एक अध्ययन के अनुसार, रूस के साइबेरिया स्थित चागिरस्काया गुफा (Chagyrskaya Cave) में मिले दाढ़ (मोलर) के आधार पर यह संकेत मिलता है कि निएंडरथल लगभग 59,000 वर्ष पहले दंत चिकित्सा संबंधी प्रक्रिया करते थे।
निएंडरथल (होमो निएंडरथेलेंसिस) के बारे में
- अवधि: लगभग 400,000 से 40,000 वर्ष पूर्व।
- स्थान: इनका उद्विकास यूरोप और दक्षिण-पश्चिम तथा मध्य एशिया में हुआ, जबकि होमो सेपियन्स का उद्विकास अफ्रीका में हुआ था।
- शारीरिक संरचना: निएंडरथल का सिर लंबा और नीचे की ओर झुका हुआ होता था, उनकी नाक और मस्तिष्क बड़े होते थे, भौंहों के ऊपर मजबूत दोहरी मेहराब जैसी अस्थि संरचना होती थी, शरीर अपेक्षाकृत छोटा और गठीला होता था तथा ठोड़ी (chin) बहुत कम विकसित होती थी।
- आहार: ये मुख्य रूप से मांसाहारी थे, किंतु पेड़-पौधे से प्राप्त आहार भी ग्रहण करते थे।
- विशेषताएं: कुशल उपकरण निर्माता, पारंगत शिकारी, संवाद करने में सक्षम, आग जलाना और आभूषण बनाना जानते थे।
- हालांकि, उनके द्वारा जानवरों जैसी वास्तविक वस्तुओं की नकल कर प्रतिनिधित्वात्मक कला बनाने के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने भारत-सिंगापुर सहयोग ढांचे के अंतर्गत मल्टीपल मायलोमा (लाइलाज रक्त कैंसर) के उपचार हेतु CAR-T सेल थेरेपी विकसित करने के लिए एक समझौता किया है।
CAR-T सेल थेरेपी के बारे में
- CAR-T सेल थेरेपी को "लिविंग ड्रग" (सजीव औषधि) कहा जाता है क्योंकि इसमें रोगी की स्वयं की जीवित प्रतिरक्षा कोशिकाओं (T-कोशिकाओं) का उपयोग किया जाता है।
- यह एक प्रकार की इम्यूनोथेरेपी है जो प्रतिरक्षा कोशिकाओं, विशेष रूप से T-कोशिकाओं को संशोधित करती है, और उन्हें कैंसर से लड़ने वाले शक्तिशाली CAR-T कोशिकाओं में बदल देती है।
- T-कोशिकाएं वे विशिष्ट कोशिकाएं (श्वेत रक्त कोशिकाओं के प्रकार) होती हैं जिनका प्राथमिक कार्य साइटोटॉक्सिक (कोशिका-विषाक्तता) होता है। इसका अर्थ है अन्य कोशिकाओं को नष्ट करना।
- T-कोशिकाएं रोगी के खून से ली जाती हैं और लैब में उनमें एक कृत्रिम रिसेप्टर (जिसे CAR कहते हैं) का जीन डालकर उनमें बदलाव किया जाता है, और फिर उन्हें रोगी के शरीर में वापस डाल दिया जाता है।
- CAR ऐसे प्रोटीन होते हैं जो T-कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद किसी विशिष्ट प्रोटीन को पहचानने और उससे जुड़ने में सहायता करते हैं।
Article Sources
1 sourceएक अंतर्राष्ट्रीय समिति ने पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का नाम बदलकर PMOS कर दिया है।
- PCOS प्रजनन आयु की महिलाओं को प्रभावित करने वाला एक सामान्य हार्मोनल विकार है।
- इसमें, अंडाशय अतिरिक्त एण्ड्रोजन (पुरुष विशेषताओं को नियंत्रित करने वाले हार्मोन) का उत्पादन करते हैं, जिससे अनियमित मासिक धर्म, डिम्बग्रंथि पुटी (ovarian cysts), मुँहासे, वजन बढ़ना और प्रजनन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
- "PCOS" को भ्रामक शब्दावली माना गया क्योंकि इसके निदान वाली कई महिलाओं के अंडाशय पॉलीसिस्टिक नहीं होते हैं। नया नाम निदान और उपचार, दोनों को अधिक सटीक तरीके से प्रस्तुत करता है।
PMOS के बारे में:
PMOS अनेक हार्मोनल मार्गों, केंद्रीय चयापचय संबंधी विकारों तथा व्यापक शारीरिक जोखिमों को उजागर करता है।
- पॉलीएंडोक्राइन: कई हार्मोन-उत्पादक प्रणालियों की उपस्थिति।
