- मुख्य सचेतक (Chief Whip): राजनीतिक दल सदन में निर्देश जारी करने और इसका अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु वरिष्ठ सदस्यों को मुख्य सचेतक नियुक्त करते हैं। इनकी सहायता हेतु अतिरिक्त सचेतक भी होते हैं।
- व्हिप के प्रकार:
- एक लाइन का व्हिप: यह प्रायः सदस्यों को मतदान की सूचना देने हेतु जारी किया जाता है। यह उन्हें सदन में मतदान के दौरान अनुपस्थित रहने की अनुमति देता है।
- दो लाइन का व्हिप: यह सदस्यों को सदन में मतदान के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश देता है।
- तीन लाइन का व्हिप: यह महत्वपूर्ण अवसरों (जैसे- अविश्वास प्रस्ताव) पर चर्चा और मतदान के दौरान सदस्यों को अनिवार्य रूप से संबंधित राजनीतिक दल के निर्देश का पालन करने का आदेश देता है।
- व्हिप के उल्लंघन के कानूनी परिणाम: दल-बदल विरोधी कानून लोकसभा अध्यक्ष/ राज्यसभा के सभापति को किसी सदस्य को अयोग्य घोषित करने की शक्ति देता है। यह तब प्रभावी होता है जब सदस्य अपने राजनीतिक दल के निर्देश के विपरीत मतदान करता है या मतदान से अनुपस्थित रहता है।
H0 डिस्टेंस लैडर नेटवर्क कोलैबोरेशन के अध्ययन ने हबल स्थिरांक (Hubble constant) का अत्यधिक सटीक मान प्रस्तुत किया है। यह अध्ययन "हबल टेंशन" के संबंध में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
- हबल स्थिरांक: यह ब्रह्मांड की वर्तमान विस्तार दर को मापता है। इसे सामान्यतः km/s/Mpc (किलोमीटर प्रति सेकंड प्रति मेगापारसेक) में व्यक्त किया जाता है।
- एक मेगापारसेक लगभग 3.26 मिलियन प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
हबल टेंशन के बारे में:
- यह ब्रह्मांड के विस्तार की दर के दो अलग-अलग मापों के बीच विसंगति या असहमति को दर्शाता है। यह विसंगति समीपवर्ती ब्रह्मांड में मापी गई दर और प्रारंभिक ब्रह्मांड के अवलोकनों से अनुमानित मान के बीच है।
- समीपवर्ती ब्रह्मांड में हमारे निकट की वे आकाशगंगाएं शामिल हैं जिन्हें हाल के ब्रह्मांडीय समय में देखा गया है।
- प्रारंभिक ब्रह्मांड का मापन ब्रह्मांड की प्रारंभिक अवस्था में कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड (बिग बैंग के तुरंत बाद का प्राचीन प्रकाश) के माध्यम से किया जाता है।
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1 sourceकेंद्र सरकार लद्दाख में वर्ष भर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' को बढ़ावा दे रही है।
प्रोजेक्ट हिम सरोवर के बारे में:
- इस पहल का उद्देश्य लद्दाख में जल की कमी को दूर करना है। यह पहल जलाशयों के निर्माण के माध्यम से पिघलती बर्फ और वर्षा जल के संरक्षण का लक्ष्य रखती है।
- लक्ष्य: जमीनी अनुभवों के आधार पर 50 जलाशयों का विकास करना। यह वर्ष भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और किसानों की सिंचाई में सहायता करेगा।
नवीन शोध दर्शाता है कि एल्युमीनियम संक्रमण धातुओं (Transition Metals) के उत्प्रेरक व्यवहार की नकल कर सकता है।
संक्रमण धातुओं के बारे में:
- ये ऐसे धात्विक तत्व हैं जो आवर्त सारणी के दोनों पक्षों के बीच एक सेतु या संक्रमण का कार्य करते हैं।
- ये d-ब्लॉक तत्व हैं जो सुगमता से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकते हैं या त्याग सकते हैं।
- उदाहरण: टाइटेनियम, आयरन, निकल, तांबा।
- सामान्य गुण: इनमें से अधिकांश कठोर, मजबूत और चमकदार होते हैं। इनका गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं तथा ये ऊष्मा और विद्युत के सुचालक होते हैं।
- उपयोग: औद्योगिक प्रक्रियाओं, जैसे औषधि संश्लेषण (जैसे- हेक और सुजुकी अभिक्रियाओं) में उत्प्रेरक (जैसे- पैलेडियम, प्लैटिनम, रोडियम) के रूप में प्रयुक्त होते हैं।