ताइवानी लेखिका और ‘ताइवान ट्रैवलॉग’ की लेखिका यांग शुआंग-ज़ी तथा अनुवादक लिन किंग ने अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026 जीता।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के बारे में
- यह अंग्रेजी में अनुवादित और यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित किसी एक पुस्तक को प्रतिवर्ष दिया जाता है।
- इसे 2005 में मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार के रूप में स्थापित किया गया था।
- अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के भारतीय विजेता:
- गीतांजलि श्री (2022 में): रेत समाधि (टॉम्ब ऑफ सैंड) के लिए, डेज़ी रॉकवेल द्वारा अनुवादित। यह अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली हिंदी कृति थी।
- बानू मुश्ताक (2025 में): हार्ट लैंप पुस्तक के लिए। दीपा भास्थी द्वारा अनुवादित। इस पुरस्कार को जीतने वाली पहली कन्नड़ कृति थी।
नोट: अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, बुकर पुरस्कार से अलग है, जो मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई कृति को दिया जाता है।
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1 sourceकेंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने "अरुणाचल कीवी: अरुणाचल प्रदेश की USP" मिशन का शुभारंभ किया।
- यह मिशन "ब्रांड नॉर्थ ईस्ट" — ‘प्रत्येक राज्य के लिए एक USP’ के अंतर्गत आता है: जैविक राज्य (सिक्किम), अदरक (मिजोरम), क्वीन अनानास (त्रिपुरा), कॉफ़ी (नागालैंड), लकडोंग हल्दी (मेघालय)।
अरुणाचल जैविक कीवी के बारे में
- यह अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख नकदी फसल है। यह लोअर सुबनसिरी जिले की देशज कृषि प्रथाओं से जुड़ी है।
- अनुकूल दशाएं: समशीतोष्ण जलवायु, सुस्पष्ट मौसम, जैविक पदार्थों से समृद्ध उपजाऊ मृदा।
- जैविक प्रमाणीकरण: अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (MOVCD-NER) के तहत 2020 में कीवी की खेती के लिए जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य बना।
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1 sourceकेंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि वह अलकनंदा और भागीरथी नदी बेसिन में किसी भी अन्य नई जल-विद्युत परियोजना को अनुमति देने के पक्ष में नहीं है।
भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन के बारे में
- इसे 2012 में अधिसूचित किया गया था।
- विस्तार: यह गोमुख से उत्तरकाशी तक 4179.59 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में विस्तृत है।
- जोनल मास्टर प्लान (ZMP): उत्तराखंड सरकार को वाटरशेड दृष्टिकोण के आधार पर ZMP तैयार करने का आदेश दिया गया।
- इको-सेंसिटिव जोन (ESZ): ये क्षेत्र संरक्षित क्षेत्रों या अन्य प्राकृतिक स्थलों जैसे विशेष पारिस्थितिक तंत्रों के लिए ‘शॉक एब्जॉर्बर’ के रूप में कार्य करते हैं।
शोधकर्ताओं ने अब तक ज्ञात सबसे कम कक्षीय परिक्रमा अवधि वाली तारकीय बाइनरी प्रणालियों (shortest-period stellar binary systems) में से एक की खोज की है। इनमें एक ब्लू स्ट्रैगलर तारा एक दुर्लभ ब्राउन ड्वार्फ के साथ अत्यंत संकुचित कक्षा में स्थित है।
- ब्लू स्ट्रैगलर तारा: तारों के समूह में समान आयु के अन्य तारों की तुलना में अधिक चमकीले और नीले रंग के दिखाई देते हैं, जो तारों के उद्भव के मानक मॉडल को चुनौती देते हैं।
- ब्राउन ड्वार्फ: ये खगोलीय पिंड इतने विशाल होते हैं कि उन्हें ग्रह नहीं कहा जा सकता, लेकिन इतने छोटे होते हैं कि वे तारों की तरह परमाणु संलयन को जारी नहीं रख सकते।
खोजे गए बाइनरी सिस्टम का विवरण
- यह ‘ब्राउन ड्वार्फ डेजर्ट’ क्षेत्र में स्थित है, जहाँ इस प्रकार के साथी पिंड अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं।
- कक्षा में एक परिक्रमा की अवधि: 5.6 घंटे (0.234 दिन)।
- पिंड का द्रव्यमान: सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 0.056 गुना, जो इसे हाइड्रोजन-बर्निंग सीमा के नीचे बनाए रखता है।
- प्रगति (PRAGATI) का अर्थ है; हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और रूपांतरण हेतु क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी।
- यह मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन में भारतीय सेना के नेतृत्व में आयोजित होने वाला एक बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- प्रतिभागी देश: कुल 12 राष्ट्र (भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम)।
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1 sourceअल्फ्वेनिक/किंक तरंगों से उत्पन्न तरंग-जनित व्यवधान पर नया अध्ययन, सूर्य की सतह की तुलना में उसके कोरोना के अत्यधिक उच्च तापमान होने की व्याख्या कर सकता है।
- सूर्य कोरोना: सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत जो सूर्य की सतह से अंतरिक्ष में लाखों किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है।
- तापमान विरोधाभास: कोरोना का तापमान लगभग 1 मिलियन °C तक पहुँच जाता है, जो सूर्य की सतह/ प्रकाश मंडल के तापमान (लगभग 5,500°C) से कहीं अधिक है।
अल्फ्वेनिक/किंक तरंगों के बारे में
- अल्फ्वेनिक/किंक तरंगें: ये अनुप्रस्थ मैग्नेटोहाइड्रोडायनामिक (MHD) तरंगें हैं, जो सूर्य के कोरोना में चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ चलती हैं और कोरोना की प्लाज्मा संरचनाओं में पार्श्व (साइडवेज) दोलन उत्पन्न करती हैं।
- कोरोना के उच्च तापमान को समझने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
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1 sourceFAO ने भारत के प्रधानमंत्री को अपने प्रतिष्ठित एग्रीकोला पदक (Agricola Medal) से सम्मानित किया।
- एग्रीकोला पदक, FAO का सर्वोच्च सम्मान है, जो असाधारण नेताओं को भुखमरी को मिटाने, गरीबी कम करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा एवं पोषण सुनिश्चित करने के FAO के मिशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
FAO के बारे में
- स्थापना: 1945 में स्थापित।
- यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषीकृत एजेंसी है। इसका उद्देश्य भुखमरी को समाप्त करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करना है।
- मुख्यालय: रोम (इटली)।
- सदस्य: 193 सदस्य राष्ट्र, एक सदस्य संगठन, और दो एसोसिएट सदस्य।
- प्रकाशित प्रमुख रिपोर्ट्स: द स्टेट ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर, द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स फॉरेस्ट्स आदि।
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1 sourceRBI ने तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ाने के लिए तीन साल की अवधि के लिए 5 बिलियन डॉलर के डॉलर-रुपया स्वैप नीलामी की घोषणा की है।
- यह स्वैप, RBI की ओर से एक साधारण खरीद/ बिक्री विदेशी मुद्रा स्वैप की प्रकृति का है।
- एक बैंक RBI को अमेरिकी डॉलर बेचेगा और साथ ही स्वैप अवधि के अंत में समान मात्रा में अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए सहमत होगा।
डॉलर-रुपया स्वैप के बारे में
- यह विदेशी मुद्रा (Forex) तरलता प्रबंधन का एक साधन है, जिसमें RBI अमेरिकी डॉलर और भारतीय रुपये का विनिमय करता है तथा भविष्य में इस लेनदेन को वापस करने का समझौता होता है।
- उद्देश्य: रुपये की तरलता का प्रबंधन करना, विदेशी मुद्रा बाजारों को स्थिर करना और विनिमय दर की अस्थिरता को कम करना।