भोजशाला | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में विवादित भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर घोषित किया है। इससे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 2003 के एक आदेश को रद्द कर दिया गया है।

भोजशाला के बारे में

स्थापना: इसकी स्थापना 11वीं शताब्दी में मध्य प्रदेश के धार के परमार राजा भोज द्वारा की गई थी।

  • बाद में धार के मुस्लिम शासकों द्वारा इसे कमाल मौला मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया था।
  • यह वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है। इनकी प्रतिमा वर्तमान में ब्रिटिश म्यूजियम, लंदन में स्थित है।
  • प्रमुख विशेषताएं:
    • इसने संस्कृत शिक्षा के एक प्रमुख परिसर और केंद्र के रूप में कार्य किया।
    • यहां पत्थरों पर प्राकृत भाषा में विष्णु के कूर्मावतार (कच्छप अवतार) की दो स्तुतियां, शास्त्रीय कविताएं आदि उत्कीर्ण हैं।
    • दो 'सर्पबंध' स्तंभलेख भी प्राप्त हुए हैं जो संस्कृत व्याकरण से संबंधित हैं।

नोएडा में कर्मकारों के विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में, उच्चतम न्यायालय ने संविधान के राज्य की नीति के निदेशक तत्वों (DPSP) के तहत कर्मियों को "निर्वाह मजदूरी" (Living Wage) प्रदान करने के राज्य के दायित्व को रेखांकित किया।

  • DPSP के तहत अनुच्छेद 43 यह निर्देश देता है कि राज्य सभी कर्मकारों के लिए "निर्वाह मजदूरी" और सम्मानजनक जीवन स्तर सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।

निर्वाह मजदूरी के बारे में

  • निर्वाह मजदूरी वह पारिश्रमिक है जो एक कर्मकार को एक मानक साप्ताहिक कार्य के लिए इतना प्राप्त हो कि वह अपने और अपने परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन स्तर सुनिश्चित कर सके।
  • प्रायः, निर्वाह मजदूरी, न्यूनतम मजदूरी से अधिक होती है।
    • न्यूनतम मजदूरी, विधिक रूप से अनिवार्य वह न्यूनतम पारिश्रमिक होता है जो नियोक्ताओं को अपने कर्मकारों को अनिवार्य रूप से भुगतान करना होता है।

ईरान के विदेश मंत्री ने चाबहार बंदरगाह को भारत-ईरान सहयोग के एक प्रमुख प्रतीक के रूप में रेखांकित किया और इसे मध्य एशिया का 'स्वर्ण द्वार' बताया।

  • वर्ष 2018 में, एक भारतीय कंपनी 'इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड' (IPGL) ने चाबहार बंदरगाह के संचालन का कार्यभार संभाला था।
  • वर्ष 2024 में, चाबहार बंदरगाह के 'शहीद बेहिश्ती टर्मिनल' के संचालन के लिए 10 साल के समझौते (अनुबंध) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

चाबहार बंदरगाह के बारे में 

  • अवस्थिति: यह ओमान की खाड़ी में, दक्षिण-पूर्वी ईरान में मकरान तट पर सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है।
  • दो टर्मिनल: शहीद कलंतरी और शहीद बेहिश्ती।
  • यह ईरान का एकमात्र बंदरगाह है, जिसे सीधे हिंद महासागर तक पहुंच प्राप्त है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का एक प्रमुख घटक है, जो भारत, मध्य एशिया और रूस के बीच व्यापार को बढ़ावा देता है।

एक केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में नई विनिर्माण सुविधाओं का उद्घाटन किया।

विनिर्माण सुविधाओं के बारे में

  • राजस्थान के भिवाड़ी में लघु और मध्यम उद्यम (SME) के नेतृत्व वाली भारत की पहली सेमीकंडक्टर सुविधा:
    • यह एक ATMP (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) और OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग) सुविधा है।
    • इसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 'इलेक्ट्रॉनिक घटक और सेमीकंडक्टर विनिर्माण संवर्धन योजना' (SPECS) के तहत विकसित किया गया है।
      • SPECS योजना के तहत लक्षित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के लिए पूंजीगत व्यय पर 25% वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
      • SPECS के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2024 थी।
  • सलारपुर में ELCINA इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (EMC):
    • EMC योजना वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए अवसंरचना के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भारत का पहला सैटेलाइट-टैग्ड (उपग्रह द्वारा ट्रैक किया जाने वाला) भारतीय सॉफ्ट-शेल कछुआ छोड़ा गया है।

भारतीय सॉफ्ट-शेल कछुए के बारे में

  • इसे गंगा सॉफ्टशेल कछुए के नाम से भी जाना जाता है।
  • विशेषताएं:
    • यह ताजे जल के पर्यावासों में पाया जाता है।
    • इसकी पहचान इसकी उभरी हुई, नली जैसी थूथन और चपटे कवच से होती है।
    • इसके सिर के ऊपरी हिस्से पर तीर के आकार के विशिष्ट निशानों के कारण इसे नदी जल के अन्य कछुओं से अलग पहचाना जा सकता है।
  • वितरण और क्षेत्र: यह भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी मैदानों में सिंधु, गंगा, नर्मदा, महानदी और ब्रह्मपुत्र नदी घाटियों में पाया जाता है।
    • यह बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों में भी पाया जाता है।
  • संरक्षण स्थिति:
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA), 1972: अनुसूची-1
    • CITESपरिशिष्ट-1
    • IUCN लाल सूचीएंडेंजर्ड 