- चयापचय संबंधी (Metabolic): इसमें चयापचय संबंधी विकार, इंसुलिन प्रतिरोध तथा हृदय-चयापचय संबंधी विकारों को प्रमुख विशेषताओं के रूप में माना जाता है।
- ओवेरियन: अनियमित मासिक धर्म, बंध्यापन और ओव्यूलेशन की समस्याएं।
- सिंड्रोम: यह एक जटिल बहु-प्रणाली संबंधी विकार है, न कि केवल किसी एक अंग से जुड़ी समस्या।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने 2025 के लाल किला विस्फोट में दुर्लभ विस्फोटक मिश्रण TATP के उपयोग को रेखांकित किया।
ट्राइएसीटोन ट्राइपरॉक्साइड (TATP) के बारे में
- इसे "मदर ऑफ सैटर्न" और एसीटोन पैरॉक्साइड के रूप में भी जाना जाता है। यह एक अर्ध-स्थिर क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ है, जो आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे तैयार करना अपेक्षाकृत आसान होता है।
- मुख्य विशेषताएं: यह कार्बनिक पैरॉक्साइड विस्फोटकों की श्रेणी से संबंधित है।
- यह टक्कर, घर्षण, स्थैतिक विद्युत और गर्मी की स्थिति में विस्फोट हो सकता है।
- यह अत्यधिक खतरनाक होता है, तथा इसकी अल्प मात्रा (1 ग्राम) भी आघात और क्षति पहुंचा सकती है।
- आतंकी घटनाओं में उपयोग: पेरिस (2015), ब्रुसेल्स (2016), मैनचेस्टर एरिना (2017) जैसे प्रमुख आतंकी हमलों में इसका उपयोग किया गया था।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण अप्रैल 2026 में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 3.5 साल के उच्च स्तर 8.3% तक पहुंच गई।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के बारे में:
- अर्थ: यह एक निश्चित अवधि के दौरान घरेलू बाजार में वाणिज्यिक लेनदेन के तहत थोक बिक्री के प्रथम बिंदु पर वस्तुओं के एक निश्चित समूह की कीमतों में औसत परिवर्तन को मापने वाला सूचकांक है।
- जारीकर्ता: इसे केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के तहत आर्थिक सलाहकार का कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है।
- आधार वर्ष: 2022-23
- बास्केट की संरचना: इसे तीन प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया गया है:
- प्राथमिक वस्तुएं (भारांश 22.62%): इसमें 4 उप-समूह शामिल हैं: खाद्य वस्तुएं; गैर-खाद्य वस्तुएं; खनिज; और कच्चा पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस।
- ईंधन और ऊर्जा (भारांश 13.15%): इसमें 3 उप-समूह शामिल हैं: कोयला; खनिज तेल; विद्युत।
- विनिर्मित उत्पाद (भारांश 64.23%): इसमें 22 उप-समूह शामिल हैं।
Article Sources
1 sourceकेंद्र सरकार ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ की 14 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में
- परिभाषा: यह एक ऐसा तंत्र है जिसके माध्यम से सरकार पूर्व-निर्धारित कीमत पर किसानों की फसलें खरीदकर उन्हें कीमत गिरने से सुरक्षा प्रदान करती है।
- सिफारिशें: केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) द्वारा इनकी सिफारिशें की जाती है।
- अंतिम स्वीकृति: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा।
- वैधानिक स्थिति: MSP को कोई वैधानिक दर्जा प्रदान नहीं किया गया है।
- शामिल फसलें: 22 फसलें। इसके अतिरिक्त, तोरिया की MSP रेपसीड और सरसों के आधार पर तथा छिलका-रहित नारियल की MSP कोपरा की MSP के आधार पर निर्धारित की जाती है।
- 14 खरीफ फसलें (जैसे- धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल, कपास)।
