केंद्र सरकार ने इसके अलावा ए़डवांस ऑथराइजेशन (AA) स्कीम के तहत सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा लगा दी है। ए़डवांस ऑथराइजेशन स्कीम आभूषण निर्यातकों को कच्चे माल का शुल्क-मुक्त आयात करने की अनुमति देती है।
- ए़डवांस ऑथराइजेशन स्कीम विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की योजना है जो व्यापार को सुविधाजनक बनाती है। इसके तहत निर्यात उत्पादों के विनिर्माण के लिए कच्चे माल के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी गई है।
- उपर्युक्त कदम प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद उठाए गए।
सोने की बढ़ती मांग का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- व्यापार घाटा: वित्त वर्ष 2026 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा 333.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 284.5 बिलियन डॉलर से बहुत अधिक है।
- वित्त वर्ष 2026 में भारत का स्वर्ण आयात कुल 71.98 बिलियन डॉलर का रहा, जो 24.08% की वार्षिक वृद्धि है।
- बढ़ता चालू खाता घाटा (CAD): बढ़ते व्यापार घाटे के कारण अप्रैल 2026 के अपने अनुमानों में, IMF ने कहा कि 2026 में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 2% हो सकता है।
- चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) वह स्थिति है, जब किसी देश में वस्तुओं व सेवाओं का कुल आयात और देश से धन अंतरण (ट्रांसफर्स), उसके कुल निर्यात और विदेशों से धन अंतरण (ट्रांसफर्स) से अधिक हो जाता है।
- भारतीय रुपये का मूल्यह्रास: इसके परिणामस्वरूप आयात महंगा हो जाता है और यह RBI को स्थानीय मुद्रा को स्थिर करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करने के लिए बाध्य करता है।
- निष्क्रिय पूंजी (Dead Capital): घरों में जमा सोना औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रहता है। यह निवेश, अवसंरचना विकास या रोजगार सृजन में योगदान नहीं करता है।
स्वर्ण उपभोग की स्थिति
|