ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में MSMEs की भूमिका | Current Affairs | Vision IAS

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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) में 7.47 करोड़ से अधिक उद्यम शामिल हैं। ये विनिर्माण, सेवाओं तथा व्यापार गतिविधियों को मिलकर GDP में 31% का योगदान देते हैं। इन उद्यमों का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संचालित होता है। इस तरह ये वहां की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान करते हैं।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्थाओं में MSMEs की भूमिका

  • श्रम-प्रधान रोजगार: MSMEs कम पूंजी निवेश के बावजूद अधिक संख्या में रोजगार सृजन करते हैं। ये लगभग 32.8 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। रोजगार प्रदान करने के मामले में यह कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्रक है।
  • संकट की स्थिति में पलायन पर रोक: MSMEs कृषि-प्रसंस्करण  और ग्रामीण सेवाओं में स्थानीय आजीविका के अवसर उत्पन्न करते हैं। इससे गैर-कृषि मौसम में या संकट की स्थिति में पलायन कम होता है।
  • महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता: शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण भारत में महिलाओं के स्वामित्व वाले MSMEs (22.24%) अधिक हैं।
  • स्थानीय संसाधन-आधारित विकास को बढ़ावा: MSMEs स्थानीय कच्चे माल और पारंपरिक कौशल का उपयोग करते हैं, जो विकेंद्रीकृत और सतत उत्पादन को बढ़ावा देता है।
  • औपचारिक अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) जैसी संस्थाएं ग्रामीण उद्यमों को औपचारिक संस्थाओं यानी बैंकों से ऋण  दिला रही हैं और आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ जोड़ रही हैं। यही वजह है कि देश की अर्थव्यवस्था से कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी 48.5% है।

प्रमुख सरकारी पहलें

  • डिजिटल MSMEs प्रणालियां: उद्यम (MSMEs का ऑनलाइन पंजीकरण), GeM (सरकारी खरीद मार्केटप्लेस), TReDS (इनवॉइस के आधार पर वित्तीय सहायता), समाधान (विलंबित भुगतान के समस्या का समाधान) जैसे प्लेटफॉर्म प्रारंभ किए गए हैं।
  • पीएम विश्वकर्मा योजना: यह योजना पारंपरिक कारीगरों के कौशल विकास में और बाजार से जोड़ने में सहायता प्रदान करती है।
  • CGTMSE: सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट नामक यह संस्था बिना कुछ गिरवी रखे (कोलेटरल फ्री) मिले ऋण को गारंटी प्रदान करती है।
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP): यह क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है।
  • ASPIRE (नवाचार, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना): यह योजना ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
  • SFURTI (पारंपरिक उद्योगों के उन्‍नयन एवं पुनर्निर्माण के लिए कोष की योजना): यह योजना पारंपरिक उद्योगों के क्लस्टर-आधारित विकास में सहायता करती है।
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SFURTI

Scheme of Fund for Regeneration of Traditional Industries. It aims to organize traditional artisans and industries into craft clusters and provide them with common facilities, skill upgradation, and market access.

PMEGP

Prime Minister's Employment Generation Programme. A major credit-linked subsidy program aimed at generating self-employment opportunities through the establishment of micro enterprises.

CGTMSE

Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises. A trust established to provide collateral-free credit guarantees to micro and small enterprises, thereby facilitating their access to finance.

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