- 6 रबी फसलें (जैसे- गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड/सरसों, कुसुम)।
- 2 वाणिज्यिक फसलें (कच्चा जूट, खोपरा)।
चीन के राष्ट्रपति ने बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ वार्ता के दौरान "थ्यूसीडाइड्स ट्रैप" (Thucydides Trap) और पेलोपोनेसियन युद्ध का मुद्दा उठाया।
थ्यूसीडाइड्स ट्रैप के बारे में:
- उत्पत्ति: यह शब्दावली हार्वर्ड के राजनीतिक वैज्ञानिक ग्राहम एलिसन द्वारा गढ़ी गई थी।
- उन्होंने इसका नाम प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के नाम पर रखा था, जिन्होंने पेलोपोनेसियन युद्ध का विवरण लिखा था।
- पेलोपोनेसियन युद्ध एथेंस और स्पार्टा के बीच 431 ईसा पूर्व में शुरू हुआ एक लंबा युद्ध था।
- उन्होंने इसका नाम प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के नाम पर रखा था, जिन्होंने पेलोपोनेसियन युद्ध का विवरण लिखा था।
- अर्थ: यह उस खतरे का वर्णन करता है जो तब उत्पन्न होता है जब एक उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित (प्रमुख) शक्ति को विस्थापित करने की धमकी देती है, जिससे संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
- वर्तमान में प्रासंगिकता: इसका उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका (स्थापित शक्ति) और चीन (उभरती वैश्विक शक्ति) जैसे जटिल और तनावपूर्ण भू-राजनीतिक संबंधों का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
जापान में 'कॉमन क्राइटेरिया रिकॉग्निशन अरेंजमेंट' (CCRA) की पहली तिमाही बैठक के दौरान भारत को अप्रैल 2026 से अप्रैल 2028 तक CCDB के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया।
CCDB के बारे में:
- यह CCRA के तकनीकी केंद्र के रूप में कार्य करता है तथा 'कॉमन क्राइटेरिया' (CC) और सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा मूल्यांकन हेतु कॉमन मेथोडोलॉजी (CEM) की अंतरराष्ट्रीय काययोजना का प्रबंधन करता है।
- CCRA एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संधि है, जो विभिन्न देशों के बीच IT सुरक्षा प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता सुनिश्चित करती है। इसमें प्रमाणन-अधिकृत करने वाले 20 देश तथा प्रमाणन-उपयोग करने वाले 18 देश शामिल हैं।
- भारत और CCDB: भारत 2013 से प्रमाण-पत्र अधिकृत करने वाले राष्ट्र के रूप में CCRA का सक्रिय सदस्य रहा है।
- भारत में सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा मूल्यांकन के आधिकारिक प्रमाणन निकाय के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और STQC निदेशालय कार्य करते हैं।
Article Sources
1 sourceलातविया (राजधानी: रीगा)
लातवियाई प्रधानमंत्री ने यूक्रेन से संदिग्ध ड्रोन्स हमलों से जुड़ी कई घटनाओं से निपटने के सरकार के तरीके से असहमति जताते हुए त्यागपत्र देने की घोषणा की।

भौगोलिक अवस्थिति:
- स्थिति: लातविया उत्तर-पूर्वी यूरोप और तीन बाल्टिक देशों के मध्य स्थित है।
- बाल्टिक देशों में एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया शामिल हैं।
- स्थलीय सीमाएं: एस्टोनिया (उत्तर), रूस (पूर्व), बेलारूस (दक्षिण-पूर्व), और लिथुआनिया (दक्षिण)।
- समुद्री सीमाएं: बाल्टिक सागर और रीगा की खाड़ी।
भौगोलिक विशेषताएं:
- उच्चतम बिंदु: गाइज़िंकल्न्स
- प्रमुख नदियां: डौगावा, गौजा, वेंटा।