असम के होलोंगापार गिब्बन अभ्यारण्य में वेस्टर्न हूलॉक गिब्बन (Hoolock hoolock) के लिए रेलवे ट्रैक के ऊपर से एक कैनोपी ब्रिज का निर्माण किया गया है।

वेस्टर्न हूलॉक गिब्बन के बारे में

  • यह भारत मूल (नेटिव) की एकमात्र कपि/वानर (Ape) प्रजाति है।
  • प्राप्ति स्थल: भारत (पूर्वोत्तर राज्यों में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिण और दिबांग नदी के पूर्व के बीच); इसके अतिरिक्त यह प्रजाति बांग्लादेश और म्यांमार में भी पाई जाती है।
  • पर्यावास: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन, अर्ध-सदाबहार वन, उष्णकटिबंधीय मिश्रित पर्णपाती वन और उपोष्णकटिबंधीय चौड़ी पत्ती वाले पर्वतीय वन।
  • वे पेड़ों से पेड़ों पर झूलते हुए चलते हैं, जिसे ब्रैकिएशन (Brachiation) नामक गमन विधि कहा जाता है।
  • मुख्य खतरे: शिकार, वनों की कटाई, खनन और उत्खनन आदि।
  • संरक्षण स्थिति:
    • IUCN लाल सूचीएंडेंजर्ड, 
      • नोट: ईस्टर्न हूलॉक गिब्बन (पूर्वी हूलॉक गिब्बन) को वल्नरेबल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA) 1972: अनुसूची 1.

हाल के एक अध्ययन के अनुसार 2019 के बाद से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए गए सैइलाइट्स की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण ऊपरी वायुमंडल में शक्तिशाली और दीर्घकालिक 'ब्लैक कार्बन' या कालिख का प्रदूषण हो रहा है।

  • ब्लैक कार्बन, सूक्ष्म कणिका वायु प्रदूषण (PM2.5) का एक घटक है। यह लकड़ी, अपशिष्ट और जीवाश्म ईंधन के अपूर्ण दहन (अधूरे जलने) से उत्सर्जित होता है।

वायुमंडल पर प्रभाव:

  • कालिख के कणों का जमाव पृथ्वी की सतह तक पहुंचने वाले सूर्य के प्रकाश की मात्रा को कम कर रहा है। इस तरह यह एक प्रकार की जियो-इंजीनियरिंग की तरह कार्य कर रहा है।
    • यह कालिख पृथ्वी पर मौजूद स्रोतों से निकलने वाली कालिख की तुलना में वायुमंडल की ऊपरी परतों में अधिक समय तक मौजूद रहती है। इसके परिणामस्वरूप जलवायु पर इसका 500 गुना अधिक प्रभाव पड़ता है।
  • सैटेलाइट्स के प्रक्षेपण से वायुमंडल में क्लोरीन जैसे रसायन भी उत्पन्न हो सकते हैं जो ओजोन के साथ प्रत्यक्ष अभिक्रिया करके उसके क्षरण का कारण बन सकते हैं।

त्रिपुरा 'राष्ट्रीय अनुपालन न्यूनीकरण और अविनियमन (National Compliance Reduction and Deregulation) पहल के अविनियमन चरण-II के सभी प्राथमिक क्षेत्रों को पूरा करने वाला पहला राज्य बन गया है।

  • किसी उद्योग या क्षेत्रक पर से सरकारी निगरानी या नियंत्रण को कम करना या समाप्त करना अविनियमन (Deregulation) कहलाता है।

राष्ट्रीय अनुपालन न्यूनीकरण और अविनियमन पहल के बारे में

  • शुरुआत: कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में वर्ष 2025 में अनुपालन न्यूनीकरण और अविनियमन पर एक कार्यबल का गठन किया गया था।
  • उद्देश्य: अनावश्यक या पुराने नियमों की पहचान करना और उनके सरलीकरण की सिफारिश करना; न्यूनतम विनियमन के सिद्धांतों के अनुरूप कानूनों और प्रक्रियाओं में संशोधन करने के लिए राज्यों का मार्गदर्शन करना।
  • टास्क फोर्स ने 5 व्यापक क्षेत्रकों में 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रकों की पहचान की थी।
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रकों को कवर करने के लिए जनवरी 2026 में चरण-II शुरू किया गया था, जिसमें भूमि, भवन और निर्माण, उपयोगिताएं और अनुमतियां, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य-देखभाल, श्रम और व्यापक सुधार शामिल हैं।
Tags:
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

सर्पबंध

सर्पबंध संभवतः स्तंभों पर सर्प के आकार में उकेरी गई नक्काशी या डिज़ाइन को संदर्भित करता है। इस संदर्भ में, ये स्तंभलेख संस्कृत व्याकरण से संबंधित हैं और पत्थरों पर उत्कीर्ण हैं।

कूर्मावतार (कच्छप अवतार)

कूर्मावतार भगवान विष्णु का एक अवतार है जिसमें वे कछुए का रूप धारण करते हैं। यह अवतार समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है, जहाँ विष्णु ने मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया था।

वाग्देवी (सरस्वती)

वाग्देवी हिंदू धर्म में ज्ञान, संगीत, कला, बुद्धि और वाणी की देवी हैं। उन्हें अक्सर वीणा, पुस्तक और कमल धारण किए हुए चित्रित किया जाता है। भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना जाता है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet